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नार्थ-ईस्ट इण्डिया के लग्ज़री कुख्यात कार-चोर झुम्मा खान के दो सदस्य गिरफ्तार 

नार्थ दिल्ली डिस्ट्रिक्ट DCP मोनिका भारद्वाज के स्पेशल स्टाफ टीम तथा नीचे बैठे कार चोर गुलाम नबी तथा याशिर उर्फ़ शिकारी 

नई  दिल्ली : उत्तरी जिला दिल्ली पुलिस स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर सुनील शर्मा और इनके स्टाफ की टीम ने 11 लक्ज़री कारें, तथा दो कार चोरों को गिरफ्तार किया हैं । यह नई तकनीक  से GPS सिस्टम को डीऐक्टिवेट करके जैमर और सॉफ्वेयर पैड की मदद से लॉक के कोड को डीकोड करके कार चोरी करके ले जाते थे । जिन कारों की मांग होती थी उसी कार को चुरा कर बेच देते थे ।

नार्थ दिल्ली डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ द्वारा बरामद 11 लग्ज़री चोरी की गई कारें

पुलिस ने इस मामले में देश के दो नामी कार चोरों को  गिरफ्तार किया है । इनमें एक गुलाम नबी (28) और दूसरा यासिर उर्फ शिकारी (36), यासिर राश्ट्रीय स्तर का  निशानेबाज़ भी है । यह आसाम में कार मकैनिक का काम करता है । यह अमरोहा के  आफताब उर्फ बंटी के सम्पर्क में आया जो आपराधिक मामलों में नामजद है । इसके बाद मेरठ के इंतज़ार और बुलंदशहर के कमाल के सम्पर्क में आया।  गिरफ्तार कार चोर गुलाम नबी पर पहले भी 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

नार्थ दिल्ली डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर सुनील शर्मा के साथ कार चोरों को पकड़ने वाली टीम के सदस्य 

12 अगस्त को छोटे सिंह ने अपनी मारुति स्विफ्ट कार चोरी शिकायत गुलाबी बाग़ पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाई। इसके बाद कार चोरी का यह मामला स्पेशल स्टाफ नार्थ डिस्ट्रिक्ट को सौंपा गया। स्पेशल स्टाफ ने कुछ दिन पहले ही तीन ऑटो-लिफ्टर / रिसीवरों को गिरफ्तार करके एक अंतरराज्यीय ऑटो-लिफ्टिंग गिरोह का भंडाफोड़ किया था और 10 शानदार वाहन बरामद किए थे इसमें में हबीबुर रहमान @ मुजीबुर रहमान चोरी के वाहनों के सबसे बड़े रिसीवर झुम्मा खान के बारे में जानकारी दी थी।  यह झुम्मा खान जो संभल के उत्तर प्रदेश में रहता है उसने  गुलाम नबी और यशिर @ शिकारी को दिल्ली में ऑटो लिफ्टिंग और चोरी की कारों की खरीद के लिए सक्रीय किया हुआ था।

नार्थ दिल्ली डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ इंस्पेक्टर सुनील शर्मा के साथ कार चोरों को पकड़ने वाली टीम के सदस्य 

स्पेशल स्टाफ को पुराने सजा याफ्ता अपराधियों से एक नए ऑटो लिफ्टिंग रैकेट की जानकारी हासिल हुई। इस जानकारी के बाद नार्थ डिस्ट्रिक्ट ACP जयपाल सिंह, स्पेशल स्टाफ इंचार्ज इंस्पेक्टर सुनील शर्मा, ने टीम को तैयार कर एसआई हंसा राम, एएसआई यशपाल, एएसआई राज कुमार, एएसआई हरफूल सिंह, एचसी दीपक त्यागी, एचसी मंजीत, एचसी अंसार खान, एचसी प्रवीण, और कांस्टेबल सतबीर को इस सूचना पर काम करने के ख़ास दिशा निर्देश दिए। इसके बाद स्पेशल स्टाफ की टीम ने जानकारी जुटा कर ऑटो लिफ्टर्स की मूवमेंट पर टेक्नीकल सर्वलांस से नगर रखना शुरू कर दी।

