

नई दिल्ली : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही 3 मई तक लॉकडाउन का ऐलान किया । उसके बाद कई राज्यों में विस्थापित लोगों ने धैर्य खो दिया । ओर एक नासमझ भीड़ कोरोन की गम्भीरता को दरकिनार करते हुए स्टेशन की तरफ भागी।
इस भीड़ ने कोरोना के खिलाफ सरकार की कोशिशों को नाकाम करने का काम किया है । प्रधान मंत्री द्वारा लाकडाउन की घोषणा के बाद इतनी भीड़ एक साथ जिस तरीक़े से स्टेशन की तरफ खाली हाँथ भागी यह पता होने के बावजूद की रेल सेवाएं बन्द पड़ी है । यह जांच का विषय है ।

3 मई लाकडाउन की अवधि बढ़ने की घोषणा तथा मुम्बई की घटना के बाद देश की राजधानी दिल्ली में दिल्ली पुलिस ने इलाकों में नाकों की संख्या बढा दी है । हर नाके पर पुलिस के जवान सड़कों गलियों को सील किये हुए हैं । आवाजाही पर पाबंदी लगा दी गई है ।

मुख्य रूप से पहाड गंज में नई दिल्ली स्टेशम के आस पास का एरिया बेरिकेट से पाट दिया गया है । स्टेशन की ओर आने वाले मार्गो पर पुलिस चौकस खड़ी नजर आई । नई दिल्ली स्टेशन के आसपास पुलिस ने आने जाने वालों पर पाबंदी लगाई हुई है। दिल्ली की यमुना नदी के किनारे हजारों की तायदाद में मजदूर आकर डेरा डाल कर बैठ गए थे। सुचना मिलने पर पुलिस ने दिल्ली सरकार के बसेरों में पहुँचाया।
पुलिस ने 3 मई तक लॉक डाउन की घोषणा के बाद लोगों को घर में रखने का सख्त प्लान तैयार कर लिया है ।
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