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14 अगस्त : डर के आगे जीत है, दो जांबाज IPS युवाओं को #PoliceGallantryMedal पुलिस बहादुरी पदक सम्मान

2020 दंगों शहीद हुए दिल्ली पुलिस के हवलदार रतन सिंह को भी पुलिस बहादुरी पदक (Police Gallantry Medal ) से सम्मानित किया गया है

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नई दिल्ली : इस बार भारत अपनी स्वतंत्रता का 75 वीं वर्षगांठ मना रहा है। देश सेवा में अपना सर्वस्व बलिदान करने वालों का आज भी देश सम्मान करता आ रहा है। वर्तमान कालखंड में आज भी ऐसे व्यक्तित्व हैं जो अपने हौसलों की मिसाल समाज में पेश करते हैं। ऐसे ही हौसलों और जाबांजी से लबरेज दो युवा IPS  अधिकारी जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में जबरदस्त साहस और बहादुरी का परिचय दिया। स्वतंत्रता दिवस 2021 को  इनकी जाबांजी के चलते इनको पुलिस बहादुरी पदक (Police Gallantry Medal ) से सम्मानित किया गया है। 

अमित शर्मा IPS, (AGMUT  2010) जो वर्तमान में पुलिस अधीक्षक ( Superintendent of Police, Daman) हैं। 2020 में जब देश में CAA और NRC को लेकर जगह जगह प्रदर्शन किये जा रहे थे । उसी दौरान दिल्ली के उत्तरी पूर्वी जिले में CAA के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों ने उपद्रव और दंगा शुरू कर दिया। उस दौरान अमित शर्मा शाहदरा जिले में उपायुक्त (DCP) थे।
CAA के विरोध में दंगाई पुलिस पर पथराव करते हुए
अमित शर्मा को स्थिति पर काबू पाने के लिए उत्तरी पूर्वी जिले के चाँद बाग़ इलाके में भेजा गया। क्योंकि दंगाइयों ने रोड जाम लगा कर पेट्रोल पम्प और इमारतों में आग लगाना शुरू कर दी थी। अमित शर्मा इन दंगाइयों को रोकने के लिए अपने पुलिस के स्टाफ के साथ दिवार बनकर खड़े हो गए। अमित शर्मा जबरदस्त साहस और दृढ़ संकल्प से अपने पुलिस कर्तव्य को निभाते हुए दंगाइयों से संघर्ष करते रहे। उसी दौरान दंगाइयों ने अमित शर्मा पर तलवारों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में अमित शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके साथ संघर्ष में शामिल उनका एक हवलदार रत्न लाल वीरगति को प्राप्त हो गया। अमित शर्मा को इतनी गंभीर चोटें आई थी यदि वक्त पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता तो इनका बचना मुश्किल था। अमित शर्मा ने कई दिनों तक मौत और जिंदगी की जंग में मौत को हरा कर फिर वापसी की। उनकी इस वीरता के लिए उन्हें पहले `लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड मिल चुका है। उनकी वीरता के लिए उनको भारत सरकार इस वर्ष 75 वें स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस बहादुरी पदक (Police Gallantry Medal ) से सम्मानित किया है।

है वही वीर महाराणा जीवन का, बहादुरी से जिसकी प्रीत है I
ज्ञान यही है जीवन का कि, डर के आगे जीत है II

पुलिस सर्विस के दूसरे युवा IPS अधिकारी संजय सैन (AGMUT  2011) जो वर्तमान में दिल्ली के सबसे संवेदनशील इलाके उत्तरी पूर्वी दिल्ली में उपायुक्त (DCP) हैं। संजय सैन हौसलों से लबरेज युवा अधिकारी हैं। उन्होंने अपनी कार्यशैली अपने बुलंद इरादों से क़ानून व्यवस्था पर अपनी जबरदस्त पकड़ बनाने में कामयाबी हासिल की है। वर्तमान में उत्तरी पूर्वी दिल्ली में रहकर कई सफल एनकाउंटर पुलिस और अपराधियों के खिलाफ सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया है। 
2019 में जब अरुणाचल प्रदेश में रोइंग क्षेत्र में पुलिस अधीक्षक ( Superintendent of Police, Daman) थे। वहाँ एक दिन विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली की एक प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन NDFB-S के लोग शहर के एक बैंक को लटूने के इरादे से धावा बोलेंगे। एसीपी रोइंग क्षेत्र संजय सैन ने खुद नेतृत्व करते हुए उस इलाके को घेर लिया और जैसे ही उग्रवादी बैंक लूटने आये अपनी टीम के साथ इन उग्रवादियों का डट कर मुकाबला किया और की घंटों की फायरिंग के बाद 9 में से 7 उग्रवादियों को जिन्दा पकड़ लिया। इसके अलावा इनकी टीम ने बैंकों को लूटने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले उपकरणों  के साथ साथ भारी मात्रा में गोला बारूद जब्त किया। उस दौरान दोनों तरफ जबरदस्त फायरिंग में लोगों की जान और माल का कोई नुक्सान नहीं होने दिया।

इनके इस साहसिक कार्य के चलते भारत सरकार ने  75 वें स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस बहादुरी पदक (Police Gallantry Medal ) से सम्मानित किया है।

होता है नाम उन्हीं का जग में, जो सबसे अलग कुछ कर जाएं I
मेहनत की कलम से जग में वो, इतिहास नया एक रच जाएँ II

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