

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने अंतरराज्यीय अवैध हथियार सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ। तीन नामी आर्म्स स्मगलर साबिर, असगर और जहुल को गिरफ्तार किया है ।
इन तीनों से 08 ऑटोमेटिक पिस्तौल और 07 शॉट बंदूकें तीनों से बरामद की हैं ।

गिरफ्तार साबिर ने एनसीआर और यूपी वेस्ट में सप्लाई के लिए एमपी के रास्ते हथियारों की सप्लाई की है । स्पेशल सेल, दक्षिणी रेंज के एसीपी अत्तर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह इंस्पेक्टर आलोक बाजपेयी ने तीन अंतरराज्यीय हथियार माफिया का भंडाफोड़ किया है l गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने 6/7 वर्षों से दिल्ली एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान, एमपी और यूपी वेस्ट में पिस्तौल और बंदूक सहित अवैध हथियारों की सप्लाई जारी रखी थे ।
साबिर, एक ट्रक चालक असगर के निर्देशानुसार मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों से ऑटोमेटिक हथियार लाते थे । वह माल से भरे अपने ट्रक में इन हथियारों को छुपाकर ले जाता था । इस बार साबिर, असगर और जहुल को खेप सौंपने के लिए दिल्ली एनसीआर में लाया था। इस सिंडिकेट के सदस्य राजस्थान, हरियाणा, यूपी, एमपी और दिल्ली एनसीआर में बड़े पैमाने पर हथियारों की तस्करी में शामिल रहे हैं।
दिल्ली एनसीआर में अवैध हथियार तस्करों के खिलाफ स्पेशल सेल द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है । स्पेशल सेल ने पूर्व में कई ऐसे अंतरराज्यीय हथियारों के सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने में सफलता हासिल की थी। इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह को मेवात और राजस्थान स्थित हथियारों की तस्करी गतिविधियों के बारे में जानकारी थी।
साबिर, असगर और जाहुल, एक सिंडिकेट के सभी सदस्य हैं, उनके सिंडिकेट के बारे में जानकारी जुटाने के लिए निगरानी रखी गई थी। इस संबंध में अधिक जानकारी जुटाने के लिए मुखबिरों को तैनात किया गया था।
सेल में SI रंजीत द्वारा एक विशेष जानकारी प्राप्त की गई थी। 25.नवम्बर को पता चला कि साबिर केंद्रीय विद्यालय, MB, सड़क संगम विहार, दिल्ली आधी रात 1 बजे से 2 बजे के बीच असगर और जहुल को हथियार सप्लाई करने आ रहा है । पुलिस ने सूचना मिलने पर एक जाल बिछाया ।
साबिर अपने साथ दो बैग लेकर आया था और असगर को बैग सौंपते हुए पकड़ा गया था। जहुल और असगर हथियार लेने के लिए वहां आए थे, उन्हें भी पुलिस टीम के सदस्यों ने दबोच लिया।

आरोपी असगर ने खुलासा किया है कि उसने इन जब्त हथियारों को यूपी से इकठ्ठा किया और आगे दिल्ली और हरियाणा के मेवात क्षेत्र, राजस्थान और यूपी में जाहुल के जरिए सप्लाई किया। उसने आगे खुलासा किया है कि वह पिछले 7-8 साल से दिल्ली एनसीआर और आसपास के राज्यों में अवैध हथियारों की आपूर्ति कर रहा है ।
अभियुक्त साबिर ने खुलासा किया है कि उसने एमपी से ऑटोमेटिक हथियारों को अपने ट्रक में छुपाया और आगे असगर को सौंप दिया। वह पिछले लगभग 4-5 सालों से इस बंदूक से चलने वाले रैकेट से जुड़ा हुआ है ।
आरोपी जहुल ने खुलासा किया है कि वह असगर द्वारा चलाए जा रहे इस रैकेट का मुख्य सदस्य है। असगर ने करीब 6 साल पहले हथियारों की तस्करी गतिविधियों में उसके साथ काम करने का लालच दिया था। तब से, जाहुल असगर के साथ मिलकर पिछले 6/7 वर्षों से राजस्थान, हरियाणा, यूपी और एमपी में हथियारों की सप्लाई में शामिल है।




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