
नई दिल्ली : दुनिया में अभी तक कोविड-19 से पीड़ित मरीज़ों की संख्या 42 लाख से ज़्यादा हो गई है। इस महामारी से सिर्फ़ आमजन ही नही बल्कि वो लोग भी पीड़ित हो रहें हैं जो लोगों को इस बीमारी से निजात दिलाने या उससे दूर रखने में मदद कर रहे है। इनमें डाक्टर- मडिकल स्टाफ़, सी॰आई॰एस॰एफ़॰ के जवान, शिक्षक, सफ़ाई कर्मचारी जैसे लोग शामिल है। जिन्हें आजकल frontline warriors के नाम से भी जाना जा रहा है। इनमे एक और नाम शामिल है जो लोगों की दिन- रात सेवा कर रहा है ना सिर्फ़ लोगों की सुरक्षा, क़ानून, लॉ एंड ऑर्डर का ज़िम्मा सम्भाले हुए है बल्कि लोगों की इस बीमारी से भी जूझने में सहयोग कर रहे हैं और वो है पुलिस।

पुलिस सड़कों पर बरिकेट्स लगाए, इलाक़ों की गलियों में, अस्पतालों में, क्वॉरंटीन सेंटर्स, कोरोना प्रभावित क्षेत्रों हर जगह आगे आकर कोविड-19 से लड़ने में भरपूर मदद कर रहे हैं। लेकिन लोगों की सेवा करते करते पुलिस बल भी धीरे धीरे इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। राजधानी दिल्ली भी इससे अछूती नही हैं। ऐसे में जो पुलिस बल लोगों की सेवाओं में लगे हुए हैं उनकी सुरक्षा का ज़िम्मा उनके बड़े अधिकारियों की होनी चाहिए।
इसी ज़िम्मेदारी को समझते हुए, वेस्टर्न रेंज- सी.पी. शलिनी सिंह और द्वारका जिले के डी॰सी॰पी॰ ऐंटो ऐल्फ़ॉन्स
ने पुलिस कर्मियों को कोरोना से बचाव के लिए उनको हैंड सेनेटाइजर, हैंड ग्लव्ज़, मास्क, फ़ेस शील्ड्ज़, हैंड वीअर और इम्यूनिटी बूस्टर किट्स भी मुहैया कराई जा रही है। इसके अलावा मेडिकल असोसीएशन के सीनीयर डाक्टर्ज़ की टीम को भी बुलाया जा रहा है जिससे कोरोना बीमारी ना हो और उसका डर भी मन से निकल जाए। डॉक्टरो ने बता रहे हैं कि कैसे पुलिसकर्मी आपस में कोरोना को फैलने से रोक सकते हैं। इसके अलावा इस बात की भी जानकारी दी कि काम करने के दौरान, काम के बाद अपने कमरों या घरों में जाने पर क्या क्या अतियात बरत सकते है, जिससे कम से कम ख़ुद को और अपने परिवार को कोरोना से बचाया जा सके। डॉक्टरो ने पुलिसकर्मियों को उन खाद्य पदार्थों के बारे में भी विस्तार से बताया जा रहा है जिससे शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाया जा सकता है, जिससे कि कोरोना से बचाव हो सके।

