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ठक ठक गैंग के पास मिले 7 लाख के मोबाइल, 5 बदमाश गिरफ्तार

अपहरण भी किया करता था यह ठक ठक गैंग  

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स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर सुनील शर्मा (बीच में खड़े) के साथ `ठक ठक` गिरोह के 5 बदमाश (बैठे हुए) 
नार्थ दिल्ली : नार्थ डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ की टीम ने एक बार फिर मेरठ से ताल्लुक रखने वाले अपराधी गैंग का पर्दाफाश किया है। बीते दिनों स्पेशल स्टाफ की टीम ने मेरठ के अवैध हथियार सप्लायर मुल्ला ओवेश अंसारी को गिरफ्तार किया था। इस बार स्टाफ की टीम ने मेरठ के `ठक ठक’ गैंग के 5 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस गैंग के लोग अपहरण फिरौती जैसे जुर्म को भी अंजाम दिया करते थे। इसमें कुछ लोग जेल से पैरोल पर बाहर आये  हैं।  इनके पास से तीन अवैध देशी कट्टे तथा 18 कीमती मोबाईल बरामद हुए हैं इन्होने तक़रीबन 500 चोरी के मामले कबूल किये हैं।
नार्थ दिल्ली और एनसीआर इलाकों में `ठक ठक` गैंग की बढ़ती वारदातों ने पुलिस को खासा परेशान रखा है । पुलिस ने सड़कों, गली मुहल्लों में बढ़ते अपराधों पर लगाम कसने के लिए `रोको टोको` नाम से अपना अभियान चलाया हुआ है।
`ठक ठक` जैसे अपराधों पर लगाम कसने के लिए नार्थ डिस्ट्रिक्ट डीसीपी एन्टो अल्फोंस ने खास मीटिंग बुला कर गैंग को पकड़ने के लिए विशेष निर्देश जारी किये।
नार्थ डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ एसीपी जयपाल सिंहइंस्पेक्टर सुनील कुमार  ने स्टाफ के सदस्यों को इस गैंग की इन्फॉर्मेशन इकठ्ठी करने के काम पर लगा दिया। सब इंस्पेक्टर राकेश कुमार, एएसआइ राजकुमार, हवलदार दीपक, हवलदार आसमोहम्मद, हवलदार अंसार खान, हवलदार मंजीत, हवलदार पुनीत, सिपाही रविंदर इन गैंग की बारे में सूचनाओं की कड़ी जोड़ने में लग गए।
स्पेशल स्टाफ के हवलदार दीपक त्यागी द्वारा जुटाई गई जानकारी के अनुसार ठक ठक गैंग की दिल्ली में प्रदेश करने की सूचना प्राप्त हुई। पुलिस ने गैंग के कुछ लोगों के नंबर को तकनीकी रडार पर लेकर। 18 मार्च देर रात दिल्ली के पुराने यमुना के पुल नानकसर गुरद्वारे के पास स्विफ्ट कार में सवार 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। जिसमे मोहम्मद मेहफ़ूज  (35), युसूफ उर्फ़ चेतन (34), मोहम्मद मेहताब (34),  शकील (30), नासिर उर्फ़ कालिया (35)।  इनके पास से 3 देश कट्टे, 6 जिन्दा कारतूस, 18 कीमती मोबाइल जिनकी कुल कीमत लगभग सात लाख है और एक स्विफ्ट कार बरामद हुई है।
`ठक ठक` गिरोह से बरामद 7 लाख़ के कीमती मोबाइल 
पूछताछ के बाद इन बदमाशों ने खुलासा किया कि गिरोह के सभी लोग स्विफ्ट कार में  चलते हैं और भीड़ भाड़ वाली सड़कों पर अपना शिकार तलाशते थे। जिन गाड़ियों के डेशबोर्ड या पीछे वाली सीट पर मोबइल फोन और पर्स, बैग रखे होते थे।  जिन कारों में अकेला ड्राइवर होता था, उन कारों में यह `ठक ठक’ का अपना खेला कर देते थे । इस गैंग का एक आदमी उस कार के पास जाता और  जोर जोर से शीशा पीटने लगता था । योजना के अनुसार शीशा पर जोर जोर से हाँथ मारते थे जैसे शीशे को तोड़ डालेंगे । इस गैंग का एक सदस्य कभी कार के पहियें के नीचे पैर आने की बात करते तो कभी टायर पंचर का झूठा कारण बता कर किसी तरह उस कार का शीशा खुलवा देते। यह वारदात को अंजाम देने के लिए बड़ी चतुराई का इस्तेमाल करते थे। पहले उस तरफ का शीशा खुलवाते थे जिस तरफ सामान रखा होता था। उस शीशे के खुलते ही उसकी विपरीत दिशा की और लगे शीशे को जोर जोर से बजाने लगते थे । कार चालक जैसे ही दूसरी तरफ देखता उसका सामान उठाकर चंद सेकंड में फरार हो जाते थे।
मुल्ला ओवेश अंसारी मेरठ का अवैध हथियार सप्लायर  
इस गैंग का मुख्य सरगना  महफूज है जो अपराध को अंजाम देने के मेरठ के आमिर सैफी नाम के सप्लायर से हथियार खरीदता था। यह राज मुल्ला ओवेश अंसारी ने खोला जिसे 15 मार्च को नार्थ डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ ने मेरठ से गिरफ्तार किया था इसके पास से 6 अवैध पिस्टल और कट्टे बरामद किये गए थे। इस ठक ठक गैंग के पाँच लोगों की गिरफ्तारी से दिल्ली और उत्तर प्रदेश के 8 ठक ठक के मामले खुले हैं।
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