
नई दिल्ली : सेन्ट्रल डिस्ट्रक्ट में एक दोस्त अपने दोस्त की हत्या कर देता है फिर जब उसे अपने किये हुए गुनाह का अहसास होता है तो हत्याकांड की जगह पहुंच कर भीड़ में खड़ा होकर पूरा वाक्या देखता रहा….
मगर गुनाहगार कितना भी शातिर हो कानून के शिकंजे उसे कस ही लेते हैं ।6 तारिख की सुबह सेन्ट्रल दिल्ली कमला मार्किट थाने को आसफअली रोड पर पड़ी एक डेड बॉडी की सूचना मिली । पुलिस स्टाफ मौके पर पहुंच गया, मौके पर एक युवक 27 की लाश पड़ी है जिसकी गले में फंदा लगा कर हत्या की हुई थी, पूछताछ से पता चला इसका नाम समीर है ।

कमला मार्किट एसीपी अनिल कुमार ने थाना इंचार्ज वेद प्रकाश राय, एडिशनल एसएच्ओ शीयोराम यादव इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में लग गए । थाने की टीम में सब इंस्पेक्टर गिरिराज, ट्रेनिंग कर रहे सब इंस्पेक्टर अंकित गहलोत, गुरीस बाल्यान, एएसआई सर्वेश व ज्ञान प्रकाश, हैड कांस्टेबल संदीप चावला, सिपाही महेश, रवि, सुमित अनिल की तीन टीम बनाई गई । जिनको अलग अलग हत्यारे की तलाश में लगा दिया गया । पुलिस को यह पता चला कि मरने वाले समीर का मोबाइल गायब है । पुलिस ने मोबाइल को हत्यारे तक पहुंचने का जरिया बना कर इलेक्ट्रॉनिक सर्वलान्स का जिम्मा स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर ललित को सौंप दिया ।
दूसरी तरफ थाने ने अपने लोकल मुखबिर सक्रिय कर दिये, जिससे पुलिस को कामयाबी भी मिली । मुखबिर ने बताया कि जिसने व्यक्ति ने हत्या की है वो शाम को हमदर्द चौक पर गन्ने की रेहड़ी पर पैसा लेने आएगा । पुलिस सादी वर्दी में गन्ने की जूस की रेहड़ी के आस पास तैनात हो गई । शाम को एक युवक गन्ने की दुकान पर आया मुखबिर ने पुलिस को संकेत से बता दिया ।
मौके से पुलिस ने हत्यारे को पकड़ लिया, हिरासत में लिए इस युवक का नाम रोहित (22) है । जो बिहार के बलिया से दिल्ली में अपराध की जमीन तैयार करने आ गया था ।

रोहित ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसकी समीर से पहले से दोस्ती थी । उसने समीर से मार्च में 4000 रुपये उधार लिए हुए थे जिसका तकादा बार बार समीर करता था । कुछ दिन पहले हरिद्वार में मोबइल चोरी के जर्म में जेल में बंद था मगर कोरोना के चलते उसे बेल पर रिहा कर दिया गया था । उसके बाद सीधा दिल्ली आया औऱ समीर से मिलकर 5 जून की रात दोनों ने मिलकर शराब पी इसके बाद समीर ने अपने उधार दिए पैसे मांगे । इसी बात पर दोनों में झगड़ा और मारपीट शुरू हो गई रोहित ने अपने कपड़े के मफलर से समीर का गला दबा दिया । जब समीर गिर गया तो यह मौके से उसका फोन लेकर फरार हो गया । जब सुबह इसका नशा उतरा तो यह समीर को देखने वहीं पहुंचा जहाँ गला दबाया था । वहाँ मौके भीड़ में जाकर चुपचाप पुलिस की सारी कार्यवाही देखता रहा । उसे यह अहसास हो गया था कि उससे समीर की हत्या हो गई है । यह दिल्ली छोड़ने के फिराक में था अपने जानकारों से पैसे इकठ्ठे कर रहा था ।
हालांकि यह एक ब्लाइंड मर्डर का मामला था इसने जो समीर की हत्या के बाद उसके मोबाइल को अपने पास रख लिया था उस मोबाइल को इलेक्ट्रॉनिक सर्वलान्स पर लगा कर यह पता लगा लिया था हत्या करने वाला अभी सेंट्रल दिल्ली में ही है । इसके बाद पुलिस ने अपने प्रयासों में तेजी लाते हुए हत्यारे को 24 घण्टे में गिरफ्तार कर लिया ।



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