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दिल्ली पुलिस के एक SHO और सोशल मीडिया ने मिलकर बचाई जिंदगी

 

एक मां ने लगाई शोशल मीडिया पर अपनी बच्ची को बचाने की गुहार

नई दिल्ली : जहाँ एक तरफ़ कोविड – 19 के चलते आजकल सिर्फ़ कोरोना के मरीज़ों के अलावा दूसरी बीमारियों से पीड़ित मरीज़ों को ख़ास तवज्जो नही दी जा रही है। यहाँ तक कि अस्पताल भी ऐसे मरीज़ों पर ध्यान नहीं दे रहे है, ख़ासकर ग़रीब और मजबूर लोग। लेकिन अगर किसी की मदद करने की इच्छा है तो नामुमकिन कुछ भी नही। इसी तरह की एक मिसाल पेश की है शास्त्री पार्क थाना एस.एच.ओ. ने।

शास्त्री पार्क SHO प्रमोद गुप्ता अस्पताल में बच्ची को भर्ती करवाने स्वयं अस्पताल में मौजूद

आज सुबह शास्त्री पार्क एस.एच.ओ. को सोशल मीडिया के माध्यम से एक विडीओ मिला जिसमें एक महिला अपनी बेटी के साथ है और मदद की गुहार लगा रही है। इस विडीओ में नज़र आ रहा है कि उसकी बेटी बहुत ज़्यादा बीमार है। विडीओ में बताया गया था कि माँ-बेटी बुलंद मस्जिद की रहने वाली है। इस विडीओ के मिलते ही एस.एच.ओ. प्रमोद गुप्ता ने कोंस्टेबल अली नावेद और संजीव की टीम बनाई और पीड़ित माँ-बेटी की तलाश में लगा दी। कुछ ही घंटो की पूछताछ और मशक़्क़त के बाद उनका पता चल गया। जाँच में पता चला कि पीड़ित लड़की की माँ का नाम मोफ़िदा है और उसकी बेटी जो 16 वर्षीय है और टी॰बी॰ एवं चेस्ट इन्फ़ेक्शन से पीड़ित है, शास्त्री पार्क के बुलंद मस्जिद इलाक़े की रहने वाली है। इन सभी बातों की जानकारी जब ए॰सी॰पी॰ को दी गई। ए॰सी॰पी॰ के आदेशानुसार उस महिला को फ़ोन किया और एस.एच.ओ. प्रमोद गुप्ता ने उनके लिए ऐम्ब्युलन्स की व्यवस्था कराई और ख़ुद जाकर किंग्ज़वे कैम्प के राजनबाबू, टी॰बी॰ अस्पताल में रेफ़र कराया।

ऐसे में सोशल मीडिया आजकल बेहद कारगर साबित हो रहा है और इससे भी ज़्यादा कारगर है इच्छा शक्ति- किसी की मदद करने की इच्छा शक्ति। वरना दिनभर में विडीओ तो सैंकड़ों आते हैं।

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