नई दिल्ली : रात के अंधेरे में जब पूरा शहर नींद में होता है, तब कुछ चेहरे ऐसे होते हैं जो आपकी भूख मिटाने के लिए सड़कों पर होते हैं फूड डिलीवरी बॉयज़। लेकिन अब ये मेहनती युवा अपराधियों के आसान शिकार बनते जा रहे हैं। ताजा मामला राजधानी के सेंट्रल दिल्ली क्षेत्र से सामने आया है, जहां देर रात फूड डिलीवरी करके लौट रहे एक डिलीवरी बॉय पर जानलेवा हमला हुआ।
घटना करोलबाग स्थित देशबंधु गुप्ता रोड थाना क्षेत्र की है। रात लगभग 3 से 4 बजे के बीच, डिलीवरी बॉय एक ऑर्डर पूरा कर के लौट रहा था, तभी कुछ बदमाशों ने घात लगाकर उसे घेर लिया। उसके पास ग्राहक से मिले 4000 रुपये थे। बदमाशों ने जबरन पैसे मांगे, लेकिन डिलीवरी बॉय ने विरोध किया। इसी विरोध में अपराधियों ने उसके पेट में चाकू मार दिया और मौके से फरार हो गए।
घायल डिलीवरी बॉय को तुरंत RML अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है।
यह कोई पहली घटना नहीं है। बीते कुछ महीनों में दिल्ली-एनसीआर में डिलीवरी एजेंट्स के साथ मारपीट, लूट और धमकी के कई मामले सामने आ चुके हैं। अकेले रात में सड़कों पर निकलने वाले ये लड़के अपराधियों के लिए ‘सॉफ्ट टारगेट’ बनते जा रहे हैं। अपराधी अक्सर खाने के बहाने सुनसान इलाकों में बुलाकर वारदात को अंजाम देते हैं।
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं — क्या फूड डिलीवरी करने वालों की सुरक्षा का कोई इंतज़ाम नहीं है? क्या इन युवाओं की जान की कोई कीमत नहीं?
डिलीवरी कंपनियों को अब इस खतरे को गंभीरता से लेने की जरूरत है। कंपनियों को GPS निगरानी, हेल्पलाइन सपोर्ट, और पुलिस से समन्वय जैसे कदम उठाने होंगे ताकि ये युवा सुरक्षित महसूस कर सकें।
शहर में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन फूड कल्चर के बीच, अगर डिलीवरी करने वाले ही असुरक्षित रहेंगे, तो सवाल सिर्फ सुरक्षा का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर उठेगा।


