एवरेस्ट की तैयारी बेटों के लिए, चढ़ आती हैं बेटियां ।
नई दिल्ली : ऐसी ही एक बेटी है नाम सौम्या जोशी जिसकी अपने हुनर से सिर्फ अपने परिवार नही बल्कि देश की सारी बेटियों के लिए प्रेरणा बनी हैं । सौम्या दिल्ली पुलिस में तैनात इंस्पेक्टर प्रमोद जोशी की बेटी है। प्रमोद जोशी वर्तमान समय में थाना इंचार्ज गोकुलपुरी हैं जो उत्तरी पूर्वी दिल्ली क्षेत्र कहलाता है ।
सौम्या के पिता SHO प्रमोद जोशी
अक्सर पुलिस फोर्स को अपने परिवार से दूरी का मलाल रहता है । ड्यूटी की अनिश्चितताओं के बीच फंसे पुलिस परिवार के मुखिया अपने परिवार के बच्चों को वो वक्त नही दे पाते हैं जिसकी उनको उस वक्त दरकार होती है । इस विषम परिस्थितियों के बीच यदि उनके बच्चे अपनी काबिलियत से स्वयं को उस मुकाम तक ले जाएं जहाँ उसके परिवार को उन पर फ़ख्र का अहसास हो ख़ास कर उस पिता को जो देश की सेवा में जनता की सेवा में लगे लगे अपने जिगर के टुकड़ों को अपने लाड़-दुलार का अहसास भी नही दे पाता हो ।
नृत्य अभ्यास करती सौम्या जोशी
सौम्या जब छोटी सी अवस्था में थी घर में टीवी देखकर या संगीत सुनकर डांस किया करती थी । जब 5 साल की हुई तो उसकी नृत्य के प्रति रुचि देखकर उसे मंडी हाउस में संगीत भारती से नृत्य की शिक्षा लेनी शुरू कर दी । तकरीबन 5 साल तक कथक सीखा इसके बाद श्रीराम इंस्टीट्यूट में प्रवेश लेकर वहां अपनी कला को ओर निखार रही है । सौम्य अपनी लगन औऱ मेहनत से छोटी सी उम्र में कथक में पारंगत हो गई है इसके साथ ही नृत्य विशारद भी कर लिया है ।
सौम्या का नृत्य की शिक्षा के अतिरिक्त शिक्षा का दूसरा पहलू भी है ।
परीक्षा की तैयारी करती सौम्या
यह भारतीय विद्या भवन में 10th कक्षा की छात्रा है जितनी नृत्य कला में पारंगत है इतनी अपनी स्कूली शिक्षा में भी निपुण है । हर वर्ष परीक्षाओं में 80 फीसदी अंक लेकर आती है । दोपहर में स्कूल से आने के बाद यह घर पर स्कूली काम निपटा कर नृत्य कक्षा के लिए श्रीराम इंस्टिट्यूट चली जाती है वहां 3 घण्टे अभ्यास करती है । सौम्या ने कई छोटे मंचो पर अपनी कला को प्रदर्शित कर बहुत प्रभावित किया है । लॉकडाउन के दौरान सौम्या को घर में अभ्यास का खूब मौका मिला है जिनमें उसने भारतीय नृत्य और पाश्चात्य डांस शैली का सम्मिश्रण कर एक नई नृत्य कला को ईजाद किया है ।
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