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29 अगस्त : ED के नाम पर लाखों का स्पूफिंग (Spoofing) क्राइम करने वाले गिरफ्तार

क्राइम ब्रांच ने किया चार स्पूफर (spoofer) गिरफ्तार

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क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में चारों स्पूफर (Spoofer)

स्पूफिंग क्या है ?
स्पूफिंग, सामान्य रूप से, एक ठगी या फ़र्ज़ी गतिविधियों को अंजाम देने का जरिया है जिसमें संचार(Communication) को अज्ञात स्रोत(Unknown Source) से भेजा जाता है जो रिसीवर को ज्ञात स्रोत (Known Source) के रूप में Display होता है। Spoofing communication system में सबसे अधिक प्रचलित है जिसमें उच्च स्तर की सुरक्षा का अभाव होने के कारण लोग इसके जाल में फंस जाते हैं ।

जिस प्रकार हैकिंग करने वाले को हैकर कहते है ठीक उसी प्रकार स्पूफ़िंग करने वाले को स्पूफर कहते है।  स्पूफिंग करने वाले सरकार की बड़ी जांच एजेंसियों से लेकर उच्च स्तरीय अधिकारियों, मंत्रालयों की संचार प्रणालियों को हैक करके संदेश भेजते हैं ।


स्पूफिंग के प्रकार :
IP Spoofing 
Caller ID Spoofing 
E-Mail Spoofing 
ARP Spoofing 
Content Spoofin

नई दिल्ली : स्पूफिंग (Spoofing) अपराध देश में उभरता हुआ ऐसा अपराध है जिसनें सरकारी तंत्र को संकट मे डाल दिया है । इस अपराध को करने वाले सरकारी एजेंसियों से लेकर उच्च पदों पर बैठे लोगों की संचार प्रणाली को हैक करके लोगों के साथ ठगी का कारोबार करते हैं ।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ऐसे स्पूफिंग (Spoofing) करने वाले गैंग को पकड़ा है । इस गैंग ने ED का फ़र्ज़ी नोटिस भिजवा कर लाखों की अवैध वसूली करने का जाल बिछाया था ।
नार्थ ईस्ट दिल्ली के मोहम्मद रफीक नाम के शख्स को इस गैंग ने स्पूफिंग (Spoofing) के माध्यम से जांच के लिए मेल नोटिस भेजा । इसके बाद इनका वसूली के लिए खेल शुरू हुआ । इन्होंने मोहम्मद रफीक से ED की जांच बन्द करने के नाम पर 50 लाख की मांग की थी ।
मोहम्मद रफीक ने जब ED ऑफिस से सम्पर्क किया तो ज्ञात हुआ कि ED की तरफ से कोई भी नोटिस नही भेजा गया । इस सारे मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस को अपराध शाखा के पास आई । दिल्ली पुलिस अपराध शाखा की डीसीपी  मोनिका भारद्वाज, ने एसीपी संदीप लाम्बा, इंस्पेक्टर विवेकानंद झा ने स्पूफिंग (Spoofing) के बड़े मामले की गंभीरता को देखते हुए अपनी तेजतर्रार सब इंस्पेक्टर संजय गुप्ता के साथ एएसआई धरमिंदर, सिपाही रविन्द्र, परवीन, मिंटू को जांच के निर्देश दिए ।

सब इंसपेक्टर संजय गुप्ता ने बेहतरीन पुलिसिंग की मिसाल पेश करते हुए एक जाल बिछाया । टीम ने रफीक को मामले के केंद्र में रखकर इन जालसाजों से डील शुरू कर दी । 23 अगस्त को इस डील में 22 लाख रुपये तय किये गए । इसके बाद 26 अगस्त को रफीक को इन स्पूफर ने नई दिल्ली ED आफिस संसद भवन के पास बुलाया ।  योजनानुसार शिकायकर्ता मोहम्मद रफीक स्पूफर के बताए ठिकाने पर पहुंचे । सब इंस्पेक्टर संजय गुप्ता ने अपनी क्राइम टीम के द्वारा नाकाबंदी कर दी । क्राइम ब्रांच के बिछाए जाल में कर चारों स्पूफर फंस गए । इसमें  MBBS डाक्टर संतोष राय सहित, उसके तीन साथियों कुलदीप, भूपेंद्र, संजय को गिरफ्तार कर लिया ।

सब इंस्पेक्टर संजय गुप्ता की टीम जिसने चारों स्पूफर को गिरफ्तार किया

मोहम्मद रफीक जो नार्थ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट दिल्ली के मौजपुर का रहने वाले है और इनका कस्टम क्लियरेंस का बिजनेस है
इस  स्पूफिंग (Spoofing) गैंग ने 50 लाख की रकम मांगी । इसमें डाक्टर संतोष राय ED अधिकारी राजीव शर्मा बन कर बात किया करता था । इसमें भूपेंद्र एडवोकेट की भूमिका निभाता था ।

ED के नाम पर फ़र्ज़ीवाडा करने वाले 4 लोगों को जो नार्थ ईस्ट दिल्ली के मौजपुर के रहने वाले हैं जिनके नाम हैं संजय, कुलदीप, भूपेंद्र, ओर डाक्टर संतोष राय इनको गिरफ्तार कर लिया है । संतोष राय ED का आला अधिकारी बनकर राजीव शर्मा के नाम से बात किया करता था । संतोष राय पेशे से MBBS डाक्टर भी है ।

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