नई दिल्ली : गरीब किसान परिवार में जन्मे: (JDU) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री शरद यादव का निधन 75 वर्ष की आयु में हो गया. शरद यादव का जन्म 1 जुलाई, 1947 को मध्य प्रदेश के होशंगाबाद के बंदाई गांव में एक किसान परिवार में हुआ. शरद यादव एक साधारण परिवार में जन्मे थे. शरद यादव ने बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग की डिग्री ली थी. ये डिग्री उन्होंने मध्य प्रदेश के जबलपुर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज से ली थी.
छात्र संघ से शुरू की राजनीति: <span;>वह इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्र राजनीति में उतरे. 1971 में जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज छात्र संघ चुनाव लड़े और जीत भी गए. इस तरह छात्र संघ अध्यक्ष बन वह राजनीतिक जीवन में प्रवेश कर गये. और खूब सफलता भी हासिल की.
<span;>राम मनोहर लोहिया के विचाओं से प्रभावित थे
उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत लालू, मुलायम और एचडी देवगौड़ा के साथ ही हुई थी। वह डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों से काफी प्रेरित थे, जिसकी वजह से वह कई लोहिया के आंदोलनों में शामिल रहे। MISA के तहत उन्हें 1969-70, 1972 और 1975 में उन्हें हिरासत में भी लिया गया।
<span;>जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने दो अन्य राज्यों में भी राजनीतिक दबदबा कायम किया. शरद यादव ने बिहार के मधेपुरा लोकसभा से चार बार जीत दर्ज की. वहीं, इसके अलावा वह दो बार मध्यप्रदेश के जबलपुर से सांसद चुने गए. एक बार वह उत्तर प्रदेश के बदायूं से भी लोकसभा पहुंचने में कामयाब रहे. कुल सात बार वह लोकसभा सांसद और तीन बार राज्यसभा सांसद रहे. राजनीतिक गठजोड़ के माहिर खिलाड़ी शरद यादव को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राजनीतिक गुरु भी माना जाता है.
पहली सांसद बनने का सफरनामा
वह पहली बार साल 1974 में मध्य प्रदेश की जबलपुर लोकसभा सीट से सांसद बने थे. 1977 में वह फिर इस सीट से सांसद बन गए। 1986 में वे राज्यसभा से भी सांसद चुने गए थे. 1989-90 में वह टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय में केंद्रीय मंत्री भी रहे। साल 1998 में उन्होंने जनता दल यूनाइटेड नाम से पार्टी बनाई थी, जिसमें उनकी मदद जॉर्ज फर्नांडीस ने की थी.साल 1999 में उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय भी संभाला और 2001 में केंद्रीय श्रम मंत्रालय की जिम्मेदारी निभाई.


