
नई दिल्ली : दिल्ली में कार चोर गिरोह सक्रीय है इसलिए सावधान हो जाइये, कहीं उनके निशाने पर अगली कार आपकी न हो ! कार सुरक्षा के लिए तमाम बंदोबस्त करने के बावजूद भी कार चोरी रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। चोर इतने शातिर हैं की कम्पूटराइज़्ड लॉक को मिंट में खोल कर कार लेकर फरार हो जाते हैं। मगर चोर कितना भी शातिर क्यों ना हो लेकिन एक ना एक दिन पुलिस उस तक पहुँच ही जाती है। आज ऐसा ही एक मामला सामने आया है कार चुराने वाले गैंग का जिसका पर्दा फाश दिल्ली नार्थ डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर सुशील शर्मा की टीम ने किया है । ये अपराधी दिल्ली के बड़े – बड़े इलाको में महंगी कारों को चुराया करते थे। और उन्हें बिहार और नार्थ ईस्ट जैसे राज्यों में जाकर बेच देते थे ।

आज नार्थ डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ ने इन अपराधियो को पकड़ कर इनके पास से 10 लक्जरी को बरामद किया है।
2.जुलाई 20 को शक्ति नगर में रहने वाले आशीष अग्रवाल की टोयोटा कार चोरी कर ली गई थी । आशीष द्वारा कार चोरी की E-FIR करवा दी गई थी । इसी शिकायत के आधार पर नार्थ डिस्ट्रीक्ट के स्पेशल स्टाफ ने कारवाही शुरू कर दी । मामले की तफ्तीश के दौरान स्टाफ के हेड कांस्टेबल दीपक त्यागी को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि राजीव शर्मा उर्फ राजू , जो आगरा, यूपी का रहने वाला हैं, कारों की चोरी करने में शामिल है। वे किसी चोरी की हुई कार को बिहार में बेचने जा रहा है और रिंग रोड से गुजरेगा । यह महत्वपूर्ण जानकारी मिलते ही तुरंत एक टीम बनाई गई, एसीपी-ऑपरेशन जयपाल सिंह की देख रेख में स्पेशल स्टाफ इंचार्ज सुनील कुमार, एस आई विनीत, ए एस आई यशपाल, हेड कांस्टेबल दीपक त्यागी, मंजीत और अर्जुन सिंह, कांस्टेबल प्रवीण, अजय, विनीत, रविंदर और विक्की की टीम को रवाना कर दिया गया । टीम ने कश्मीरी गेट आईएसबीटी के आसपास नाकाबंदी कर दी । कार के आते ही मुखबिर ने इशारा कर दिया । टीम ने रोकने के लिए संकेत दिया गया, लेकिन कार चालक ने अपनी कार की गति बढ़ा दी और कोतवाली, लोहे के पुल की ओर भागा। पुलिस टीम ने वाहन का पीछा किया और लगभग 2 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद, टीम ने कार को रुकवा कर चालक को पकड़ लिया, चालक की पहचान राजीव शर्मा के रूप में हुई ।
पुलिस ने पूछताछ के दौरान आरोपी राजीव शर्मा से पता चला कि वह मथुरा के हकीम नाम के शख्स के संपर्क में आया था, जो दिल्ली से वाहन चोरी करता था और बिहार छपरा में रामखिलावन को बेच देता है । मणिपुर में बैठा जुम्माखान जो चोरी की कारों का बड़ा खरीदार है उसको भी यह कार सप्लाई करता है । मणिपुर में ही मुजीबुर्रहमान उर्फ हबीबुर्रहमान नाम का चोरी की कारों का धंधा करने वाला मणिपुर की डिफेंस फोर्स का जवान था जिसने नोकरी छोड़ दी थी औऱ चोरी की कारों का धंधा करने लगा । इसकी पत्नी मणिपुर पुलिस में हैडकांस्टेबल है । इस गिरोह में एक सागर राय नाम का शख्स जो कोलकाता में दिल्ली से चोरी की गई कारों का सब्सव बड़ा खरीदार हैं।
पुलिस के सामने कार चोरों की लंबी फेहरिस्त आ गई थी जिसमें मुरादाबाद के सम्भल का तासिर उर्फ शिकारी, मथुरा का हाकिम पंजाब अमृतसर का बब्बी का इस गैंग का मैम्बर है । यह गैंग चोरी की गई कारों के चेसी नम्बर और नम्बर प्लेट बड़ी सफाई से बदल कर उनको 11 से 3 लाख रुपये में बेच देते थे ।

उत्तर पूर्व भारत में मणिपुर के मुजीबुर रहमान और सागर राय चोरी के वाहनों के सबसे बड़े रिसीवर हैं जिनको पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है ।
यह लोग हवाई जहाज से दिल्ली कार चोरी करने आते थे और रोड से ठिकाने पर कार पहुंचा देते थे ।
ये सब खुलासा करने के बाद स्पेशल स्टाफ ने राजीव शर्मा उर्फ राजू हबीबुर्रहमान उर्फ मुजीबुर्रहमान व सागर रॉय को अपनी में लिया। इनके पास से चोरी की 10 कारें बरामद की हैं ।


