

नई दिल्ली : कोरोना की जंग में दिल्ली पुलिस की महिला पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा सम्भाल लिया है । नारी शक्ति की मिसाल देखने को मिली । जब जब देश पर संकट आया तब तब झांसी की रानी, जीजाबाई, रण में उतर गई । आज जब मानव जीवन संकट में है , भारत में कोरोना नाम के शत्रु ने हमला किया है । देश का हर नागरिक इसको परास्त करने के लिए अपने अपने तरीके से युद्ध में शामिल हो गया है उसमें चाहे सरकार हो, पुलिस,
द्वारका जिले की महिला पुलिसकर्मीयों द्वारा रोज़ाना बनाये जा रहे तकरीबन एक हज़ार मास्क l नजफगढ़ थाने की 12 महिला पुलिसकर्मियों द्वारा ड्यूटी खत्म होने के बाद सिलाई सेंटर में 3 घंटे स्वेच्छा से श्रमदान कर रही हैं । दिल्ली पुलिस जहां एक ओर कोविड 19 से राजधानी दिल्ली को बचाने के लिए सड़क पर मोर्चा संभाल रही है वही उन पुलिसकर्मियों के बचाव के लिए महिला पुलिसकर्मियों द्वारा श्रमदान करते हुए ऐसे फेस मास्क बनाये जा रहे है
इन फेस मास्क।की खासियत यह है इनको धोकर दुबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। खाकी में बैठी यह मास्क लगाए महिला पुलिसकर्मी दरअसल द्वारका जिले के नजफगढ़ थाने में तैनात है — यह 8 घण्टे की अपनी ड्यूटी में से 3 घंटे अपनी फोर्स के लिए मास्क बना रही है— ये 12 महिला पुलिसकर्मी 3 घंटे सिलाई मशीन चलाकर एक हज़ार मास्क बना लेती है …..पिछले 4 दिनों में 4 हज़ार मास्क बना चुकी है जिन्हें जिले के पुलिसकर्मियों को इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध करवाया गया है
ये महिला पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी के दौरान इस सेवा को कर रही है लेकिन यदि ड्यूटी के दौरान फील्ड में इनकीं जरूरत पड़ती है तो तुरंत ये उसके मुताबिक अपनी जगह पहुंचकर मोर्चा भी संभाल लेती है। थाने के नज़दीक एक सिलाई सेंटर जो कि फिलहाल वर्कर्स न होने की वजह से ज्यादा इस्तेमाल में नही था उसको उपयोग में किया जा रहा है । अधिकारियों ने भी इस कार्य के लिये तुरंत जरूरी प्रबंध करवाया और मास्क बनाने का मैटेरियल उपलब्ध करवाया ।
दिल्ली पुलिस से लेकर देश भर की पुलिस आज कोरोना की जंग में जो सहयोग कर रहे हैं उसके लिए हर भारतवासी को उनके लिए कृतज्ञ होना चाहिए
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