
नई दिल्ली : सेंट्रल दिल्ली के करोल बाग में सुनील अनेजा नाम के एक कारोबारी के भरोसे का ऐसा कत्ल हुआ कि उसका सबसे भरोसेमंद कर्मचारी 4 किलो सोना लेकर फरार हो गया था. मगर करोल बाग थाना पुलिस की टीम ने बड़ी मशक्कत के बाद उसे इंस्टाग्राम पर प्रेमिका से चोरी की ईंटों से अपने भविष्य का घरौंदा बनाने के चक्कर में गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपी का नाम ऋषि उर्फ अप्पू है.
11 मई को सुनील अनेजा ने अपनी 4 सोने की ईंटें लेकर फरार अपने कर्मचारी अप्पू की शिकायत दर्ज करवाई थी. एसीपी ए के सिंह, इंस्पेक्टर दीपक मलिक, सब इन्स्पेक्टर विक्रम सिंह हवलदार मनोज, हवलदार मोनू हवलदार पंकज के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपी को ढूंढने के लिए व्यापक जांच और तलाश शुरू कर दी.
आरोपी की खोज के दौरान पता चला कि वह उत्तर पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर जिले के गांव नैपुर में रहने वाला है. लेकिन जब पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की, तो वह फरार हो गया. आरोपी को खोजने के लिए पुलिस ने उसके सोशल मीडिया अकाउंटों को खंगाला. पुलिस को उसके इंस्टाग्राम, व्हाट्सअप , ई-मेल आईडी डिटेल का मुआयना किया. इंस्टाग्राम से पुलिस को आरोपी की महिला मित्र की जानकारी मिली. उसकी महिला दोस्त ने बताया कि आरोपी उससे अक्सर इंस्टाग्राम पर कॉल किया करता था. इसके बाद आरोपी की इंस्टाग्राम डिटेल, आईपीडीआर और सीडीआर मंगाई गई और उसका नया मोबाइल नंबर हासिल किया गया.
तकनीकी निगरानी जांच से पता चला आरोपी देहरादून, उत्तराखंड में रह रहा है. आरोपी नई मोबाईल सिम का इस्तेमाल करता था और उसे बात करने के लिए कुछ देर के लिए चालू करता था.
सब इंस्पेक्टर विक्रम सिंह, हवलदार मोनू कुमार, हवलदार सिपाही मनोज और हवलदार पंकज की एक छोटी सी टीम बना कर आरोपी को पकड़ने के लिए देहरादून , उत्तराखंड भेजा गया था.
लगातार चार दिनों तक प्रयास के बाद आरोपी को एक PG में ढूंढ लिया गया, आरोपी अप्पू भुनिया उर्फ हर्ष उर्फ ऋषि को देहरादून, उत्तराखंड से गिरफ्तार कर लिया गया.
आरोपी की पकड़ के बाद उसने राज से पर्दा उठाते हुए बताया की उसने बताया कि वह जिला पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल से नैपुर गांव में अपने घर में सोने की तीन ईंटें छिपा रखी हैं. इसके अलावा उसने एक दोस्त को भी सोने की ईंट दी थी. आरोपी द्वारा चोरी की गई सोने की तीन ईंटें जमीन में गाढ़ रखी थी जिसे पुलिस ने खोद कर बरामद कर लिया.
आरोपी अप्पू की निशानदेही पर दिल्ली के मंडवाली में इस अपराध में शामिल दूसरे आरोपी अक्षय रस्तोगी को भी गिरफ्तार कर लिया गया. अप्पू ने एक किलो वजन की ईंट अक्षय को सौंपी थी. अक्षय रस्तोगी ने खुलासा करते हुए बताया कि सोने की एक ईंट गाजीपुर मुर्गा मंडी में मीट की सप्लाई करने वाले शोएब नाम के व्यक्ति को बेचने के लिए दी थी. शोएब ने इस सोने की ईंट को लाखों में बेचकर कुछ रकम अपने घर बनाने और ज्वैलरी खरीदने में खर्च कर डाली. पुलिस ने शोएब से बेची ईंट के 6 लाख रुपए और अक्षय रस्तोगी से 10 लाख की रकम बरामद कर ली.
अक्षय और शोएब ने अप्पू को फरार होने और पुलिस को गुमराह करने के लिए अपने नामों की मोबाइल सिम उपलब्ध करवाई थी. इस अपराध का मुख्य साजिशकर्ता 5 साल से सुनील अनेजा के पास काम करके उसका भरोसेमंद कर्मचारी था. इसने अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी नकली आधार कार्ड बनवाया हुआ था.
पुलिस को आरोपियों से 3 किलो सोना 17 लाख नकद आई फोन मैक बुक 35 जोड़ी ब्रांडेड कपड़े, 08 जोड़ी ब्रांडेड जूते चश्मे ब्रांडेड घड़ियाँ बरामद हुई हैं



