

ईमानदारी सभी के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है । यह वास्तविक चरित्र है जिसे व्यक्ति ईमानदारी से और उसके प्रति समर्पित होकर जीवन में कमाता है। पुलिस की ‘ईमानदारी’ अक्सर शक, सवालों के घेरे में घिरी दिखाई देती है । किंतु समय समय पर पुलिस के जवान कुछ ऐसा करनामा कर जाते हैं जो महकमे में मिसाल तो बनता ही है तथा सोसाइटी में पुलिस की छवि को रोशन करने के लिए उपयोगी साबित होती है ।
नई दिल्ली : नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के एक ASI शिव कुमार ने अपनी ईमानदारी से दिल्ली पुलिस की छवि को चार चांद लगा दिए. ASI शिवकुमार ने कुछ ऐसा किया जो यह साबित करता है कि, दिल्ली पुलिस में अभी भी ऐसे लोग हैं जिनके दिलों में जन सेवा की भावना कायम है.
त्योहारों और शनिवार होने के चलते लाल किले पर सैलानियों की अपार भीड़ थी. शाम होने के बाद लाल किले से भीड़ छटने लगी ।

लाल किला चौकी में तैनात ASI शिवकुमार एमरजेंसी ड्यूटी पर वहां से गुजर कर रहे थे । शिवकुमार की नजर एक लावारिस बैग पर पड़ी । शिव कुमार ने चौकी से लाकर पहले हैंडी डिडेक्टर से अच्छी तरह बैग की जांच की. इसके बाद जब बैग चैक किया तो उसमें कैश रकम मिली. गिनने पर 9200 रुपए और उसमें मिले । शिव कुमार ने जहां बैग रखा था वहां काफी देर इंतजार किया. इसके बाद आस पास घूम फिर कर देखा शायद कोई बैग तालाश करता हुआ दिखाई दे जाए किंतु कोई दिखाई नही दिया. आखिर मे सारी रकम चौकी में लाकर चौकी इंचार्ज कंवलजीत सिंह को जमा करवा दी. पुलिस ने बैग और उसमें मिली रकम को संभाल कर अमानत के तौर पर रखी हुई है.
उत्तरी जिला उपायुक्त (DCP) सागर सिंह कलसी ने कहा कि लाल किला बहुत ही संवेदनशील स्मारक है. यहां देश विदेश के पर्यटक आते हैं जिसके चलते यहां उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष चौकी बनी है. और यहां CCTV कैमरों के द्वारा 24 घंटे पुलिस की नज़र लाल किले पर बनी रहती है तथा चौकी में तैनात स्टाफ भी सजग रहता है । शिवकुमार की सजगता और ईमानदारी ने पुलिस का मान बढ़ाया है इसके लिए उन्हें पुलिस सम्मानित करेगी ।
अब पुलिस को उसके मालिक का इंतजार है इस तरह दिल्ली पुलिस के इस ASI ने किसी की अमानत में ख्यानत करे बिना अपने फर्ज को बखूबी अंजाम दिया है ।



