

नई दिल्ली : IGI Airport : धोखेबाजी से लोगों को विदेश भेजने वाले रैकेट का पर्दाफाश। दो दलालों के साथ चार यात्री भी गिरफ्तार किए गए । फर्जीवाडे से दो लोगों को कनाडा भेजा जा रहा था ।
इनकी शातिर चाल का बड़ा खुलासा IGI airports की पुलिस के उस दल ने किया है जिसको आव्रजन (immigration)घोटालों पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है ।
एसीपी बिरजेंद्र सिंह, थाना इंचार्ज यशपाल सिंह ने लगातार कथित ट्रैवल एजेंटों की आवाजाही का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है । इसमें पुलिस को कई सफलताएं भी मिली हैं ।
इस बार पुलिस टीम में सब इंस्पेक्टर नीतू बिष्ट, सब इंस्पेक्टर राजकुमार और एएसआई प्रदीप की टीम ने आव्रजन (immigration) में धांधली करने वाले रैकेट को तोड़ दिया है।
टीम ने सावधानीपूर्वक काम किया है तकनीकी निगरानी का इस्तेमाल किया और गुप्त मुखबिरों की मदद से चार यात्रियों और दो हाई प्रोफाइल कुख्यात एजेंटों की गिरफ्तारी के साथ, पुलिस स्टेशन आईजीआई हवाई अड्डे की टीम ने एक ओर आव्रजन (immigration) रैकेट का भंडाफोड़ किया है ।
तारीख 4 अप्रैल 22 को, पुलिस स्टेशन आईजीआई हवाई अड्डे पर एक शिकायत प्राप्त हुई थी जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि हरसिमरनजीत सिंह और प्रियंका नाम के दो यात्री बिना पासपोर्ट के बोर्डिंग गेट पर पहुंचे और उन दोनों के पास केवल रमनलाल, खोदीदास पटेल के नाम से बोर्डिंग पास थे। कर्मचारी को शक हुआ, वह मौके पर पहुंचा और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद यह पता चला कि दो वृद्ध लोगों रमनलाल, खोदीदास पटेल और शांतिबेन रमनलाल खोदीदास के साथ अपने यात्रा दस्तावेजों का आदान-प्रदान करते पाए गए थे। सभी चार यात्रियों को पहले गिरफ्तार कर लिया गया था।

पुलिस टीम अंत में पूरी घटना की साजिश रचने वाले एजेंट बलजिंदर सिंह तेजा उर्फ तेजा को गिरफ्तार करने में सफल रही। निरंतर पूछताछ के दौरान एजेंट बलजिंदर सिंह उर्फ तेजा ने खुलासा किया कि प्रियंका और हरसिमरनजीत सिंह नाम के यात्रियों ने कनाडा जाने के लिए उनसे संपर्क किया था, जिस पर उन्होंने राजबीर सिंह @ अविनाश मुच्छद उर्फ मनजिंदर सिंह उर्फ शेली उर्फ प्रीतपाल सिंह नामक एजेंट से संपर्क किया।

राजबीर सिंह उर्फ अविनाश मुच्छद ने उन्हें बताया कि वह एक गुजराती जोड़े को जानते हैं जिनके पास पहले से ही कनाडा का वीजा है और उनके पासपोर्ट पर प्रियंका और हरसिमरनजीत सिंह को उनके संबंधित वीजा पर कनाडा भेज सकते हैं। यात्रियों की मंजूरी मिलने के बाद यह तय हुआ कि पहले प्रियंका और हरसिमरनजीत सिंह कोलंबो के लिए टिकट बुक करेंगे और बोर्डिंग पास जारी होने के बाद एयरपोर्ट के अंदर गुजराती दंपत्ति के साथ अपने बोर्डिंग पास की अदला-बदली करेंगे। एक सौदे के रूप में हरसिमरनजीत सिंह ने उनके खाते में 6 लाख रुपये ट्रांसफर किए, जिससे उन्होंने प्रियंका और हरसिमरनजीत सिंह दोनों के लिए टिकट खरीदे और बाकी राजबीर उर्फ अविनाश मुच्छद उर्फ शैली को दे दिए गए।

