

दक्षिणी दिल्ली : राजढाणी दिल्ली में कुछ दिनों से दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के नाम से कई गैंग फर्जीवाड़ा चला रहे हैं । यह भोले भाले लोगों को पुलिस के नाम की इतनी दहशत दे देते हैं की लोग इनसे डर कर अपना पैसा इनको दे डालते हैं । दिल्ली पुलिस ने क्राइम ब्रांच के नाम पर लोगों को लूटने वाले गैंग का पर्दाफाश हुआ है।
दक्षिण दिल्ली के लोधी कॉलोनी थाना पुलिस ने अश्वनी, देवदत्त व राकेश नाम के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है । यह तीनों ही निकली क्राइम ब्रांच के अधिकारी बन कर लोगों से रकम ऐंठ लिया करते थे ।
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लोधी कालोनी इलाके के एसीपी कुलबीर सिंह, थाना इंचार्च सुनील ढाका ने आस पास स्नैचिंग की वारदातों पर लगाम कसने के लिए इलाके की पुलिस पैकेट पर काफी हद तक भरोसा किया जाता है इसलिए अपने थाने के स्टाफ को खास अलर्ट किया हुआ था।
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लोधी कालोनी सब इंस्पेक्टर आनंद झा, पीएसआई दीपेंदर, एएसआई सतपाल, सिपाही विजय, मुकेश, अमित और सुनील 10 फरवरी की रात जवाहरलाल नेहरू के गेट नम्बर 6 के सामने रोड पर पिकेट पर तैनात थे।
रात तकरीबन साढ़े आठ बजे एक सफेद रंग की कार को चैकिंग के लिए रुकवाया गया। उस कार में चार लोग सवार थे, कार रोकते ही तीन लोग कार छोड़ कर भागने लगे। मगर कार में बैठे चौथे व्यक्ति ने पुलिस स्टाफ को बताया की इन तीनों ने अपने आपको क्राइम ब्रांच का अधिकारी बता कर उससे कार में 6000 रुपये निकलवा लिये हैं ।

इतना सुनते ही मौके पर मौजूद स्टाफ ने भागते हुए तीनों ठगों को पीछा कर धर दबोचा । पुलिस की गिरफ्त में आये अश्वनी कुमार देव दत, और राकेश कुमार ये तीनों आरोपियों ने खुलासा किया ! ये भोले भाले लोगों को कार में बैठा करनकली क्राइम ब्रांच के अधिकारी बनकर पुलिसिया ढोंग करके उसके पैसे ठग लिया करते थे ।

इस केस में शिकायत कर्ता सुरेश गिरी नाम का शख्स था जो दक्षिण दिल्ली के महरौली से आनंद विहार बस अड्डा जाने के लिये किसी सवारी का इंतजार कर रहा था । इन्होंने सुरेश गिरी को लिफ्ट देने के नाम पर बैठा लिया। इसके बाद उसे बताया वो क्राइम ब्रांच के लोग हैं तथा दिल्ली में एक महिला का मर्डर करके हत्यारे 40 लाख रूपये लूट कर फरार हैं । पूरी दिल्ली में उनकी तलाश हो रही है । हर आदमी के पास जो पैसे हैं उसकी भी जांच की जा रही है । तुम्हारे पास जो पैसे हैं उनकी जांच होगी।

उसको यकीन दिलाने के लिए इन लोगों ने अपने मोबाइल में रिकार्ड की हुई पुलिस वायरलेस सेट मैसेज को इसको सुनाया, सुरेश को यकीन हो गया की वाकई दिल्ली में कोई बड़ी घटना घट गई है।
इन लोगों ने उसे एक लिफाफा दिया, सुरेश ने 6000 रूपये उनके दिए लिफाफे में रख जांच करने के लिए इनको दे दिए। इससे पहले यह लोग सुरेश गिरी की रकम अपने कब्जे में करके उसे कार से किसी सुनसान जगह पर उतारने की फ़िराक में थे। मगर आगे लोधी कालोनी के थाने की पिकेट पर इनकी कार रोक ली गई।
वहां तैनात सतर्क पुलिस स्टाफ की मुस्दैदी से इन तीनों ठगों को दबोच लिया गया । पुलिस को जांच से यह भी पता चला है इस लिफाफा गैंग ने दक्षिणी दिल्ली और दक्षिणी पूर्वी दिल्ली में तकरीबन 30 लोगों को नकली क्राइम ब्रांच के चक्रव्यूह में फंसा कर ठगा है।




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