

- कोरोना काल में बेरोगारी का संकट बढ़ा।
- दिल्ली पुलिस ने युवा प्रशिक्षण को बनाया रोजगार दिलाने का जरिया।
- युवाओं को कोरोना काल में पुलिस दिला रही है रोजगार।
- इंस्पेक्टर अनिल शर्मा युवाओं को रोजगार दिलवाने की मुख्य कड़ी बने।
नार्थ वेस्ट दिल्ली : 2020 से कोविड-19 के भारत में पैर पसारने के बाद देश के कई राज्यों के आर्थिक कदम लड़खड़ा गए हैं। देश में बेरोजगारी पसारने लगी है। ज्यादा कोरोना का असर उभरती हुई पड़ी की प्रतिभा पर न पड़े इसके लिए पुलिस ने युवाओं के लिए जारी कौशल प्रशिक्षण के पहले चरण के पूरा होने के बाद 5 अलग-अलग कंपनियों में 14 युवाओं को जॉब प्लेसमेंट प्रदान किया गया। इस छोटे से आयोजन में पहले बैच के प्रारंभिक चरण में नामांकित सभी 25 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण समापन का प्रमाण पत्र दिया गया।
युवाओं को मुख्यधारा में लाने की दिशा में अपने प्रयासों को जारी रखते हुए, कोविड-19 महामारी के समय में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में योगदान करने के लिए संसाधन और प्रतिभा पैदा करने के उद्देश्य से, उत्तर-पश्चिम जिला, युवा योजना के तहत कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए विभिन्न कंपनियों और अस्पतालों के साथ समन्वय कर समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया करवाये हैं।

प्रारंभिक चरण में, 25 ऐसे उम्मीदवारों के पहले बैच ने 6 कंपनियों बी० ओ० इंटरनेशनल, भारत फार्मा, एटलस केमिकल्स, वर्ल्ड रेमेडीज, बायो-टेक वेस्ट सॉल्यूशंस एंड सिक्योरिटी एजेंसी में अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। इन सभी 25 उम्मीदवारों को संबंधित कंपनियों द्वारा “प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र” प्रदान किया गया है और 14 उम्मीदवारों को प्लेसमेंट प्रदान किया गया है।
इन युवाओं को मेडिकल से सम्बन्धित कार्यों को करना होगा जैसे दवाओं की आपूर्ति और वितरण, स्टॉक कीपिंग, डेटा प्रविष्टि, रिकॉर्ड रखरखाव, कार्यालय सहायता, पैकेजिंग, जैव-अपशिष्ट को छांटना आदि। पांच उम्मीदवारों को जैव-अपशिष्ट समाधान में प्लेसमेंट प्रदान किया गया है, चार उम्मीदवारों को दिया गया था। बीओ इंटरनेशनल कंपनी में नौकरी, भारत फार्मा में दो-दो उम्मीदवारों को और एक सुरक्षा एजेंसी में और एक उम्मीदवार को वर्ल्ड रेमेडीज में नौकरी प्रदान की गई है।
युवाओं के लिए जारी कौशल प्रशिक्षण में इंस्पेक्टर अनिल शर्मा मुख्य कड़ी के रूप में जुड़े हुए हैं। अभी तक अपने प्रयासों से 1,126 युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार दिला चुके हैं। इनमें कई ऐसे युवा भी हैं जो अपराधों के दलदल में फंस चुके थे। उनकों युवा अभियान से जोड़कर उनको प्रशिक्षण दिलाया गया। उनको रोजगार मुहैया करवा कर उनकी जिंदगी को नई राहे दी हैं।

दिल्ली के 8 अस्पतालों/नर्सिंग होम जैसे फोर्टिस अस्पताल, दीप चंद बंधु अस्पताल, एमडी सिटी अस्पताल आदि के सहयोग से स्वास्थ्य क्षेत्र और अन्य ट्रेडों में कौशल प्रशिक्षण के लिए उत्तर-पश्चिम जिले में कुल 182 युवाओं को नामांकित किया गया है।
वर्तमान समय में युवा प्रशिक्षण केंद्र में सैनिटाइज़र, फार्मास्युटिकल उत्पाद, दवाएं, सर्जिकल उत्पाद और बायो-वेस्ट को रिसाइकल आदि के निर्माण और आपूर्ति से संबंधित विभिन्न कंपनियां के लिए आगे के बैचों का प्रशिक्षण जारी है।


