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आर्केटेक्ट ऑक्सीजन मीटर की कालाबाज़ारी करते गिरफ्तार

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ऑक्सीजन के फ्लो मीटर की कालाबाज़ारी करने वाले

नई दिल्ली :  देश में कोरोना वायरस क्या आया लोगों को कालाबाज़ारी का अवसर मिल गया । आपदा में लोगों की मदद करने के विपरीत कोरोना के संकट में फंसे लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर मुनाफाखोरी की जा रही है ।
उत्तरी जिला दिल्ली पुलिस के  स्पेशल स्टाफ की टीम ने ऑक्सीजन के फ्लो मीटर की कालाबाज़ारी करते हुए 3 युवकों को गिरफ्तार किया है । इनमें से एक  युवक आर्केटेक्ट का छात्र है ।
स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली कि 600 रुपये का ऑक्सीजन फ्लो मीटर 5000 का बेचा जा रहा है । सूचना देने वाले ने फोन नम्बर भी दे दिया । इस सूचना के बाद कोतवाली एसीपी उमाशंकर और इंस्पेक्टर स्पेशल स्टाफ सुनील कुमार ने अपनी टीम के एएसआई यशपाल सिंह को नकली ग्राहक बनाकर फ्लो मीटर का सौदा करने की योजना बनाई । इस योजना के तहत फ्लोमीटर बेचने वाले के साथ सम्पर्क साधा गया । काफी हीलाहवाली के बाद वो शख्स ऑक्सीजन का फ्लोमीटर यशपाल सिंह को रुपये 5000 में बेचने के लिए राजी हो गया । योजना के अनुसार उसे ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, पेट्रोल पंप बुराड़ी, दिल्ली के पास मीटर देने के लिए बुलाया गया । समयानुसार बाइक पर दो युवक आये नाकाबंदी करके बैठी स्पेशल स्टाफ की टीम ने वहां दोनों को धर लिया । इनमें एक सिख युवक करनजीत सिंह (20) और दूसरा भानू उर्फ साहिल (21) यह दोनों बुराड़ी के रहने वाले हैं ।
इन्होंने पुलिस को बताया कि ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए दिल्ली में भारी मांग बढ़ रही है । लोगों को सिलेंडर तो मिल जाते हैं मगर मरीज को ऑक्सीजन कितनी मात्रा में देना उसके लिए फ्लोमीटर नही मिलता । इसकी बाजार में कीमत 600 से 700 रुपये है । लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने के लिए मेरठ के शफीक नाम के व्यक्ति से खरीद कर दिल्ली में 5000 रुपये में बेच रहे थे । इन दोनों के खुलासे के बाद स्टाफ की टीम ने अरुण गुप्ता (25) को शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन के पास से पकड़ लिया । यह रोशना रोड़ का रहने वाला है । इसके पास से 4 ऑक्सीजन फ्लोमीटर और स्कूटी बरामद की है । अरुण गुप्ता गुरुग्राम में किसी नामी आर्केटेक्ट इंस्टीट्यूट का छात्र है ।

कालाबाज़ारी के तहत ऑक्सीजन के सिलेंडर पर लगने वाले फ्लोमीटर

नार्थ डिस्ट्रक्ट डीसीपी एन्टो अल्फोंस ने हमें बताया की  “कोरोना संकट के वक्त मरते हुए लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने के लिए इन तीनों ने मिलकर इस ऑक्सीजन सिलेंडर पर लगने वाले मीटर को कई गुना दामों में बेचने का धंधा शुरू कर दिया । अरुण गुप्ता की करनजीत सिंह से सोशल मीडिया के माध्यम से जानपहचान हुई थी । इसके बाद यह तीनों मिलकर आस पास के लोगों को फ्लो मीटर की सप्लाई करने लगे । पुलिस ने इनके पास से 36 ऑक्सीजन फ्लो मीटर बरामद हुए हैं । मोबाइल मिले हैं जिनमें लोगों से मीटर का सौदा करने की चैट भी मिली है । एक स्कूटी और मोटर साइकिल भी मिली है जिसपर सप्लाई किया करते थे “।

पुलिस ने इनको गिरफ्तार करते हुए इनपर  u/s 420/269/188/120B/34
IPC & 3 महामारी Act की धाराएँ लगाई हैं ।

 

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