
नई दिल्ली : Central Delhi : अक्सर देखा गया है जब मुसीबत के वक्त किसी शख्स के पास कोई सहारा नहीं होता और हताश-लाचार होकर बैठ जाता है और अंत वक्त में ईश्वर ही उसे याद आता है, कोई न कोई फरिश्ता बना कर उसकी मदद के लिए आ जाता है । ऐसा ही एक फ़रिशता बन कर एक दिल्ली पुलिस के हवलदार ने 57 साल के विनायक पांडे की जान बचा ली वार्ना ये विनायक पांडे जो RSS के सदस्य हैं सड़क पर ही दम तोड़ देते।

विनायक पांडे खनदंपुर जिला छपरा, बिहार से दिल्ली आये थे, यह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सदस्य हैं। दिल्ली में आकर इनको कहीं किसी ने रहने की कोई व्यवस्था नहीं मुहैया करवाई दिल्ली में कोई आसरा न मिलने पर विनायक पांडे जीनत महल स्कूल के सामने रामलीला मैदान के पास फुटपाथ पर खुले आसमान के तले सोने लगे । आज सुबह तक़रीबन कमला मार्किट थाने के अनिल हवलदार ने देखा एक बुजुर्ग बेसुध निढाल हालत में फुटपाथ पर पड़ा है और उसका पूरा शरीर भी सूजा हुआ है। अनिल ने उसके पास जाकर उसके मुंह पर पानी मारा और उसे होश में लाकर पानी पिलाया, उसने बताया दो-तीन दिन से कुछ खाने को नहीं मिला है। इसके बाद अनिल उसके लिए चाय और बिस्कुट लेकर आया। उसे कुछ खिला कर तुंरत उसके लिए ऑटो रिक्शा (TSR ) का इंतजाम किया। अनिल को लग रहा था उसकी हालत बिगड़ रही है, वः उसे अपने साथ ऑटो में बैठा कर डॉ राम मनोहर अस्पताल (RML) ले गया। उसे इमरजेंसी में भर्ती करवाया।

इस तरह दिल्ली पुलिस के इस हवलदार ने पुलिस कर्तव्य के साथ साथ मानवीय सेवा की मिसाल पेश की है। वैसे भी दिल्ली पुलिस ने इस कोरोना के कलुषित काल में देवदूत की तरह लोगों की सहायता में अपना अग्रणीय योगदान दिया हैं। आज यदि इस विनायक पांडे का जीवन बचा है तो उसके पीछे दिल्ली पुलिस के इस हवलदार को श्रेय दिया जायेगा।


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