
नई दिल्ली : कोरोना के कहर से घबराये मजदूर किसी तरह दिल्ली छोड़ने की जल्दी में लगे है I दिल्ली में निर्माणाधीन इमारतों में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर हों या इंडस्ट्रियल इलाकों में काम करने वाली लेबर को अब तक सरकार, पुलिस, गैर सरकारी संस्थाओं की ओर से सहायता पहुंचाई जा रही थी I इसके पीछे सभी का मकसद यही की पलायन के सिलसिले पर लगाम लगे I
गृह मंत्रालय ने 30 अप्रैल को जो अपने अपने राज्यों में प्रवास के लिए जाना चाहते हैं, उनके लिए रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य किया गया है I इसके बाद से मजदूर औऱ अशिक्षित तबका रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में लग तो गया किन्तु उसके सामने रजिस्ट्रेशन फार्म भरने जैसे कई समस्याएं सामने आई I बहुत से लोग हैरान-परेशान होकर दर दर भटकने पर मजबूर हैं I सरकार की यह प्रक्रिया उनकी समझ से बाहर है I

इन मजदूरों की दिक्कतों को दूर करने के लिए दिल्ली पुलिस एक बार फिर फ्रंट लाइन वॉरियर बनकर आगे आई है I रजिस्ट्रेशन के लिए चौतरफ़ा भटकते कामगारों के लिए बाहरी उतरी दिल्ली के नरेला थाना के SHO राकेश वत्स ने अपने जिले के उपायुक्त से मन्त्रणा करके अपनी सरपरस्ती में रहत देना का बड़ा काम शुरू किया है I
इस क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में बहुत सी लेबर ऐसी है जो अपने घर जाने का बैचनी से इंतजार कर रही है I ऐसे में यहां से साइबर कैफे वालों ने रजिस्ट्रेशन के नाम पर मनमाना शुल्क वसूल रहे थे I ताज्जुब की बात है कि इस मुसीबत की घड़ी में भी उनकी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा था I

नरेला थाना इंचार्च को इस बात की सूचना मिली तो पुलिस ने इस तरह के साइबर कैफे तुरंत बन्द करवा दिए I इसके बाद आला अधिकारियों को अपने सुझाव दिए I अधिकारियों की रजामंदी के बाद SHO स्टाफ ने खुद के खर्चे से तीन साइबर कैफे पर मजदूरों के लिए रजिस्ट्रेशन फ्री करवा दिया I
फैक्ट्री मजदूरों की परेशानियों को कम करने के मकसद से सात युवकों को प्रतिदिन के मेहनताने पर रखा गया है I यह सातों युवक दिन भर इन मजदूरों के अपने मोबाइल पर ऑन लाइन फार्म भरते हैं, जिसका कोई शुल्क नही लिया जाता I तीन साइबर कैफे जो की पुलिस ने रजिस्ट्रेशन की प्रकिया के लिए शुरू करवा दिए हैं वह भी बिल्कुल निशुल्क हैं I तीन फ्री साईबर कैफे का सारा खर्च भी नरेला थाना इंचार्ज औऱ स्टाफ द्वारा वहन किया जा रहा है I
इसके पीछे पुलिस का उद्देश्य भी यही है की जो लोग अपने राज्यों में जाने चाहते हैं उनको बिना असुविधा के सुरक्षित उनके राज्यों में पहुंचाए जाने की सुविधा दी जाए I मारा मारी और भीड़ जैसी स्तिथि पैदा न हो इसके लिए यह सारी व्यस्था का भार नरेला थाने ने खुद उठाकर निश्चित तौर से काबिले तारीफ काम किया है I


