
“दिल्ली पुलिस की पीसीआर टीम ने मोर के बच्चे की जान बचाकर जीव संरक्षण की पेश की मिसाल”
नई दिल्ली : आज के वक्त में जब मरते हुए इंसान को बचाने की बजाए देख लोग मुंह फेर कर निकल जाते हैं, इस बात का उदाहरण कुछ दिन पहले दिल्ली हुई एक युवती की मौत के रूप में सामने आया. वहीं आज भी दिल्ली पुलिस पक्षियों जीव जंतुओं की जान की रक्षा के लिए मनोयोग से लगी हुई है. दिल्ली की यमुना में आई बाढ़ के दौरान पुलिस द्वारा जीव जंतुओं के जीवन बचाने की बहुत से तस्वीरों को पब्लिक ने देखा और सराहा.
कल दिल्ली पुलिस के हवलदार सचिन और परवीण को पीसीआर जेबरा 34 को सूचना मिली. राष्ट्रीय पक्षी, मोर, के बच्चे को कुछ बड़े पक्षी घायल कर रहे हैं. बच्चा घायल अवस्था में किसी शख्स को पड़ा मिला, उसने पुलिस कर्मचारियों को घायल हालत में सौंप दिया गया.
दिल्ली पुलिस पीसीआर के उपायुक्त आनंद मिश्रा ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि “पीसीआर कर्मचारियों ने पहले जानवर एम्बुलेंस को कॉल किया, लेकिन दुर्भाग्य से वाहन इंतजार करने के बाद भी नही आई. हालांकि इसके बाद भी पीसीआर कर्मचारी निराश नहीं हुए, खुद के दम पर इस मुद्दे को संभाला”.
मोर के बच्चे की जीवन लीला समाप्त हो इससे पहले पीसीआर टीम ने तत्परता दिखाते हुए सीधे 40 किलोमीटर दूर हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित पक्षी धर्माथ अस्पताल में ले गए. यह अस्पताल पक्षियों के लिए आदर्श माना जाता है.

अस्पताल में पहुंचते ही, मोर के बच्चे को तत्काल चिकित्सा सेवा के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया. दिल्ली पुलिस की पीसीआर टीम के हवलदार सचिन और प्रवीण का प्रयास सफल रहा और राष्ट्रीय पक्षी के बच्चे की जान बच गई.
इस मानवीय कर्तव्य की उच्चता को दिखाने वाली दिल्ली पुलिस की पीसीआर टीम ने न केवल अपनी सतर्कता और समर्पण का प्रदर्शन किया है, बल्कि उन्होंने अपनी मानवीय मूल्यों का भी पालन किया है.
इन हवलदारों के निष्ठापूर्ण प्रयासों से पी-चिक की जान को खतरे से बचाने के लिए दिल्ली पुलिस की पीसीआर टीम ने दृढ़ संकल्प का प्रमाण स्थापित किया है. इन दोनों का निःस्वार्थ समर्पण सभी के द्वारा सराहा गया है.
इस घटना के दौरान, पुलिस के हवलदारों ने अपनी तत्परता और व्यक्तिगत समर्पण के साथ अपने मानवीय कर्तव्य का निर्वाह किया है. उनके इस कार्य ने सामुदायिक स्तर पर भी उदाहरण प्रस्तुत किया है और दूसरों को प्रेरित किया है कि वे भी सेवा के नाते अपनी जिम्मेदारियों का पूरा निर्वाह करें.


