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नई दिल्ली एनसीआर व उत्तर प्रदेश से सात आरोपी गिरफ्तार
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पांच आरोपी अपराध शाखा की दो टीमों द्वारा गिरफ्तार
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दो आरोपी उत्तरी जिला व न्यू दिल्ली जिला की सयुंक्त टीमों द्वारा गिरफ्तार
नई दिल्ली : 24 जून को चांदनी चौक में एक निजी फर्म के साथ काम करने वाला एक डिलीवरी एजेंट और उसका सहयोगी नकदी के एक बैग लेकर गुरुग्राम जा रहे थे. दोनों ने लाल किले से एक कैब को बुक किया. जब वे प्रगति मैदान सुरंग में पहुंचे तो दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार लोगों ने उनकी कैब को रोक लिया। उनमें से एक ने पिस्तौल निकाली और बंदूक की नोक पर रुपयों से भरा बैग छीन लिया कर मौके से फरार हो गए.
लूट पर सियासत
दिन दहाड़े लूट का मामला थाना तिलक मार्ग, दिल्ली में दर्ज कर लिया गया. लूट की वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री से लेकर कारोबार जगत ने दिल्ली में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पुलिस को कटघरे में ला खड़ा किया. यहां तक केंद्र सरकार तक की आलोचना की जाने लगी.
जांच में लगी तीन उपायुक्तों की टीमें
यह मामला ज्यादा तूल पकड़ता की केस की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा, उत्तरी जिला व नई दिल्ली जिला की टीमें जांच कार्य में लग गई.
अपराध शाखा के सिपाही के हांथ लगे सुराग
आईएससी, अपराध शाखा के हवलदार सोनू को प्रगति मैदान टनल की लूट के मामले में शामिल आरोपियों के बारे में कुछ सुराग मिले. सूचना के आधार पर ज्वाइंट कमिश्नर एसडी मिश्रा व डीसीपी अमित गोयल द्वारा एसीपी रमेश लांबा की देख रेख में एक टीम का गठन किया गया. जिसका नेतृत्व इन्स्पेक्टर मनमीत मलिक कर रहे थे. जिसमें सब-इंस्पेक्टर राजेन्द्र, सब इन्स्पेक्टर-सुनील, एएसआई राजीव, एएसआई कृष्ण, हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल बिजेंद्र, हेड कांस्टेबल सोनू और कांस्टेबल आशीष शामिल थे.
टीम ने दिल्ली और हरियाणा में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की और उस्मान अली उर्फ कल्लू, अनुज मिश्रा उर्फ सनकी और कुलदीप उर्फ लुंगड को गिरफ्तार कर लिया.
टीम ने तेजी से कार्यवाही करते हुए आरोपी इरफान पुत्र जाकिर अली, जो घटना के दिन मोटरसाइकिल चला रहा था और सुमित उर्फ आकाश जिसने आरोपी उस्मान के साथ मिलकर रेकी की साजिश रची थी, इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया.
दूसरी तरफ उत्तरी जिले और नई दिल्ली जिले की संयुक्त टीम का नेतृत्व डीसीपी सागर सिंह कलसी डीसीपी प्रणव तायल ने किया. उत्तरी जिले की टीम में सहायक एसीपी धर्मेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर रोबिन, सब इन्स्पेक्टर-रोहित, एएसआई हरफूल, एएसआई बाल हुसैन, हेड कांस्टेबल प्रवीण व नई दिल्ली जिले की टीम में एसीपी अतुल, इंस्पेक्टर किशोर, इंस्पेक्टर हरकेश, सब इंस्पेक्टर अनुराग, सब इंस्पेक्टर प्रवीण शामिल थे. इस टीम ने प्रदीप उर्फ सोनू और अमित उर्फ बाला को गिरफ्तार कर लिया था.
उस्मान अली रखता था कारोबारियों की जानकारी
उस्मान अली उर्फ कल्लू कई वर्षों से चांदनी चौक इलाके में अमेज़ॅन के साथ एक कूरियर बॉय के रूप में काम कर रहा है और उसे कूचा घासीराम, कूचा महाजनी आदि में नकदी की आवाजाही के बारे में जानकारी रखता था। उसने कई बैंकों से कर्जा लिया था और आईपीएल सट्टा में पैसा गंवा बैठा था. अपना कर्ज चुकाने के लिए पैसों की तंगी में उसने नकदी ले जाने वाले व्यापारियों को लूटने की साजिश रची. इसने कारोबारियों की रकम की आवाजाही की जानकारी अपने साथियों को बताई.
अनुज मिश्रा उर्फ सनकी ने डकैती के दौरान मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया. वह पहले हथियार तथा चोर, डकैती के 5 मामलों में शामिल रहा है.
लूट को अंजाम देने वाले पेशेवर अपराधी
कुलदीप उर्फ लुंगड़ जहांगीरपुरी का रहने वाला है. यह अपराधी है, जो पहले आर्म्स एक्ट, स्नैचिंग और डकैती के 16 मामलों में शामिल रहा है. डकैती के लिए पिस्तौल और कारतूस की व्यवस्था भी कुलदीप ने की थी.इनका साथी इरफान नाई का काम करता है और अपने चचेरे भाई उस्मान के कहने पर इनके गैंग में शामिल हो गया .
सुमित उर्फ आकाश सब्जी बेचने के साथ साथ वेटर का काम करता है। यह सन्नी के माध्यम से इस गैंग के संपर्क में आया.
खूंखार अपराधी प्रदीप भी लूट में शामिल
इस गैंग का अपराधी प्रदीप उर्फ सोनू जिला बागपत, यूपी का रहने वाला खूंखार अपराधी है। इसपर पहले भी 37 अपराधिक मामले दर्ज हैं और यह इस लूट में मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है। फिरौती के एक मामले में 8 साल तक न्यायिक हिरासत में रहा था और 2 साल पहले ही जेल से रिहा हुआ था.
अमित उर्फ बाला भी कुछ समय पहले प्रदीप के माध्यम से उस्मान के संपर्क में आया और इन अपराधियों के गैंग में लूट को अंजाम देने के लिए शामिल हो गया. लूट की वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिलें भी फर्जी नंबर प्लेट वाली थीं. इनके पास से लूट के 4.98 लाख रुपये. एक पिस्तौल व 2 जिंदा कारतूस बरामद हुए.



