

नई दिल्ली : (पूर्वी दिल्ली, पटपड़गंज) सावधान ! अब दिल्ली में नही रहा है सुरक्षित निजी सवारी गाड़ियों में सफर करना । निजी टैक्सी व बसों में सवारियों को बैठाकर सुनसान जगहों पर ले जाया जाता है इसके बाद हथियार दिखा कर उनका सब कुछ छीन कर भगा दिया जाता है । इस अपराध तरह का अपराध बस अड्डों व रेलवे स्टेशनों के बाहर प्राइवेट टैक्सी व बस वाले कर रहे हैं । पिछले दोनों पटपड़ गंज पुलिस स्टेशन पुलिस ने एक निजी बस में सवारियों के साथ लूटपाट करने वाले गिरोह को पकड़ा था ।
वारदात की आपबीती :
4 दिसम्बर को, पंकज कुमार सिंह निवासी जैतपुर, दिल्ली, उम्र 44 वर्ष, पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया, पूर्वी जिला, दिल्ली में रात लगभग 11.30 बजे, जब वह किसी वाहन की तलाश कर रहा था । आनंद विहार बस अड्डे से उसे गुड़गांव, हरियाणा जाना था । वह प्राइवेट काले रंग की स्विफ्ट कार में बैठ गया । उनमें पहले से 3 लोग सवारी के रूप में बैठे थे । कार के चालक ने कार को सराय काले खां बस अड्डे पर छोड़ने को कहा । जहां से उसे गुड़गांव के लिए बस मिल जाती। कार सवारियों को लेकर सराय काले खां के लिए रवाना हो गई । कुछ दूर जाने के बाद कार में एक और व्यक्ति सवार हो गया। जब कार एनएच 24 पर पहुंची तो चालक ने सराय काले खां की ओर दायें मुड़ने के बजाय अपनी कार गाज़ियाबाद की ओर मोड़ दी । जब पंक्जकुमार ने इसका विरोध किया तो पीछे की सीट पर शिकायतकर्ता के साथ बैठे लोगों ने पिस्टल निकाल कर कनपटी पर रख दी और पीटने लगे । इसके बाद उसका लैपटॉप, मोबाइल फोन और एटीएम लूट लिया। लूट के बाद लुटेरों ने पंकज सिंह को एलिवेटेड रोड पार कर सुनसान जगह पर ले गए, उसका ATM छीन कर पिस्टल लगा कर जबरन पिन नंबर प्राप्त करने के बाद लोनी, गाजियाबाद में छोड़ दिया।
पंकज सिंह ने अपने साथ हुई वारदात की सूचना पुलिस को दी । इस वारदात की FIR 507/2021, धारा 392/397/34 IPC के अंतर्गत तहत मामला दर्ज की गई।
जांच के लिए पुलिस टीम :
एसीपी मधुविहार नीरव पटेल, थाना इंचार्ज सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एएसआई सुधीर कुमार, हवलदार भूपेंद्र, हवलदार संदीप और सिपाही नितिन राठी की एक टीम बना कर इस केस की जांच में लग गए।



वारदात की तफ्तीश :
टीम ने आईएसबीटी आनंद विहार से उस स्थान तक के मार्ग के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी । इसके बाद पुलिस उत्तर प्रदेश लोनी, गाजियाबाद उस जगह पहुंची जहां बदमाशों ने शिकायतकर्ता को छोड़ा था।
जांच में तकनीकी विश्लेषण :
पुलिस की टीम ने अपने पेशेवर अंदाज में जाँच शुरू कर दी । पुलिस ने ATM की डिटेल निकाली तो पता चला बदमाशों द्वारा 90 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं । ATM से प्राप्त भुगतान को सुराग के तौर पर विश्लेषण किया गया । जहां से पैसा निकाला गया था वहाँ के CCTV में बदमाशों की तस्वीरों को हासिल कर लिया गया । जांच के दौरान सभी सुरागों के साथ साथ खुफिया जानकारी से इनकी पहचान हो चुकी थी ।
बदमाशों को पकड़ने की कार्यवाही :
इनकी पहचान कर बाद एक जाल बिछाया गया और दो संदिग्धों यानी राहुल गुप्ता (27) उर्फ गांजा निवासी पुल पहलादपुर, दिल्ली और अरुण कुमार (26) उर्फ सागर निवासी हर्ष विहार दिल्ली, को एक काले रंग की स्विफ्ट कार के साथ पकड़ लिया गया ।
वारदात का खुलासा :
आरोपियों से निरंतर पूछताछ में अपना गुनाह कबूल करते हुए अपने बाकी साथियों की जानकारी दे दी । इस वारदात में शामिल विपुल शर्मा (22) @ ऋतिक निवासी हर्ष विहार, दिल्ली, और मनीष गहलोत (23) निवासी कल्याणपुरी, दिल्ली को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके पास से एक देशी पिस्तौल, 2 खिलौना बंदूकें और छह एटीएम कार्ड भी बरामद किए गए हैं ।
अपराध करने का तरीका :
यह लोग बस अड्डे पर देर रात कार लेकर आते थे । देर रात बस अड्डे की सवारियों को सरकारी परिवहन के साधन मुश्किल से मिलते थे । इसी बात का यह लोग फायदा उठाते थे । कार में इनके साथी बैठे होते थे । यदि कोई शिकार फंस गया तो चलती कार में पिस्तौल लगाकर सुनसान जगह पर ले जाकर उसे लूट लेते थे । यदि ATM मिल गया तो गन पॉइंट पर जबरन उसका पिन नम्बर ले लिया करते थे और किसी भी ऑनलाइन लेनदेन करने वाले के अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करवा लिया करते थे । इस काम की ऐवज में उसे अच्छी कमीशन दे देते थे ।
सौ टके की सीख :
इस तरह के गैर प्रमाणित प्राइवेट टैक्सी ऑपरेटर से बेहतर सरकारी परिवहन या ऑनलाइन टैक्सी ऑपरेटर्स का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित है ।
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