

नई दिल्ली : दिल्ली में जैसे जैसे कोरोना के मरीजों की फेहरिस्त लम्बी होती जा रही है। इसके साथ साथ मेडिकल के सामान की कालाबाज़ारी भी बढ़ती जा रही है। जब से दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी को लेकर अफरातफरी का माहौल बना है तब से ऑक्सीजन सिलेंडर से लेकर कन्संट्रेटर की कालाबाज़ारी हो रही हैं। दिल्ली पुलिस भी लगातार रोजाना कालाबाज़ारी करने वालों की धड़पकड़ कर रही है।
कोरोना वाइरस की दूसरी लहर के हमले के बाद उत्तरी दिल्ली जिले की पुलिस ठप्प हुई ऑक्सीजन व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ साथ मुनाफाखोरों को भी ढून्ढ ढून्ढ कर पकड़ रही है।
उत्तरी जिले में दिल्ली पुलिस की ATS और स्पेशल स्टाफ के ज्वाइंट टीमों ने कालाबाज़ारी करने वालों को मुँह तोड़ जवाब दिया है। दोनों टीमों ने ऑपरेशन करते हुए 2 करोड़ रूपये के ऑक्सीजन कन्संट्रेटर की कालाबाज़ारी करने वाले 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।
इनके पास से 170 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर और अडाप्टर की खेप बरामद हुई है। एक ट्विटर हैंडल ने इन मुनाफाखोरों को जेल पहुंचा दिया । जनता की जागरूकता के कारण पुलिस इनको पकड़ पाई है।
पुलिस को ट्विटर हैंडल पर शिकायत मिली थी जिसमें लिखा था `सरायरोहिल्ला इलाके के शास्त्री नगर एरिया में मित्तल स्टोर पर 95 हज़ार का ऑक्सीजन कन्संट्रेटर बेचा जा रहा है ट्वीट करने वाले ने दुकानदार का मोबाईल नंबर भी लिखा हुआ था। इस शिकायत पर गंभीरता अख्तियार करते हुए पुलिस ने इस पर कार्यवाही शुरू कर दी।
एसीपी कोतवाली उमाशंकर और स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को इस शिकायत पर तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश डीसीपी नार्थ एन्टो अल्फोंस द्वारा दिए गए।

डिस्ट्रिक्ट डीसीपी के निर्देश के बाद सब आला अधिकारीयों के निर्देशन पर सब इंस्पेक्टर राजपाल (AATS) हवलदार मुनीश, हवलदार संदीप, हवलदार बालकिशन और सिपाही दीपक ने पहले मोबाइल नंबर से जाँच शुरू की। जांच से पता चला यह मोबाइल नंबर शास्त्री नगर में रहने वाली की महिला के नाम पर है। इसके बाद पुलिस ने दुकान को ढूंढ लिया जो ग्राउंड फ्लोर पर थी जिस पर नारंग संस, रूबी हौजरी का साइन बोर्ड लगा था।
पुलिस ने मोबाइल नंबर को टैक्निकल सर्विलांस पर लगाया तो मोबाइल इस्तेमाल करने वाला लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और कॉल को रिसीव भी नही कर रहा था । ATTS की टीम ने काफी मशक्कत के बाद पवन मित्तल (34) को शास्त्री नगर से गिरफ्तार कर लिया । इसके पास से 2 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर और दो अडाप्टर बरामद कर लिए गए । पहले इसने पुलिस को गुमराह किया, इसके बाद गुनाह कबूल करते हुए बताया कि ऑक्सीजन की भारी कमी और बढ़ती मांग को देखते हुए जल्दी और मोटा पैसा कमाने की योजना बनाई थी। ऑक्सीजन कन्संट्रेटर और अडाप्टर को 90 हजार से लेकर 1 लाख 10 हजार तक कि कीमत पर बेचते थे ।
पवन मित्तल ने बताया कि उसने हिमांशु खुराना से माल खरीदा था । पुलिस ने पवन मित्तल के साथी हिमांशु खुराना को गिरफ्तार कर लिया । हिमांशु खुराना सदर बाजार मे ढींगड़ा बैग के नाम से दुकान चलाता है । हिमांशु खुराना ने बताया कि उसने हिमांशु हांडा (34) और आयुष हांडा (28) से ऑक्सीजन कन्संट्रेटर खरीदे हैं ।
स्पेशल स्टाफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने दोनों आरोपी को पकड़ने के लिए सब इंस्पेक्टर विनीत, सब इंस्पेक्टर राकेश, एएसआई हरफूल, विनोद, हवलदार अंसार, मंजीत, जगओम, परवीन की टीम छापेमारी के लिए रवाना कर दी । स्पेशल स्टाफ की टीम सफलता पूर्वक ऑपरेशन को अंजाम देते हुए हिमांशु हांडा और आयुष हांडा को गिरफ्तार कर लिया । इन कालाबाज़ारी करने वालों ने निर्माणाधीन इमारत में 168 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर और अडाप्टर छुपाये हुए थे । यह कालाबाज़ारी करने वाला गैंग वहीं से निकाल कर लोगों को मशीन बेचा करता था ।

चारों आरोपियों के खिलाफ u/s 420/269/188/120B/34/ IPC & 3/7 ED Act सराय रोहिल्ला थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है । इसके साथ साथ इनके पास से बरामद ऑडी कार, एक मर्सडीज को कब्जे में ले लिया गया है ।
यह सभी आरोपी कारोबारी और पैसे वाले हैं मगर कहते हैं कि हवस की खोपड़ी कभी भरती नही है । जिस वक्त देश में कोरोना ने मौत का तांडव मचाया हुआ है । जिधर देखों मौत का मंजर ही मंजर है । संकट की इस घड़ी में इंसानियत का हक अदा करने की बजाए यह लाशों से कफ़न बेचने जैसा काम कर रहे थे । यह खुदगर्ज़ लोग सांस तोड़ते इंसानों से उनकी जिंदगी का सौदा किया करते थे । ऐसे लोगों से कानून को बड़ी सख्ती से निपटना चाहिए ।
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