
छतीसगढ़ : सुकमा और बीजापुर की सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलवादियों में शनिवार को घमासान मुठभेड़। सुरक्षा बालों को नक्सलियों का खूंखार कमांडर हिड़मा के सुकमा और बीजापुर के जंगली इलाके में होने की सूचना मिली। इसके बाद सुरक्षा बलों के 1500 जवानों ने आपरेशन शुरू किया कर दिया था। सुरक्षा बलों के जंगल में प्रवेश करते ही माओवादियों ने घात लगाकर तीन तरफ से हमला कर दिया। इस हमले में 700 जवानों को घेर कर हमला किया गया। इस हमले में 22 जवान शहीद हो गए हैं 31 जवान घायल हो गए हैं इनका अलग अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। जवानों पर हमला करने वाले तकरीबन 180 से 250 माओवादियों की संख्या बताई जा रही है । इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 15 माओवादी मार गिराए। सुरक्षा बलों को माओवादी दल की एक महिला का शव भी बरामद हुआ है इसने सुरक्षा बल की वर्दी पहनी हुई थी। सूचना मिली है नक्सलवादी अपने दो साथियों ट्रैक्टर में डाल कर ले गए हैं। DGP छतीशगढ डी एम अवस्थी का कहना है की कल दो जवानों के शव मिले थे, आज 20 जवानों के शव आ गए है। एक CISF का जवान लापता है। सुरक्षा बलों की इतनी बड़ी क्षति होने के विषय पर इस ऑपरेशन के खत्म होने के बाद समीक्षा की जाएगी।
छत्तीशगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल : “इस हमले को करने वाला एक भी नक्सली नहीं बचेगा” और अब यह नक्सलियों के अस्तित्व की आखिरी लड़ाई होगी।
|
सुरक्षा बलों पर हमला जिस तरह से घात लगा कर हुआ है उसको देखकर ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है नक्सलवादियों को सुरक्षाबलों के आपरेशन की भनक लग गई थी। सुरक्षा बलों को तीन ओर से घेर कर जिस तरह से हमला किया है उससे फ़ोर्स को भारी नुक्सान उठाना पड़ा है। अभी कई जवान लापता बताये जा रहे हैं। यह मुठभेड़ तकरीबन पांच घंटे चली। इस हमले में नक्सलियों ने रॉकेट लांचर, हैण्डग्रेंड, बम, LMG का इस्तेमाल किया गया है। नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों के शवों को कैम्प वापिस लाया जा रहा है।
खबरों के मुताबिक, सीआरपीएफ की कोबरा कमांडो टीम, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड और स्पेशल टास्क फोर्स की टीम इलाके में माओवादियों के खिलाफ अभियान चला रही थी, तभी यह मुठभेड़ शुरू हो गई. बस्तर रेंज के बीजापुर जिले के तारेम इलाके में यह मुठभेड़ हुई है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में सुरक्षाकर्मियों के शहीद होने पर रविवार को दुख व्यक्त किया और कहा कि उनके शौर्य को कभी भुलाया नहीं जाएगा. शाह ने कहा कि शांति और प्रगति के दुश्मनों के खिलाफ सरकार अपनी लड़ाई जारी रखेगी.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘मैं छत्तीसगढ़ में माओवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए हमारे वीर सुरक्षाकर्मियों के बलिदान को नमन करता हूं. राष्ट्र उनके शौर्य को कभी नहीं भूलेगा. मैं उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं. हम शांति और प्रगति के इन दुश्मनों (नक्सलियों) के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.’