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24 AUGUST : दिल्ली विश्विद्यालय उपकुलपति :  चंद्रयान-3 की सफलता से खुलेंगे आविष्कार के नये द्वार

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नई दिल्ली : चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के संदर्भ में, दिल्ली विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि इस महत्वपूर्ण कदम से न केवल चंद्रमा की खोज में बल्कि विज्ञान के क्षेत्र में भी भारत की नई चेतना का उदय हुआ है. उन्होंने यह महत्वपूर्ण दर्शाया कि इस सफलता से देश में रिसर्च के नए आयाम खुलेंगे, और इसरो के वैज्ञानिकों की मेहनत और समर्पण को सलाम किया.

उपकुलपति प्रो. योगेश सिंह ने इसरो की टीम के अद्भुत प्रयासों का सराहा और चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बारे में देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण क्षण देश के विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र के लिए गर्व की बात है. इससे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने न केवल स्वयं को बल्कि पूरे विश्व को गर्वित किया है.

प्रो. योगेश सिंह ने इस महत्वपूर्ण मोमेंट पर बताया कि भारत की यह सफलता न केवल विज्ञानिकों की मेहनत की प्रतिष्ठा है, बल्कि यह पूरे देश की प्रतिष्ठा है. वे मान्यता देते हैं कि यह सफलता भारतीय जनता के लिए गर्व के पल हैं, जो अब अपने प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों की मेहनत के फलस्वरूप चाँद पर पहुँच गए हैं.

इसरो के इस सफल मिशन से आगे बढ़ते हुए, प्रो. योगेश सिंह ने यह भी मंगलमय भविष्य की उम्मीद दी कि यह सफलता अंतरग्रहीय मिशनों के लिए नई तकनीकों के विकास में मददगार साबित होगी.

इस उत्कृष्ट सफलता के पीछे छिपे जूनून और समर्पण को देखते हुए, देश का मानवता के लिए नये आविष्कारों की ओर एक नया कदम बढ़ रहा है.

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