
नई दिल्ली : समाज में दो पक्षीय विचारधारा चलती है, एक सकारात्मक और दूसरी नकारात्मक। नई उम्र के बच्चें इन दोनों विचारधाराओं के पाटों बीच झूल रहे होते हैं। यदि वक्त पर इनको कोई सही पथप्रदर्शक मिल जाए तो इनका भविष्य संवर जाता है। मगर आजके दौर में युवा हो रहे बच्चों के परिवारों की अनदेखी के चलते बहुत से युवा बुरी संगत और गलत आदतों का शिकार हो रहे हैं। इसी के चलते समाज में युवाओं में अपराधों के मामले बढ़ रहे हैं। दिल्ली पुलिस ऐसे युवा बच्चों को अपने साथ जोड़ कर उनको मानसिक और शारीरिक रूप से सक्षम बनाने की कवायद में लगी हुई है।

युवा प्रोग्राम की शुरआत 2017 में दिल्ली पुलिस ने सुमदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत की थी। उस वक्त के तात्कालिक गृह मंत्री राजनाथ सिंह व वर्तमान में दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने युवाओं को प्रधानमंत्री के स्किल इंडिया प्रोग्राम से जोड़ने की शुरुआत की। इस प्रोग्राम में दिल्ली पुलिस को मुख्य भूमिका निभानी की जिम्मेदारी दी गई थी । दिल्ली पुलिस भी इस जिम्मेदारी को बड़ी बखूबी निभा रही है। अभी तक 9,000 से अधिक युवाओं को रोजगार का प्रशिक्षण दे चुकी है और जिसमें से तकरीबन 4,500 युवाओं को बड़ी बड़ी कंपनियों में नौकरियाँ मिल चुकी हैं।

दिल्ली के शाहदरा जिले में पिछले लम्बे वक्त से जिले के डीसीपी की अगुवाई में सभी थानों के अंतर्गत युवा स्कीम के तहत लगभग 80 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। इन युवाओं के पुनर्वास और उन्हें बेहतर रास्ते पर ले जाने के लिए गैर सरकारी सामाजिक संस्था आशाएं एक उम्मीद और अंतर्राष्ट्रीय राजयोग संस्थान ब्रह्मकुमारी तथा कई निजी व्यापारी संगठनों का सहयोग लिया गया। इस मौके पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर सचिनंद श्रीवास्तव ने युवा प्रोग्राम में शिरकत की, उनके साथ सतीश गोलचा (Spl. Police Commissioner) ज्वाइंट कमिश्नर देवेश श्रीवास्तव (Southren Range), ज्वाइंट कमिश्नर नरेंदर सिंह बुंदेला (Central Range), जसमीत सिंह (DCP East Delhi), संजय सैन (अतिरिक्त उपायुक्त शाहदरा जिला ) मौजूद थे।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने वहाँ मौजूद युवा योजना में हिस्सा लेने वाले बच्चों को सर्टिफिकेट बांटें । पुलिस कमिश्नर ने कहा “समाज में दिशाविहीन होने वाले बच्चों को पुलिस मुख्य धारा में लाकर उनके भविष्य को सवांरने का प्रयास कर रही है”। पुलिस कमिश्नर ने भरोसा जताया की यदि समाज की मुख्य धारा से हटे इन बच्चों को अवसर दिए जायेंगे तो यह भी सभ्य समाज का हिस्सा बन सकेंगे। इन युवाओं के भविष्य को सँवारने में लगी NGO और कारोबारी संगठनों द्वारा सहयोग के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने उनका आभार व्यक्त किया।
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