पाँच कुख्यात बदमाशों और हथियार सप्लाई करने वाला (नीचे बैठे हुए)
नार्थ दिल्ली : नार्थ दिल्ली की स्पेशल स्टाफ की टीम ने पिस्टल और तमंचों के बल पर लूटपाट करने वाले 5 लुटेरों के साथ ही एक हथियार सप्लायर भी पकड़ा है जो इन बदमाशों को पिस्टल और तमंचे मेरठ से सप्लाई किया करता था।
नार्थ दिल्ली ऑपरेशन के एसीपी जयपाल सिंह और स्पेशल स्टाफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार की टीम को एक लूट की वारदात में शामिल 5 लुटेरों तक पहुँचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इन लुटेरों की गिरफ्तारी के साथ साथ पुलिस को एक और कामयाबी मिल गई। इन बदमाशों ने पुलिस को मेरठ के उस हथियार सप्लायर तक पहुँचा दिया जिससे हथियार खरीद कर जुर्म को अंजाम दिया करते थे।
इनके अपराध की कहानी 3 मार्च से शुरू होती है जब इन लुटेरों ने मिलकर उत्तरी दिल्ली के वजीराबाद इलाके में एक पैदल चलते शख्स पहले पीटा और फिर लूट लिया। दो स्कूटी सवारों ने पिस्टल दिखाकर एक फयरिंग की फिर उस शख्स का मोबाइल छीन कर फरार हो गए । वहां मौजूद बहुत से लोगों ने वारदात को खुली आँखों से देखा। इस घटना के बाद पुलिस को पीसीआर काल की गई। घटना स्थल पर पुलिस ने आस पास के CCTV कैमरों में वारदात के सबूत तलाशने की कोशिश की मगर वहां दुर्भाग्यवश एक भी CCTV कैमरा नहीं था।
प्रेस को सम्बोधित करते हुये डीसीपी एन्टो अल्फोंस (बीच में) एसीपी जयपाल सिंह (दाई ओर) इंस्पेक्टर सुनील कुमार (बाईं तरफ)
इसके बाद मामले की तफ्तीश का जिम्मा एसीपी जयपाल सिंह के निर्देशन में स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को सौंप दिया गया। स्पेशल स्टाफ की टीम तैयार की गया जिसमें सब इंस्पेक्टर राकेश, सब इंस्पेक्टर विनीत, सब इंस्पेक्टर हंसाराम, एएसआई विनोद कुमार, एएसआई हरफूल सिंह, एएसआई यशपाल सिंह, हवलदार मंजीत, हवलदार परवीन, हवलदार यतिंदर, सिपाही रविंदर और सिपाही प्रवीण को शामिल किया गया।
स्पेशल स्टाफ की टीम के साथ नीचे बैठे गिरफ्तार 6 आरोपी, बरामद हथियार और चोरी के वाहन
स्टाफ की टीम ने घटना स्थल के आस पास का मुआयना कर लोगों से पूछताछ करनी शुरू कर दी। पुलिस को पहला सुराग जब हांथ लगा जब एक व्यक्ति ने बदमाशों की स्कूटी का नंबर पुलिस को बता दिया। काले रंग की स्कूटी जिसका नंबर 5584 है जिसका इस्तेमाल लुटेरों ने वारदात के लिए किया था। पुलिस ने स्कूटी का पता किया तो यह सेंट्रल दिल्ली के पटेल नगर, करोल बाग़ इलाके से चोरी की गई थी जिसकी रिपोर्ट वहां दर्ज थी।
अब स्पेशल स्टाफ की टीम ने सेन्ट्रल दिल्ली पहुँच कर जिस जगह से स्कूटी चोरी हुई थी वहां आसपास सीसीटीवी कैमरों की जांच की। पुलिस को सीसीटीवी में स्कूटी चोरी करते चार लोग दिखाई दिए। पुलिस को इन चारों की पहचान हो गई इनमें हसिम, लोकेश, जावेद, दलीप के नाम पुलिस के सामने आये। स्टाफ की टीम ने मुखबिरों की मदद से सबसे पहले पुलिस ने हाशिम और लोकेश को पकड़ा। हाशिम गैंग का सरगना है इसके गैंग में आधा दर्जन से ज्यादा लड़के हैं यह सभी लूटपाट राहजनी किया करते थे। लोकेश और हसिम से वारदात के वक्त इस्तेमाल पिस्टल और 21 जिन्दा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में पता चला की इनके इस गैंग के दो बदमाश मोनू और गौरव भी लूटपाट के लिए पिस्टल रखते हैं। पुलिस ने लोकेश और हसिम की निशानदेही पर मोनू और गौरव को गिरफ्तार कर लिया। इस तरह स्पेशल स्टाफ द्वारा पाँच बदमाशों गिरफ्तार कर लिया गया। मगर इनका एक साथी दलीप जो अभी फरार है वो लूट जैसे वारदातों का सूत्रधार है। जिसकी पुलिस को तालाश है।
पुलिस द्वारा बरामद अवैध हथियार
इस गैंग का प्रत्येक बदमाश मर्डर, लूटपाट जैसे आपराधिक मामलों में शामिल है। इनके अपराधों की फेहरिस्त से पता चल जायेगा यह लोग कितने कुख्यात बदमाश हैं। इस गैंग के सरगना हासिम पर 6 लूटपाट के मामले पहले से दर्ज हैं। इसके साथी गौरव पर 9 मामले, मोनू पर 5 मामले दर्ज है। जावेद पर भी 2 केस दर्ज हैं, यज सात साल जेल की भुगत रहा था फ़िलहाल पैरोल पर बाहर आया हुआ है। लोकेश पर 2 आपराधिक मामलों का अपराधी हैं।
मेरठ का अवैध हथियार सप्लायर ओवेश अंसारी
नार्थ डिस्ट्रिक्ट दिल्ली डीसीपी एन्टो अलफोंस ने बताया कि “इन पाँचों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का फोकस इनके पास से बरामद हथियारों पर टिक गया। आगे की पूछताछ में इन बदमाशों से हथियारों के बेचने वालों का राज उगलवा लिया गया । पुलिस को इन बदमाशों से जानकारी मिली की मेरठ में मुल्ला ओवेश अंसारी नाम का शख्स हथियारों की सप्लाई करता है। इन बदमाशों के पास से जो हथियार बरामद हुए हैं वो ओवेश अंसारी से खरीदे गए थे । पुलिस ने इन बदमाशों के माध्यम से ओवेश से लिसाड़ी गेट, मेरठ में सम्पर्क साधा । पुलिस ने फ़र्ज़ी ग्राहक के तौर पर उससे हथियार खरीदने के लिए सम्पर्क किया । आवेश पुलिस के बिछाए जाल में फंस गया और अवैध हथियारों के साथ पकड़ लिया गया। उसके पास से पुलिस को सात पिस्टल और तमंचे बरामद हुए। ओवेश पर हत्या की कोशिश और दंगे के दो मुक़दमे दर्ज हैं”।
पुलिस ओवेश की गिरफ्तारी के बाद अपनी पीठ थपथपा रही है क्योंकि लूट की वारदात के खुलासे के साथ साथ हथियारों के तस्कर तक पहुँचने में बड़ी कामयाबी मिली है।