

सेन्ट्रल दिल्ली : अक्सर फिल्मों का असर लोगों की जिंदगी में इतना गहरा पड़ता है की उसे अपनी असल जिंदगी के पर्दे पर उतार लेते हैं और उसका अनुसरण भी करते हैं। पुलिस ने कई दफा ऐसे अपराधी गिरफ्तार किये हैं जो फ़िल्मी परदे के अपराधों से प्रभावित होकर जुर्म की दुनिया में उतरे थे।
सेन्ट्रल दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ के टीम को एक ऐसा शख्स हाँथ लगा है जो कुलियों पर बनने वाली फिल्मों से इतना प्रभावित हुआ कि वह भी कुलियों में कुली No.-1 बनने की खातिर स्टेशन पर कुलियों में भाईगिरी करने लगा। इस काम के लिए बकायदा पिस्टल खरीदी जो इसकी कमर में लगी रहती थी।
अक्सर पुलिस अपने इलाकों में सड़कों पर स्टेशन, बस अड्डों पर रेहड़ी, पटरी लगाने वालों को अपनी आँख -कान योजना में शामिल करती है। इस योजना के अंतर्गत यह कामगार लोग आस पास संदिग्ध दिखने वाले लोगों की हरकतों पर नज़र रखते हैं और पुलिस तक सुचना पहुंचते हैं।
4 फरवरी को नई दिल्ली स्टेशन अजमेरी गेट की तरफ एक व्यक्ति ने ऑपरेशन सेल के एसीपी ओमप्रकाश लेखवाल और इंचार्ज इंस्पेक्टर ललित कुमार को सूचना दी उसने बताया “एक व्यकित नई दिल्ली मेट्रो के गेट नंबर 4 पर खड़ा है और उसके पास गन है ” I सूचना मिलते ही बिना देरी किये पुलिस टीम बनाई गई जिसमें सब इंस्पेक्टर ठाकुर सिंह, एएसआई योगेंदर, एएसआई बलजीत, हवलदार योगेंदर गिरी, हवलदार जितेंदर और सिपाही पंकज को शामिल करके मौके के लिए रवाना कर दिया गया।
स्पेशल स्टाफ की टीम ने प्राप्त सूचना पर पहुँच कर बताये हुलिए से उस शख्स को पकड़ने में कामयाबी हासिल कर ली। इसकी पहचान सद्दाम खान (24) के रूप में हुई। यह राम नगर, पहाड़गंज, दिल्ली में रहता है। इसके तलाशी के दौरान इसके कब्जे से एक सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल जो लोड थी और तीन जिन्दा कारतूस बरामद हुए।

जांच से पता चला सद्दाम नई दिल्ली स्टेशन पर कुली का काम करता है। पहाड़ गंज के लोकल एरिया का रहने वाला होने के कारण दूसरे राज्यों से आये कुलियों में अपनी धाक जमाता था। सद्दाम कुलियों पर बनी फिल्मों की तर्ज पर स्टेशन का No. 1 कुली बनना चाहता था। इसलिए कुलियों में खौफ पैदा करने और भाईगिरी चमकाने के लिए हमेशा पिस्टल रखता था।
सद्दाम नई दिल्ली स्टेशन पर अरुण मेन्टल नाम के व्यक्ति के सम्पर्क में आया अरुण से इसने 8 हज़ार रूपये में अवैध रूप से सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल खरीद ली कुछ वक्त बाद अरुण की मौत हो गई थी। सद्दाम ने 12 तक पढ़ाई की है परिवार में गरीबी होने के कारण पढ़ाई छोड़ कर कुली बन गया। अब स्टेशन पर कुलियों का लीडर बंनने के लिए पिस्टल के सहारे भाईगिरी का खौफ पैदा किया हुआ था।



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