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♦♦ 10. SEPTEMBER : G-20 “वन फैमिली” के दृष्टिकोण से भारत के प्रधानमंत्री का वक्तव्य

PM addresses at the Partnership for Global Infrastructure and Investment & India-Middle East-Europe Economics Corridor event during G20 Summit, in New Delhi on September 09, 2023.
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प्रधानमंत्री की टिप्पणियाँ, 9 सितंबर 2023 को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में स्थित भारत मंडप पर आयोजित जी20 समिट पर “वन फैमिली” के बारे में

नई दिल्ली : G-20 Summt 2023 :  आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित जी 20 शिखर सम्मेलन के दौरान एक महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया. इस वक्तव्य में, उन्होंने विश्व के एक साथ आने वाले चुनौतियों का समाधान ढूंढने के लिए “वन फैमिली” की भावना को महत्वपूर्ण बताया और वैश्विक साझा काम करने की अपील की.

प्रधानमंत्री ने शुरुआत में यह खुशखबरी साझा की कि गृहमंत्रालय की टीमों और जी20 सदस्यों के सहयोग से जी20 नेताओं के बीच एक सहमति प्राप्त हुई है, जिसमें उन्होंने नई दिल्ली G20 Leaders’ Summit Declaration को “एडाप्ट” करने का प्रस्ताव दिया. इस डिक्लेरेशन के माध्यम से वे एक मजबूत संदेश भेजना चाहते हैं कि समृद्धि और समृद्धि की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने चाहिए.

प्रधानमंत्री ने इस संदर्भ में अपने मंत्रीगण, शेरपा, और सरकारी अधिकारियों को भी बड़ा श्रेय दिया और उनके परिश्रम को सराहा कि नई दिल्ली G20 Leaders’ Summit Declaration को एक साझा रूप देने में मदद की है.

प्रधानमंत्री ने विश्व के लिए “वन फैमिली” की आवश्यकता को बताते हुए कहा कि हमें नवाचार, उपयोगकर्ता समाधान, और संवाद की दिशा में अग्रसर होने की आवश्यकता है। उन्होंने इस “आई से वी” के प्रक्रिया को समझाते हुए कहा कि हमें अपने आत्मा से नहीं, बल्कि समृद्धि के लिए वयं के तरफ बढ़ना होगा.

प्रधानमंत्री ने “वन फैमिली” के दृष्टिकोण से कहा कि हमें हर समाज, हर देश, हर समुदाय, और हर क्षेत्र को एक साथ जोड़ने का प्रयास करना चाहिए. उन्होंने इस विचार को और सुंदरता से व्यक्त करते हुए कहा कि जब हम “वन फैमिली” के रूप में सोचते हैं, तो हमें सोचना चाहिए कि हर सदस्य को कैसे सशक्त किया जा सकता है.

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने “आधार” और “मोबाइल फोन” की त्रैयी के माध्यम से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए “JAM ट्रिनिटी” का मॉडल विकसित किया है, जिससे व्यक्तिगत हितों के लिए निर्दिष्ट इंटरवेंशन को संदर्भित किया जा सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने इस मॉडल का उपयोग करके पिछले 10 साल में 360 बिलियन डॉलर के करीब से सीधे लोगों के बैंक खातों में जमा किए हैं, जिससे लीकेज को रोकने में मदद मिली है और जो भारतीय GDP का लगभग सवा प्रतिशत होता है.

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि इस मॉडल को वैश्विक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित किया जा सकता है और यह दुनिया के अन्य देशों के लिए एक अच्छा मानदण्ड स्थापित कर सकता है.

प्रधानमंत्री ने विश्व के युवाओं को भी “वन फैमिली” का हिस्सा बनने की अपील की और उन्हें वैश्विक उद्योगों के लिए अवसरों को खोजने के लिए स्किल्ड युवा पूल के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने “ग्लोबल स्किल मैपिंग” की तरफ बढ़ने की सलाह दी और इसके माध्यम से विश्व के युवाओं को वैश्विक अवसरों को अन्वेषण करने के लिए तैयार करने की आवश्यकता बताई.

प्रधानमंत्री ने बताया कि हमें “वन फैमिली” के दृष्टिकोण से दुनिया के सामाजिक, आर्थिक, और पर्यावरणीय चुनौतियों को भी ध्यान में रखना होगा. उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संकट ने दिखाया कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं कितनी महत्वपूर्ण हैं और कैसे हमें उन्हें सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता है. वे इसके लिए “व्यक्तिगत और जनरल पब्लिक पार्टनरशिप” का समर्थन करते हैं और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि विकासशील देशों की क्षमता निर्माण को ध्यान में रखा जाए.

प्रधानमंत्री ने भारत के नए “Action Plan to Accelerate Sustainable Development Goals” की घोषणा की और इसके माध्यम से वित्तीय सहायता को बढ़ाने की सहमति का इस्तेमाल करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने यह भी बताया कि “होलिस्टिक हेल्थ और वेलनेस” सिस्टम को प्रमोट करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के ग्लोबल सेंटर को भारत में स्थापित करने का भी प्रयास किया जा रहा है।

अंत में, प्रधानमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण के महत्व को भी बताया और यह कहा कि महिलाएं विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, चाहे वो किसी भी क्षेत्र में हों। उन्होंने भारत के स्पेस प्रोग्राम में महिला वैज्ञानिकों के योगदान के बारे में बताया और यह दिखाया कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं.

इस भाषण के माध्यम से, प्रधानमंत्री ने ग्लोबल साउथ के सदस्यों को “वन फैमिली” के रूप में सोचने की आवश्यकता और दुनिया के सामाजिक, आर्थिक, और पर्यावरणीय चुनौतियों को साझा करने की आवश्यकता को बताया. उन्होंने विश्व के साथ मिलकर एक ग्लोबल सपोर्ट सिस्टम की आवश्यकता की बात की और इसे एक परिवार की भावना के रूप में पेश किया. यह भाषण भारत के विकास, साक्षरता, और सामाजिक न्याय की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है और दुनिया के साथ मिलकर ग्लोबल समस्याओं का समाधान ढूंढने के लिए एक पूरी तरह से सामृद्ध परिवार की आवश्यकता को उजागर किया है.

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