लगातार पूछताछ में पता चला कि मनजिंदर सिंह उर्फ राजबीर उर्फ अविनाश मुच्छद उर्फ प्रीतपाल सिंह पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड था और पीएस आईजीआई एयरपोर्ट की एफआईआर संख्या 49/2020, 203/2020 और 327/2021 में वांछित आरोपी भी था ।
टीम ने फरार एजेंट के तौर-तरीकों की बारीकी से जांच की और पता चला कि कथित व्यक्ति अपने पिछले मोबाइल नंबरों का उपयोग नहीं कर रहा था, इसलिए टीम के लिए उसका पता लगाना मुश्किल था। काफी प्रयासों के बाद, टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से आरोपी का विवरण प्राप्त किया और मोहाली पंजाब में आरोपी की जगह को इंटरसेप्ट किया। टीम ने कई पतों पर छापेमारी की और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को पकड़ लिया गया और बाद में मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। आगे निरंतर पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह गुजराती एजेंट अल्केश पटेल के संपर्क में है, जो अहमदाबाद, गुजरात का रहने वाला है।
अल्केश पटेल ने उसे बताया कि उसके पड़ोस में एक बूढ़ा जोड़ा रहता है जिसके पास कनाडा का वैध वीजा है और वे दोनों अपने वीसा को बेचने के लिए तैयार हैं जिसका उपयोग कुछ अन्य यात्रियों को कनाडा भेजने के लिए किया जा सकता है। कुछ देर बाद एजेंट बलजिंदर सिंह तेजा उर्फ तेजा ने उससे संपर्क किया और उसे बताया कि उसके पास दो लोग हैं जो फर्जी तरीकों से कनाडा जाने को तैयार हैं। आगे आरोपी राजबीर उर्फ अविनाश मुच्छद ने बताया कि उसने दोनों एजेंटों के संपर्क में आकर यह साजिश रची। साजिश के तहत वृद्ध दंपति के पास अपने पोते से मिलने के लिए वैध वीजा था। श्रीलंका के लिए दो यात्रियों के वीजा लिए गए थे और उड़ानें लगभग उसी समय बुक की गईं ताकि बोर्डिंग पास का आदान-प्रदान किया जा सके।
आरोपियों से पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी राजबीर सिंह उर्फ अविनाश मुच्छद उर्फ मनजिंदर सिंह उर्फ शैली प्रीतपाल सिंह के खिलाफ पहले से ही 05 प्राथमिकी दर्ज हैं और उसे कभी गिरफ्तार नहीं किया गया है ।
1- एफआईआर नंबर 49/20 यू/एस 419/420/468/471 आईपीसी और 12 पीपी एक्ट पीएस आईजीआई एयरपोर्ट, एनडी।
2- एफआईआर नंबर 203/20 यू/एस 419/420/468/471 आईपीसी और 12 पीपी एक्ट पीएस आईजीआई एयरपोर्ट, एनडी।
3- एफआईआर नंबर 327/21 यू/एस 420/468/471 आईपीसी और 12 पीपी एक्ट पीएस आईजीआई एयरपोर्ट, एनडी।
4- एफआईआर नंबर 130/22 यू/एस 420/468/471 आईपीसी और 12 पीपी एक्ट पीएस आईजीआई एयरपोर्ट, एनडी।
दोनों एजेंट पंजाब से कनाडा जाने वालों के लिए गुजरात के ग्रामीण इलाकों में धोखाधड़ी से प्राप्त कनाडाई वीजा की व्यवस्था करके व अनुचित तरीकों से कनाडा में बसने में सुविधा प्रदान करते हैं ।
विदेश जाने के लिए वैद्य तरीकों को अपना चाहिए । भोले भाले लोगों को विदेश जाने का सपना दिखाकर फंसाने वाले लोगों के बहकावे में न आएं ।



