

नई दिल्ली : दिल्ली में लक्ज़री कारों की चोरी करने वाले पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुके हैं । कार चोरी की मार सबसे ज्यादा वो लोग झेल रहे हैं जो पॉश कॉलोनियो में रहते हैं, रोजाना कार चोरी के मामले आना दिल्ली में एक आम बात बन चुकी है ।
दक्षिणी दिल्ली के मैदानगढ़ी पुलिस स्टेशन के स्टाफ ने देश मे वाहन चोरी करने वाले गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है । मोहम्मद साजिद, सोनू, आकाश राठौर और मुन्ना खान को चोरी के वाहनों के साथ पकड़ा है ।
इनके पास से चोरी की 6 लक्ज़री कारें, वारदात में इस्तेमाल किया जाने वाला ऑटो रिक्शा, स्कूटी व मोटरसाइकिल के साथ साथ चुराए हुए कई कारों के ECM, अलग अलग कारों में लगने वाली 34 डुप्लीकेट चाबियाँ, कारों की टूल किट, एक VVDI मिनी टूल किट, एक ONE X-100 PAID2 टूल किट, ऑटोमेटिक कार के सिस्टम को डिकोड करने वाला डिजिटल टैब, 10 नये लॉकसेट डिजिटल चाबी के साथ, कार के लॉक तोड़ने के औजार, 8 मोबइल बरामद किये गए हैं ।
3 सितम्बर को आधी रात को छत्तरपुर एन्क्लेव से एक स्कॉर्पियो कार चोरी की शिकायत पुलिस स्टेशन मैदानगढ़ी थाने में दर्ज करवाई गई । कार चोरी की इस वारदात को सुलझाने के लिए सब इंस्पेक्टर राम सिंह, सब इंस्पेक्टर गजेन्द्र, सब इंस्पेक्टर उमेश यादव (चौकी इंचार्ज, संजय कोलोनी), सब इंस्पेक्टर संजीव, सब इंस्पेक्टर भोजराज, पीएसआई रवि राणा, पीएसआई मोहित कुमार, एएसआई किशोर, हवलदार धर्मेंद्र, हवालदार कृष्ण, सिपाही, कमल प्रकाश, नरेंद्र, सोमवीर व संजय के साथ खुद एसीपी महरौली रणबीर सिंह व एसएचओ जतन सिंह ने शिरकत की ।
पुलिस टीम ने कार चोरी की घटना की जगह पर लगे CCTV फुटेज के वीडियो फुटेज निकाले, उसमें कुछ लोग ऑटो में आये और औजारों से चंद मिनटों में कार खोली और लेकर चलते बने ।
पुलिस ने आसपास के रोड पर लगे कई सीसीटीवी कैमरों से वीडियो एकत्रित कर उनकी बारिकी से जांच की । पुलिस ने ऑटो रिक्शा के नम्बर को फोकस किया मगर उसके नम्बर साफ नजर नही आ रहे थे । पुलिस ने अंदाजे से कुछ मिलते जुलते नम्बर बदल बदल कर डाले । इसके बाद इन संदिग्ध दिखने वाले नम्बरों को यातायात के चालान ब्यौरे से जांच की गई । अलग अलग तरीके से ऑटो के नम्बर को काफी प्रयास के बाद पहचान लिया गया । पुलिस ऑटो रिक्शा के कागजात में दिए पते पर पहुंच गई मगर वो पता गलत था ।
अब इस ऑटो के जरिये से पुलिस ने अपराधियों तक पहुंचने के लिए 7 सबइंस्पेक्टर, 1 एएसआइ, 2 हवलदार, 4 सिपाहियों की अलग अलग टीम बनाई गई । पुलिस के पास जितनी सूचनाएं उपलब्ध थी उस पर लगातार तफ़्तीश जारी रही । लोकल मुखबिरों से भी पुलिस ने सम्पर्क बनाया । 9 सितम्बर को सब इंस्पेक्टर रवि राणा को सूचना मिली कि छतरपुर एनक्लेव में उस रात चोरी के वक्त जो ऑटो वारदात की जगह पर था उसे छत्तरपुर इलाके देखा गया है ।

पुलिस ने जाल बिछाकर ऑटो चालक गिरफ्तार कर लिया । इसकी पहचान आकाश राठौर के नाम से हुई है । आकाश की निशानदेही पर मोहम्मद साजिद को चोरी की ब्रीजा कार के साथ दिल्ली से सराय काले खां से गिरफ्तार किया गया, मोहम्मद साजिद ने सोनू के मिलने का ठिकाना बता दिया अतः पुलिस ने सोनू को कश्मीरी गेट से गिरफ्तार कर लिया । सोनू के पास से 5 लक्ज़री कारें बरामदी हुई है। कार चोरी के कई औजार व डिजिटल उपकरण बरामद हुए हैं ।

दक्षिण डिस्ट्रक्ट डीसीपी अतुल ठाकुर ने बताया “यह ऑटो को इलाके में रैकी के लिए घुमाते थे फिर किसी खड़ी कार की तस्वीरों को साजिद को भेजते थे । इसके बाद साजिद मुन्ना खान और सोनू औजारों और डिजिटल उपकरण लेकर आते थे और मिनटों में कार लेकर फरार हो जाते थे । छतरपुर एनक्लेव में 3 सितम्बर को स्कॉर्पियो इसी गैंग ने चुराई थी, यह बात इन्होंने कबूली है”।
यह कार चोरी गैंग को मोहम्मद साजिद चलता है जो बक्सर बिहार का रहने वाला है । मुन्ना खान, आकाश, सोनू इसके लिए कार चोरी किया करते थे । बिहार के बक्सर में जिस कार की डिमांड आती थी वही कार चुराकर साजिद को लाकर देते थे । फिर उस कार को बिहार जाकर बेच दिया जाता था ।
इस कार चोर गैंग की गिरफ्तारी से 6 वाहन चोरी के मामले खुल गए हैं । मुन्ना खान एटा उत्तर प्रदेश का रहने वाला है । इसपर यूपी व बिहार में 2 आपराधिक मामले दर्ज हैं । आकाश राठौर छत्तरपुर दिल्ली का तथा सोनू गाजियाबाद यूपी का है । इसपर कई अलग अलग आपराधिक मामले दर्ज हैं । आकाश राठौर छत्तरपुर दिल्ली का है इसपर चोरी, रॉबरी के 2 मामले दर्ज हैं ।
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