
नई दिल्ली : नार्थ दिल्ली में पकड़ा गया एक और गला घोटु बदमाश ! नार्थ दिल्ली में सक्रिय गला घोटू गैंग ने दिल्ली पुलिस की नाक में दम किया हुआ है. कुछ दिन पहले मंजनू का टीला इलाके में सुनसान जगह में लघुशंका करते शख्स का गला घोट कर तीन लोगों ने लूट लिया था उसमें से पुलिस ने दो बदमाश गिरफ्तार कर लिए थे.
नार्थ डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ ने एक ऐसा अपराधी पकड़ा है जिसकी अपराधों की फेहरिस्त में एक दर्जन से भी ज्यादा जुर्म दर्ज हैं. उत्तरी जिले में गला चॉक करके बढ़ती लूट की वारदातों को देखते हुए स्पेशल स्टाफ के इंसपेक्टर सुशील शर्मा ने अपने स्टाफ को सक्रिय किया हुआ है. यह स्टाफ लगातार इलाके के अपराधियों के बारे में सुनचाएँ जुटाने में लगा रहता हैं. इस जिले के कई इलाके ऐसे हैं जहां जैसे जैसे शाम होती जाती है कोरोना संकट के चलते इलाके सुनसान हो जाते हैं. उसी वक्त यह गैंग सुनसान जगहों पर शिकार के लिए घात लगा कर बैठा होता है.
9 जून को पुलिस के मुखबिर ने सूचना दी रोशनारा क्लब के पास एक बदमाश आने वाला है. जो गला घोटु गैंग चलता है. दरअसल रोशनारा क्लब और पार्क के आसपास का इलाका रात के वक्त बेहद सुनसान हो जाता है. यहां पर अपराधी आसानी से किसी को भी अपना शिकार बना सकते हैं.
स्पेशल स्टाफ एसीपी के संज्ञान में इस सूचना को लाया गया और इस बदमाश को पकड़ने के लिए रूपरेखा बनाई गई. इंस्पेक्टर सुशील शर्मा ने ASI यशपाल सिंह, हवलदार संजीव कुमार, हवलदार अंसार खान, सिपाही हंसराज, सिपाही परवीन को पकड़ने के लिए समयानुसार सूचना वाली जगह पर रवाना कर दिया. यह बदमाश वही खड़ा था. सादे कपड़ों में स्टाफ के लोगों ने धीरे धीरे घेरा बना कर इसको काबू कर लिया. मौके पर तलाशी के दौरान इसके पास दो देशी कट्टे निकले ओर साथ में जिंदा कारतूस भी. यह दो कट्टे इसलिए रखता था यदि मौके पर एक खराब हो जाए तो दूसरा इस्तेमाल कर सके.
इस बदमाश से जांच में पता चला इसका नाम अंकुश उर्फ जुगनू है अंधा मुगल गुलाबी बाग का रहने वाला है . यह गला घोटु गैंग की कई टीमें चलाता है. यह गुलाबी बाग थाने का BC (घोषित बदमाश) है. इसपर कुल 13 मुकद्दमे दर्ज हैं जिमसें 9 गुलाबी बाग के ओर एक सदर बाजार और तीन सरायरोहिल्ला थाने में दर्ज हैं.
सबसे बड़ी सोचने वाली बात यह है की इतने गुनाहों का गुनहगार जिसे पुलिस पहले 13 बार गिरफ्तार कर चुकी है और चौहदवीं बार स्पेशल स्टाफ ने गिरफ्तार किया है. ऐसे बदमाशों के लिए निश्चित रूप से कठोर दण्ड के मायने न्यायपालिका को तलाशने होंगे क्योकि ऐसे बदमाश देश ओर समाज के लिए बदनुमा धब्बा हैं.