पुलिस ने मुखबिर की सुचना पर काम करते हुए  शक्ति नगर, नाले  के पास जीटी रोड पर एक जाल बिछाया। इन्फॉर्मेशन के अनुसार एक बलेनो कार नंबर DL-12CJ-6498 को रोककर उसे रोकने का इशारा किया गया।  लेकिन ड्राइवर ने अपनी कार की गति बढ़ा दी और भागने की कोशिश करने लगा। सतर्क टीम तुरंत कार्रवाई में जुट गई और तेजी से और बैरिकेड्स लगाकर कार को रोकने में सफल रही। जाँच करने पर कार के अंदर दो व्यक्ति बैठे मिले और उनकी पहचान यशिर @ शिकारी (ड्राइवर) और गुलाम नबी के रूप में सामने आई। जांच से पता चला मारुति बलेनो कार अशोक विहार के इलाके से चोरी की गई है जिसकी FIR थाने में दर्ज थी ।  गुलाम नबी की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से चोरी की मारुति स्विफ्ट कार की आर / सी बरामद हुई।

नार्थ दिल्ली डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ इंचार्ज इंस्पेक्टर सुनील शर्मा

दोनों व्यक्तियों से पूछताछ की गई तो खुलासा हुआ की इन लोगों ने  दिल्ली की अलग अलग कालोनियों से कई लक्जरी कारेंचुराई हुई हैं। आगे पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने खुलासा किया कि वे चोरी के वाहनों को एक झुम्मा खान, फराज वारजी और बप्पा को बेचते करते हैं, जो इंफाल, मणिपुर और कोलकाता के कुख्यात रिसीवर हैं। पुलिस ने अन्य आरोपियों को से चोरी किए गए वाहनों को बरामद करने के लिए मेरठ, संभल और इंफाल, मणिपुर में लगातार कई छापे मारे।

स्पेशल स्टाफ की लगातार छापेमारी के बाद आरोपियों की निशानदेही परसंभल, यूपी से चोरी की चार कार बरामद किए गए  तीन वाहन दिल्ली के पेंटामेड अस्पताल के पास डेरवल नगर से दो अशोक विहार से बरामद किए गए हैं। एक कार इनके पास से मिली। अब स्पेशल स्टाफ की टीम ने इंफाल, मणिपुर में किंगपिन झुम्मा खान को पकड़े के लिए छापे मारे, लेकिन वह वहां से भाग निकला। इस सारे मामले के मुख्यआरोपी झुम्मा खान, फ़राज़ वारज़ी और बप्पा को पकड़ने की कोशिश में पुलिस लगी हुई है।

चुराई गई लग्ज़री कारों की चाबियां तथा PAID 

गिरोह के दो लोगों की गिरफ्तारी से अपराधियों की नई रणनिति सामने आई है। यह चोरी के वाहनों को मांग के अनुसार सप्लाई किया करते थे। कार चोरी के वक्त अपने साथ एक जैमर और PAD2 रखते हैं। शुरू में  जैमर का उपयोग करके वाहनों में स्थापित जीपीएस को निष्क्रिय कर दिया जाता थाऔर फिर वे पैड 2 का उपयोग करके वाहन के सॉफ्टवेयर को डिकोड करते हैं । कार को स्टार्ट की जाने वाली चाबी ऑनलाइन खरीदी जाती है। इन चाबियों को चिप् से जोड़ दिया जाता जय । जैमर और PAD2 भी ऑनलाइन के माध्यम से खरीदे जाते हैं

अब स्पेशल स्टाफ का टारगेट नार्थ ईस्ट भारत के सबसे बड़े चोरी की कारों के खरीदार झुम्मा खान और उसके साथी फ़राज़ वारज़ी और बप्पा को पकड़ना  है। यदि यह पकड़े गए तो कार चोरों की कमर टूट जायेगी क्योंकि सबसे बड़े खरीदार पुलिस की गिरफ्त में होंगे

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