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4 JUNE : दिल्ली: कटरा नील #KatraNeelRobbery में 35 लाख की दिनदहाड़े डकैती का खुलासा 12 घंटे में, चार आरोपी गिरफ्तार

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नई दिल्ली, 5 जून 2025 दिल्ली के चांदनी चौक स्थित कटरा नील इलाके में दिनदहाड़े हुई 35 लाख रुपये की सशस्त्र डकैती का पुलिस ने सिर्फ 12 घंटे में खुलासा कर दिया। उत्तरी जिले की संयुक्त पुलिस टीमों — थाना लाहौरी गेट, कोतवाली व स्पेशल स्टाफ ने मिलकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और ₹33,90,000 नकद, दो देशी पिस्टल, मोटरसाइकिल और वारदात में इस्तेमाल कपड़े बरामद कर लिए हैं। #DelhiCrime #KatraNeelRobbery #NorthDistrictPolice #CCTVFootage #Arrested #RecoveredCash #BreakingNews

कैसे अंजाम दी गई वारदात:

दिनांक 2 जून 2025 को दोपहर करीब 12 बजे शिकायतकर्ता विक्की जैन अपने ऑफिस (कटरा नील, चांदनी चौक) में अपने कर्मचारियों ओमप्रकाश, विक्रम और एक अन्य के साथ मौजूद थे। उन्होंने देखा कि तीन अज्ञात लड़के सीसीटीवी कैमरे में ऑफिस की ओर आते दिखे और फिर लौट गए।
करीब दोपहर 2 बजे दो आरोपी वापस आए, जिनमें से एक ने शटर उठाया। जैसे ही ओमप्रकाश और विक्की ने यह देखा, वे बाहर दौड़े और शोर मचाया। विक्की ने शीशे का दरवाजा अंदर से लॉक कर दिया। लेकिन एक लड़के ने उस पर गोलियां चला दीं और किक मारकर दरवाजा तोड़ दिया।

इसके बाद दो लड़के ऑफिस में घुसे, एक ने विक्की और विक्रम को बंदूक की नोक पर धमकाया, जबकि दूसरा लड़का अलमारी से ₹35 लाख रुपये निकालकर एक काले बैग में भरकर बाकी साथियों के साथ पिस्तौल लहराते हुए फरार हो गया।

राजा बांठिया (डीसीपी उत्तरी जिला दिल्ली)

 पुलिस की कार्रवाई:

पुलिस को सूचना मिलते ही थाना लाहौरी गेट में FIR नंबर 538/25 दिनांक 03/06/2025 को BNS की धारा 309(4)/3(5) और Arms Act की धारा 25/27 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने चांदनी चौक, रेड फोर्ट और लाहौरी गेट इलाकों के करीब 100 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जिसमें आरोपी वारदात के बाद फरार होते दिखे।

 गिरफ्तारी व पूछताछ में खुलासा:

चारों आरोपी — शेखर, निखिल, साहिल और तुषार को उत्तर प्रदेश और हरियाणा में रातभर चले सर्च ऑपरेशन के बाद गिरफ्तार किया गया। मुख्य साजिशकर्ता शेखर और तुषार की मुलाकात तिहाड़ जेल में हुई थी, जहां तुषार डकैती के एक अन्य केस (द्वारका) में बंद था। वहीं से दोनों ने इस वारदात की योजना बनाई। शेखर ने कटरा नील और उसके आसपास के इलाकों की डिटेल रैकी की थी। आरोपियों की पहचान Instagram ID’s, जेल रिकॉर्ड और ICJS डेटा के माध्यम से की गई। #DelhiRobbery #TiharJailLink #InstagramCrimeNetwork #OldDelhiHeist #DelhiCrimeNews #ShekharGang

बरामदगी:

  • ₹33,90,000 नकद

  • दो देशी पिस्टल

  • वारदात में इस्तेमाल कपड़े

  • CCTV विश्लेषण से शुरू हुई जांच

    वारदात की सूचना मिलते ही उत्तरी जिले की सभी टीमों को मौके पर बुलाया गया और तत्काल कटरा नील एवं आसपास के क्षेत्रों के CCTV फुटेज की जांच का आदेश दिया गया। फुटेज की जांच में पाया गया कि आरोपी भाग दीवार मस्जिद की दिशा में फरार हुए थे और वारदात से पहले भी इसी मार्ग से आते-जाते देखे गए थे।

    संदिग्धों की कपड़ों और शारीरिक बनावट के आधार पर टीमों को उनके प्रवेश और निकास मार्गों की CCTV फुटेज खंगालने का निर्देश दिया गया। इसके तहत दंगल मैदान, बांखंडी मंदिर और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास लगे कैमरे चेक किए गए।  #DelhiRobbery #KatraNeelCase #DelhiPoliceSuccess #CCTVTracking #NorthDistrictPolice #CrimeNews

