
नई दिल्ली : #CyberCrime : दिल्ली के करोल बाग इलाके में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट का भंडाफोड़ किया है। ऑपरेशन “साइबर-हॉक” के तहत पुलिस ने पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है, जो पुराने मदरबोर्ड लगाकर नए फोन तैयार कर रहे थे और उनकी IMEI बदलकर बाज़ार में बेच रहे थे।
दिल्ली के करोल बाग में जहाँ पुलिस ने ऑपरेशन “साइबर-हॉक” चलाकर एक ऐसे अवैध मोबाइल फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है जो पिछले दो साल से चोरी, स्क्रैप और फर्जी मदरबोर्ड जोड़कर नए फोन तैयार कर रहा था। करोल बाग थाना पुलिस को 15 दिनों से लगातार इलाके में अवैध मोबाइल गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। इसी दौरान बीड़नपुरा गली नंबर 22 के एक चार मंज़िला मकान में संदिग्ध गतिविधियों का पता चला।
पुलिस की रेड के दौरान आदित्य इलेक्ट्रॉनिक्स एंड एक्सेसरीज़ नाम के इस ठिकाने में पाँच लोग मोबाइल असेंबल करते मिले। ये आरोपी पुराने मोबाइल मदरबोर्ड लेकर उन्हें चीन से आए नए बॉडी-पार्ट्स में फिट कर रहे थे और सबसे खतरनाक बात तैयार फोन की IMEI बदलकर बाजार में बेच रहे थे।
साइट से पुलिस ने 1826 मोबाइल फोन बरामद किए हैं जिनमें कीपैड फोन से लेकर स्मार्टफोन तक शामिल हैं। इसके अलावा, IMEI बदलने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला लैपटॉप, WRITEIMEI सॉफ़्टवेयर, स्कैनर, हजारों मोबाइल बॉडी पार्ट्स और बड़ी संख्या में प्रिंटेड IMEI लेबल भी कब्जे में लिए गए।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में यूनिट का मालिक अशोक कुमार और उसके चार साथी रामनारायण, धर्मेंद्र कुमार, दीपांशु और दीपक शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक यह पूरा गैंग दो साल से फर्जी IMEI वाले मोबाइल तैयार कर बड़ी बाजार चेन में सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आईटी एक्ट, टेलीकॉम एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मामला आगे बढ़ाया है। अब इस रैकेट के सप्लायर, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और खरीददारों की जांच की जा रही है।
दिल्ली में साइबर क्राइम और अवैध मोबाइल मार्केट पर कसे शिकंजे का ये बड़ा उदाहरण है। करोल बाग थाना पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े अवैध मोबाइल सिंडिकेट की जड़ें हिला दी हैं।


