

नई दिल्ली (दिल्ली पुलिस, स्पेशल सेल) : स्पेशल सेल की टीम ने एक अंतरराज्यीय गैर कानूनी हथियार तस्करी करने वाले सिंडिकेट के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है । इनमें एक का नाम छोटे कुमार उर्फ छोटे फौजी (34) दूसरा दिनेश (32) । यह दोनों अलीगढ़, यूपी के रहने वाले हैं ।
इनके पास से 15 अवैध पिस्तौल व 30 कारतूस बरामद किए गए हैं ।
स्पेशल स्टाफ की एक्शन टीम :

स्पेशल सेल दक्षिणी रेंज के एसीपी अत्तर सिंह को दिल्ली व एनसीआर में गैंगस्टर्स को अवैध हथियार सप्लाई की सूचना मिली । एसीपी अत्तर सिंह ने अपने दो अनुभवी इंस्पेक्टर शिव कुमार एवं इंस्पेक्टर करमवीर सिंह के साथ इन अवैध हथियारों के तस्करी गैंग को पकड़ने के लिए योजना का ब्लू प्रिंट तैयार किया गया । एक सिंडिकेट पर इंस्पेक्टर शिव कुमार काम कर रहे थे । इस तरह एक सिंडिकेट के सदस्यों की गतिविधियों और अवैध गतिविधियों पर गुप्त निगरानी रखी जा रही थी ।
हथियार तस्करों की सूचना :
20.12.2021 को एक सूचना भी प्राप्त हुई कि इस सिंडिकेट के दो सदस्य छोटे कुमार उर्फ छोटे फौजी और दिनेश मध्यप्रदेश के एक हथियार निर्माता से पिस्तौलों की खेप लेकर दिल्ली के एक बस स्टॉप के निर्धारित ठिकाने पहुंचेंगे। धौला कुआं, दिल्ली के पास नरियाना की ओर जाने वाली सड़क पर 9 से 10 बजे के बीच माल की डिलीवरी दी जाएगी ।
स्पेशल सेल का बिछाया जाल :
स्पेशल सेल की टीम ने इनके आने से पहले आसपास जाल बिछा कर दोनों को 20.12. 2021 को रात लगभग 9.15 बजे बस स्टैंड पर <span;>छोटे कुमार ने दिनेश को हथियारों से भरा एक बैग सौंपा। उसी वक्त सेल की टीम ने दोनों को घेर लिया लेकिन पुलिस के घेरे में आने पर दोनों ने अपने हथियार निकाल लिए, टीम के सदस्यों की ओर इशारा किया और गोली मारने की धमकी दी लेकिन टीम के सदस्यों ने उन्हें काबू कर लिया ।
बरामद हथियार :
तलाशी के दौरान दोनों के पास से 15 अवैध पिस्तौल और 30 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस तस्करों द्वारा हथियारों की तस्करी में इस्तेमाल की गई एक टाटा टियागो कार भी मौके से बरामद की गई है।
आरोपियों का आपराधिक विवरण :
गिरफ्तार दोनों व्यक्तियों ने मध्य प्रदेश के हथियार निर्माता से हथियार लेकर 10 वर्षों से दिल्ली एनसीआर और आसपास के राज्यों यूपी, हरियाणा, राजस्थान आदि में गैंगस्टर, कुख्यात अपराधियों और छोटे हथियारों के तस्करों को सप्लाई कर रहे हैं ।


इस सिंडीकेट के दोनों आरोपियों ने पिछले 2 वर्षों के दौरान दिल्ली एनसीआर और आसपास के राज्यों में 400 से अधिक हत्यारों की सप्लाई करने का खुलासा किया है।
हथियारों की कीमत :
आरोपियों ने खुलासा किया है कि वे एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल 7000 व शॉट पिस्टल 1000 रुपये में मध्य प्रदेश से ख़रीदते थे और आगे सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल को 25,000 और सिंगल शॉट पिस्टल को 4000 में दिल्ली एनसीआर में अपराधियों को बेचते थे ।
- स्पेशल सेल की टीम के घेरे में दोनों हथियार तस्कर
आरोपियों के अपराधों का लेखा :
आरोपी छोटे कुमार पूर्व में 9 आपराधिक मामलों में गिरफ्तार हो चुका है । जिसमें हत्या के 01, हत्या के प्रयास के 02, रंगदारी के 02, लूट के 01, आपराधिक धमकी, पुलिस पर फायरिंग, मारपीट, चोट, गैंगस्टर एक्ट के 01 शामिल हैं। , पिछले 10 वर्षों के दौरान दिल्ली और यूपी में आर्म्स एक्ट आदि के 02 मुकदमें इस पर लगे हैं । छोटे कुमार ने अपने तीन साथियों की मदद से इगलास जिले के क्षेत्र में पप्पू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 2013 में छोटे कुमार को पहले भी स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद 6.07.2015 में दिल्ली में सेल ने गिरफ्तार किया ।
दिनेश इससे पहले हत्या के प्रयास, हथियार अधिनियम और चोरी सहित 3 मामलों में शामिल रहा है।
अवैध हथियार तस्करी दण्ड अधिनियम :
दोनों गिरफ्तार हथियार तस्करों के खिलाफ स्पेशल सेल में वर्ष 2019 के आर्म्स (संशोधन) अधिनियम की धारा 25.8 और 27 और आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत हथियारों की तस्करी का मामला दर्ज किया गया है। वर्ष 2019 के संशोधित शस्त्र अधिनियम की इस नई सम्मिलित धारा में न्यूनतम 10 वर्ष की सजा का प्रावधान है जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माने से भी दंडनीय है। कानून का उद्देश्य देश में हथियारों की तस्करी के बढ़ते खतरे को रोकना था
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