
नई दिल्ली : दिल्ली के कंझावला में हुए अंजली कांड के बाद दिल्ली पुलिस PCR की जो फजीहत हुई थी और लचर व्यवस्था पर कई तरह के सवालिया निशान लगने लगे थे, जिसके चलते पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा को दिल्ली पुलिस की पीसीआर पर बड़ा फैसला लेते हुए फेरबदल करने पड़े. जब से पीसीआर को स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है. उसके बाद से उसमें तैनात स्टाफ ने दिल्ली में लगातार अपना जलवा जलाल दिखाना शुरू कर दिया है.
आज दिल्ली पुलिस की पीसीआर ने एक कार ड्राइवर की जान बचाई है. जो एक कार की बोनट पर लटका हुआ था जिसे तकरीबन ढाई किलोमीटर से एक कार लटकाए हुए सड़क पर दौड़ी जा रही थी. वहां तैनात एक PCR ने यह दृश्य देखा तो बिना वक्त गंवाए कार का पीछा कर निजामुद्दीन के पास जाकर रोका.
PCR की कार्यवाही से बची जान:
दक्षिण दिल्ली आधी रात के वक्त आश्रम के पास एक कार ने दूसरी कार को टक्कर मारी. इससे पहले कार चालक टक्कर मारकर भागता, दूसरी कार के ड्राइवर ने कार रोकने की कोशिश, जब चालक कार लेकर भागने की कोशिश करने लगा तो, दूसरी कार का चालक कार के बोनट पर लटक गया. कार रोकने की बजाय उसने कार भगा दी. वहां खड़ी जब एक PCR ने सारा नजारा देखा तो इस कार का पीछा करना शुरू कर दिया और उस भाग रही कर को निजामुद्दीन पर ओवरटेक कर रुकवा दिया.

PCR ने नशे में धुत कार चालक को सनलाइट थाना पुलिस के हवाले कर दिया. गौरतलब बात यह है कि जिस कार ने इस हादसे को अंजाम दिया उस पर सांसद का स्टीकर भी लगा था, पुलिस ने उस कार को कब्जे में ले लिया है.

जिस तरह दिल्ली पुलिस की PCR ने व्यक्ति की जान बचाई है. इस तरह के एक्शन को देखकर लगता है यकीनन PCR आगे आने वाले वक्त में राजधानी दिल्ली के लिए असरदार साबित होने जा रही है.