    ऑटो से ट्रैकिंग और शाहदरा से बागपत तक पीछा

    CCTV में पाया गया कि तीन में से दो आरोपी पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास एक ऑटो में सवार होकर निकले थे। ऑटो की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसे ट्रैक करते हुए शाहदरा तक पीछा किया। आगे की फुटेज से पता चला कि आरोपी लोनी होते हुए बागपत की ओर गए थे। बागपत पहुंचते-पहुंचते कई CCTV कैमरों में आरोपियों की तस्वीरें कैद हो गईं। इससे पुलिस टीम को अहम सुराग मिला, जो उन्हें उत्तर प्रदेश के निवाड़ा गांव (इंदिरा कॉलोनी) तक ले गया।

    पहली गिरफ्तारी और खुलासा

    निवाड़ा में शेखर नामक युवक की पहचान हुई, जो इस डकैती में शामिल था। उसके घर पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में शेखर ने खुलासा किया कि इस वारदात को उसने निकिल, साहिल और तुषार के साथ मिलकर अंजाम दिया। उसके पास से ₹13 लाख नकद बरामद किए गए। शेखर की मदद से निकिल को बारौत (थेओड़ी गांव) से गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से ₹6.5 लाख मिले।

    इंस्टाग्राम कनेक्शन और तिहाड़ जेल का लिंक

    शेखर ने बताया कि उसने तुषार से इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क किया था, और दोनों की मुलाकात तिहाड़ जेल में हुई थी, जहां शेखर का भाई दिवांश उर्फ रावण भी बंद था। ICJS और जेल रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि तुषार 2023 में डकैती के एक केस में तिहाड़ में बंद था और वह हरियाणा के बल्लभ गांव, रोहतक का निवासी है।

    बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी

    स्थानीय पूछताछ में सामने आया कि साहिल, रोहतक के सुदान गांव का रहने वाला है।
    साहिल को वहीं से गिरफ्तार किया गया और उसके पास से ₹6.5 लाख नकद बरामद हुए।
    इसके तुरंत बाद तुषार को भी उसके गांव से गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से ₹7.8 लाख और एक देसी कट्टा बरामद हुआ।

    बरामदगी और केस स्टेटस

    • शेखर: ₹13 लाख, एक देसी कट्टा

    • निकिल: ₹6.5 लाख

    • साहिल: ₹6.5 लाख

    • तुषार: ₹7.8 लाख, देसी कट्टा

      तिहाड़ में कैद दिवांश उर्फ रावण से शुरू हुई साजिश

      मुख्य आरोपी शेखर ने पूछताछ में बताया कि उसने एक जान-पहचान वाले से यह जानकारी पाई थी कि पुरानी दिल्ली के कुछ कार्यालयों में भारी मात्रा में नकद लेनदेन होता है। इसके बाद उसने उन लोकेशनों की कई बार रेकी की। फिर उसने यह जानकारी अपने भाई दिवांश उर्फ रावण को दी, जो इस समय तिहाड़ जेल में FIR नंबर 585/23 PS दरियागंज में डकैती, आपराधिक साजिश और हथियार कानून के तहत बंद है।

      शेखर ने अपने भाई से लूट के लिए लड़कों की व्यवस्था करने को कहा। दिवांश ने शेखर का इंस्टाग्राम आईडी तिहाड़ में ही बंद एक और आरोपी तुषार को दिया, और दोनों को एक-दूसरे से संपर्क करने को कहा।

      इंस्टाग्राम कनेक्शन से बना गिरोह

      जेल से रिहा होने के कुछ समय बाद तुषार ने शेखर से संपर्क किया, और शेखर ने तुषार को एक और लड़के के साथ पुरानी दिल्ली बुलाया। वारदात के दिन शेखर, निकिल और तुषार तीनों साथ थे। शेखर मोटरसाइकिल पर स्टेशन के पास निगरानी में था, जबकि अन्य दो आरोपी कार्यालय में घुसे और हथियार के बल पर ₹35 लाख लूट लिए। वारदात के बाद वे सभी बागपत भाग गए, जहां लूटी गई रकम को आपस में बांटा गया। बांटने के बाद निकिल और शेखर अपने घर लौट आए, जबकि तुषार और साहिल रोहतक की ओर निकल गए।

      सभी आरोपी पहले से आपराधिक पृष्ठभूमि वाले

      • तुषार पहले भी द्वारका में डकैती के एक मामले में जेल जा चुका है।

      • साहिल के खिलाफ अपने ही गांव में मारपीट का केस दर्ज है।

      • शेखर पर पहले आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हो चुका है।

      पुलिस का कहना है:

      “यह मामला दिल्ली में संगठित अपराध के बदलते तरीकों को दर्शाता है, जहां अपराधी जेल के अंदर बैठकर सोशल मीडिया के जरिये नेटवर्क बना रहे हैं। इस केस में तकनीकी विश्लेषण, सोशल मीडिया ट्रैकिंग और तेज़ कार्रवाई ने बड़ी सफलता दिलाई।”

      पुलिस अब शेष बिंदुओं की जांच कर रही है और आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर जेल और सोशल मीडिया नेटवर्क के आपराधिक उपयोग पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है।

     

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