
नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस के एएसआई शंभू दयाल (57) का BL कपूर अस्पताल में निधन हो गया. 4 जनवरी को एक स्नैचर ने शंभू दयाल को चाकू मारे जब उसे पकड़ने के लिए गए थे. इस स्नैचर ने मोबाइल उनके शरीर पर कई जगह चाकू लगे थे. इसके बावजूद उन्होंने अपराधी को भागने नहीं दिया और अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया। चार दिनों तक जीवन से संघर्ष करते रहे लेकिन दुर्भाग्य से उनकी मृत्यु हो गई.

दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा और स्पेशल सीपी सागर प्रीत हुड्डा ने स्वयं अपने दिवंगत सहकर्मी शहीद शंभू दयाल की अर्थी को कंधा दिया. डीसीपी पश्चिम जिले के कार्यालय परिसर में स्वर्गीय एएसआई श्री शंभु दयाल को श्रद्धांजलि अर्पित की.

1993 में शंभू दयाल दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे. लगभग 30 साल दिल्ली पुलिस की सेवा में योगदान दिया. उनके परिवार में अपनी पत्नी संजना एक बेटा दीपक और दो बेटी गायत्री और प्रियंका हैं। वह ग्राम गंवाली, पीएस पाटेर, जिला सीकर, राजस्थान के रहने वाले थे.
उनकी मौत दिल्ली पुलिस के लिए एक बहादुरी की मिसाल है जिन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने जीवन का बलिदान दे डाला.
दिल्ली में स्नैचिंग जैसे अपराधों पर पुलिस लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रही है. पहला कारण इस तरह के मामलों को न्यायपालिका छोटा अपराध मानती है जिसमें छोटी सजा का प्रावधान है जिसको भुगत कर फिर बेखौफ उसी धंधे में लग जाते हैं.
न्यायपालिका को भी इस बात का विश्लेषण करना चाहिए कि मोबाइल स्नैचिंग के चलते कई आम नागरिकों को अपनी जान गवानी पड़ी है. अतः अब यह अपराध कोई साधारण श्रेणी में नही आता है. इसके लिए न्यायपालिका को सजा की अवधि को बढ़ाना चाहिए.


