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नई दिल्ली : देश में तालाबंदी होने के बाद दिल्ली में रह रहे दूसरे राज्यों से आये कामगारों के सामने परेशानियां खड़ी हो गई हैं। कामधंधो के बंद होने के बाद जब इनके सामने भोजन और रूपये पैसे की किल्लत आने लगी, तो इनका दिल्ली से पलायन शुरू हो गया। भारत के प्रधानमंत्री द्वारा 21 दिवसीय लॉकडाउन की घोषणा को इन्होने कोई तव्वजो नहीं दी। इनकी इस हरकत से समाज में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा अधिक बढ़ गया हैं।
गृह मंत्रालय ने पलायन रोकने के सख्त आदेश दिए हैं। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने लोगों के पलायन को रोकने के लिए सकारात्मक प्रयासों की शुरुआत की हैं—–
यह हैं लोधी कालोनी के थाना प्रभारी सुनील ढाका — यह यहां मजदूरों को कुछ समझा रहे हैं …
यही दक्षिण का दिल्ली पॉश इलाके में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर हैं —- इनको इलेक्ट्रिसिटी केबल बिछाने के लिए ठेकेदार बिहार से लाया था—-लॉकडाउन के ऐलान के बाद, ठेकदार इनको संकट की घड़ी में छोड़कर भाग गया—-
इनके पास जो राशन पैसा बचा था वो भी ख़त्म हो गया—- भूख से बेहाल यह अपने गाँव जाने के लिए निकले थे —– लोधी कॉलोनी थाना प्रभारी सुनील ढाका को गश्त के दौरान सड़क पर मिले —– थाना प्रभारी ने इनकी हर मदद का वादा कर इनको पलायन करने से रोका —– थाने के स्टाफ के साथ मिलकर इनके लिए कच्चे खाद्यान्न का प्रबंध किया गया —- हर एक मजदूर को 10 दिन के लिए राशन का सामान बांटा गया—–इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए सुनील ढाका ने इन मेहनतकश 40 मजदूरों को लॉक डाउन की अवधि तक गोद लेने का ऐलान किया —–
दूसरी तरफ नई दिल्ली इलाके के बाराखम्बा थाना क्षेत्र में लॉक डाउन होते ही पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया —- थाना इंचार्ज प्रह्लाद यादव ने अपने थाना स्टाफ से एक सूची तैयार करवाई —- इस सूची में इलाके की सारी कारोबारी इमारतों तथा शंकर मार्किट में काम करने वाले मजदूरों को समझा कर उन्हें दिल्ली से पलायन न करने के लिए रजामंद कर लिया । थाना प्रभारी ने मानवता का परिचय देते हुए मुश्किल की इस घड़ी ,में उनके साथ खड़े रहने का वादा किया —- थाना प्रभारी ने थाना स्टाफ के साथ उनके लिए सुबह और शाम रोजाना खाने के लिए राशन का प्रबंध किया।
सेंट्रल दिल्ली के प्रशाद नगर थाना क्षेत्र में ताला बन्दी के बाद बहुत से लोगों के पास न रोजगार बचा और न ही छत, खाने के भी लाले थे । थाना इंचार्ज धीरज सिंह ने इनसे मिटिंग करके इनका दिल्ली से पलायन रदद् करवा कर लाकडाउन की अवधी तक रहने और खाने की व्यवस्था अपने थाना क्षेत्र में करवा दी । थाना इंचार्ज की सलाह मान कर इन लोगों ने दिल्ली में ही रहने का फैसला कर लिया है ।
सेंट्रल दिल्ली का पहाडग़ंज एरिया जो होटल्स कहलाता है । कोरोना वाइरस का खतरा सबसे ज्यादा इस इलाके में बना हुआ था । लॉकडाउन के बाद सभी होटल्स और रेस्टोरेंट पर ताले लगा दिये गए । होटल में काम करने वाली हजारों लेबर और होटल में जो यात्री ठहरे थे उनको होटल में ही रोक दिया गया । ऐसे में पहाड़गंज एसीपी, ओमप्रकाश लेखवाल, थाना इंचार्ज सुनील चौहान के साथ संगतराशन चौकी इंचार्ज के आगे बहुत बड़ा चैलेंज था । ऐसे में पुलिस स्टाफ ने मिलकर कुछ होटल्स में रसोई शरू करवाई। इन रसोइयों में पुलिस ने यात्रियों और लेबर के लिए खाने बनवाने का इंतजाम करवाया । अब पहाडग़ंज थाना पुलिस हज़ारो लोगों को दिन ओर रात रेलवे स्टेशन के बेघरों, मजदुरों, होटल में ठहरे यात्रियों और होटल लेबर को खाना खिला रही है ।
दिल्ली में लोकल थानों के अलावा दिल्ली पुलिस के अन्य विभागों ने भी इस देश मे संकट की घड़ी में मानव सेवा का जज्बा दिखाया ।
साउथ वेस्ट जिले में यातायात के acp संकेत कौशिक ने मिलकर उत्तम नगर बस टर्मिनल में बेघर तथा मजदूरो को अन्न देकर पुलिस के सेवा धर्म का निर्वाहन किया ।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच भी देश सेवा के साथ इंसानियत की सेवा में आगे आई । एसीपी वेद प्रकाश ने रोहिणी क्षेत्र में जरूरतमंद लोगों को अन्न का वितरण किया ।
दिल्ली पुलिस द्वारा सेवा का यह प्रयास तब तक लगातार जारी है। पुलिस की इस कोशिश से मजबूर और गरीब लोगों को हौसला मिला है जिससे पलायन का सिलसिला रोकने में कामयाबी मिली है ।:
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