

नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 1,34000 की नकली नोट पकड़े हैं । यह नकली नोट 100 और 200 रुपये की शक्ल में हैं । 1,34000 के नकली नोट छापने का अपराध करने वाले अपने ही देश मे चल रहे रैकेट के 4 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है ।
देश के इस सबसे गम्भीर अपराध के आरोपियों को गिरफ्तार करने में स्पेशल सेल के एसीपी संजय दत्त, इंस्पेक्टर अतुल त्यागी तथा इंस्पेक्टर दलीप कुमार हैं । इन तीनों अधिकारियों ने इस रैकेट तक पहुंचने के लिए बड़े पैमाने में सूचनाएं जुटाई । यह FICN यानि Fake indian currency Note की सप्लाई उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से दिल्ली, हरियाणा, तथा दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों में की जा रही थी । दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के अधिकारियों को सेल में तैनात ASI जितेंद्र ने FICNS की सप्लाई पीलीभीत से दिल्ली / एनसीआर में कई जाने की सूचना दी ! सूचना यह थी कि इस सिंडिकेट के दो व्यक्तियों ने यूपी से बड़ी तायदाद में FICN को खरीदा है और उसे लेकर दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे आकर अपने जानकार को सौंपेंगे । सेल की टीम ने इस जानकारी को जांच परख कर टीम भेजकर छापा मारा और दो आरोपियों अजीम खान (47) और अकील अहमद (42) को पकड़ने में सफल रहे । इन दिनों के पास से कुल 1 लाख 20 हजार FICN बरामद कर गई । यह सभी नोट 100 रुपये की छपाई में थे । इसके बाद सेल ने इन दोनों आरोपियों को रिमांड पर ले लिया । पूछताछ के बाद यूपी और आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी मारी गई जिसमें इस सिंडिकेट के एक सदस्य डाक्टर अकील अहमद को यूपी के पीलीभीत से गिरफ्तार किया । इसके पास से 100 रुपये के FICN 4000 रुपये बरामद किए गए । इसके बाद नितिन पटेल (46) को पीलीभीत यूपी से गिरफ्तार कर लाये । नितिन पटेल के पास 10 हजार रुपये बरामद हुए । पीलीभीत में इन्होंने नोटों की छपाई का पूरा प्लांट लगाया हुआ था । रंगीन स्कैनर, प्रिन्टर, प्रिंटिंग की स्याही, ट्रैस पेपर और 20 हजार अधूरी छपाई के 100 के नोट मिले, यह सभी एक ही सीरीज के थे । यह नोट छपाई का गैर कानूनी काम लम्बे समय से चल रहा था । 2012 में अकील अहमद ने आरोपी डाक्टर अकील के साथ मिलकर कमीशन पर दिल्ली एनसीआर व अन्य राज्यों में सप्लाई किया करते थे । अकील उर्फ डाक्टर नितिन पटेल का सहयोगी था, उसके साथ मिलकर FICN ख़रीदा करता था । बाद में नितिन पटेल ने यूपी के पीलीभीत में अकील अहमद उर्फ डॉक्टर के घर पर प्रिन्टिंग यूनिट लगवा दी और घर पर ही नकली नोट छापने लगे । अकील अहमद ने अपने बचपन के दोस्त मोहम्मद अजीम खान से मिलवाया । नितिन पटेल और डॉक्टर अकील अहमद खुद अपनी प्रिंटिंग यूनिट में नोट छापते और अकील अहमद और अजीम खान की मदद से बाज़ारों और कई राज्यों में भेज देते थे । पूछताछ से पता चला है यह सिंडिकेट दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में अभी तक 25 लाख से अधिक नकली नोटों को खपा चुकें हैं । मोहम्मद अजीम पीलीभीत का रहने वाला है पहले अनाज मंडी में आढ़ती का काम करता था 2018 में अकील अहमद के सम्पर्क में आकर नकली नोटों को कमीशन के आधार पर सप्लाई करने लगा । अकील अहमद ये भी पीलीभीत का रहने वाला है और मसालों की रेहड़ी पर फेरी लगाता था 2012 में नकली नोट सप्लायर के सम्पर्क में आया और इस नकली नोटों के काम में लग गया । अकील अहमद उर्फ डाक्टर 10वीं पास एक कम्पाउण्डर की नोकरी करता था । जिस डाक्टर के क्लिनिक में काम करता था उस डाक्टर के निधन के बाद उस क्लिनिक को खुद चलाने लगा और डॉक्टर के नाम से मशहूर हो गया । फिर यह नितिन पटेल के सम्पर्क में आया और नकली नोटों का धंधा शुरू कर दिया । पिछले साल 2019 में नितिन पटेल ने जमानत पर रिहा होने के बाद नितिन ने डॉक्टर के घर से इंडियन करेंसी प्रिंटिंग का काम शुरू कर दिया ।
नितिने बीएससी की पढ़ाई बीच मे छोड़ पीलीभीत में अपने पिता के साथ काम में लग गया । 2019 में नितिन अपनी पत्नी व दो अन्य लोगों के साथ नकली नोटों के मामले में गिरफ्तार हुआ था । 8 महीने जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आया था । बाहर आने के बाद डॉक्टर अकील अहमद के साथ फिर FICN का सिंडिकेट बना कर काम करने लगा ।
इस तरह स्पेशल सेल ने बहुत बड़े सिंडिकेट का पता लगाया है जो देश को आर्थिक बर्बादी की तरफ ले जा रहा था ।



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