
नई दिल्ली: जिस तरह कोरोना महामारी बढ़ती जा रही है उसी तरह आपराधों की संख्या भी लगातार तेज़ हो रही है। ऐसा ही एक अपराध का मामला सामने आया है। जिसमें बदमाशों के एक गैंग ने अस्पताल में रिश्तेदार से मिलकर लौट रहे एक शख़्स की कार, लैपटॉप और पर्स को लूट कर फ़रार हो गए।
द्वारका पुलिस ने गैंग को गिरफ़्तार कर लूट का सामान बरामद कर लिया है। दरअसल मामला 18 जुलाई की रात का है। दिल्ली के द्वारका में 4 अपराधियों ने बंदूक की नोक पर अस्पताल में अपने रिश्तेदार से मिलके लौट रहे शख़्स की I-20 कार, लैपटॉप, पर्स आधी रात को लुटा । पुलिस स्टेशन द्वारका साउथ को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली और को गम्भीरता लेते हुए द्वारका, ए.सी.पी राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर सी एल मीणा और नवीन कुमार के अंतर्गत थाना पुलिस और स्पेशल स्टाफ़ की एक संयुक्त टीम अपराधियो को पकड़ने के लिए तैयार की। जिसमें एस.आई हरि सिंह, विकास यादव, गणेश कुमार, ए .एस .आई हंस, महेश और सुरेंद्र, हेड कांस्टेबल राज कुमार, सुमित और हिम्मत, कांस्टेबल जितेन्द्र और गजे सिंह टीम में शामिल थे, टीम ने तुरंत कारवाही शुरू कर दी।

एसआई गणेश कुमार को मिले इनपुट के आधार पर, एस आई विकाश यादव और एस.आई हरि सिंह की टीम ने अपराधियों का पीछा किया।
इसके बाद द्वारका पुलिस ने और सतर्कता से जांच शुरू की तब यह पता चला कि लूटी गई कार को जीपीएस सिस्टम से लैस किया गया था। इस बीच पुलिस ने जीपीएस कंपनी के साथ संपर्क किया। और दूसरी तरफ गोहाना हरियाणा में रहने वाले संभावित अपराधियों की तलाश शुरू कर दी। उसके बाद पुलिस ने तीन संभावित गांवों जौली, सरगथला और खानपुर जहाँ से कार गायब हो गई थी उसके आस पास के गांवों में सख्ती से वाहनों की खोज शुरू कर दी। और गांव में अपने संभावित स्रोतों को तैनात कर दिया। इन सब के बाद पुलिस को जीपीएस कंपनी से सहायता मिली। लूटे गए वाहन का स्थान जौली गांव के बाहर दिखाया गया। तभी पुलिस टीम तुरंत जौली की ओर बढ़ी। बीच रास्ते में टीम का सामना अपराधियों से हुआ। अपराधियों ने पुलिस की गाड़ी को टक्कर मारी और मौके से फरार हो गए। पुलिस टीम ने तब भी लूटी गई कार का लगातार पीछा किया, तभी आरोपियों ने बाजना कलां रोड, गोहाना के पास कार छोड़ दी और फरार हो गए। इसके बाद पुलिस टीम ने जौली के पास के सीसीटीवी फुटेज को खंगालाना शुरू किया, जिससे एक अपराधी मनोज उफ़ भोलू की पहचान हुई। यह जानकारी मिलते ही ए. सी. पी. राजिंदर सिंह के आदेश पर कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ शुरू की। इस आधार पर, अन्य 03 अपराधियों की भी पहचान हुई । और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एक जाल बिछाया गया। निरंतर प्रयासों के बाद सूचना मिली की 21 जुलाई को, तीनों अपराधी दुश्मनी के कारण कुछ प्रतिद्वंद्वियों की हत्या करने वाले हैं और राधा सोमी सत्संग रोड, सेक्टर -23 द्वारका का उपयोग लगभग 7 से 8 बजे के करीब करेंगे। मौक़े का फ़ायदा उठते हुए पुलिस ने आपराधियों को धर दबोचा।
पूछताछ में ये पता चला की अपराधी मनोज (भोलू)दिल्ली का स्थायी निवासी है और द्वारका के ग्राम पोचनपुर में उसका घर है। वहीं दूसरे आरोपी दीपक तोमर बागपत का स्थायी निवासी है। दोनों ने बुरी आदत और नशे की लत के कारण, उसने कम उम्र में अपराध करना शुरू कर दिया। और दोनों को पहली बार 2016 में पुलिस स्टेशन द्वारका 23 के एक हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था और पिछले महीने ही पैरोल पर जेल से बाहर आए थे। और आखरी आरोपी प्रशांत सोनीपत का स्थायी निवासी है। यह भी बुरी आदत और नशे के आदि था। पूरी छानबीन के बाद इनके पास से दो अत्याधुनिक पिस्तौल, चार लाइव कारतूस, एक आई -20 कार लूट की, एक चोरी यामाहा FZ मोटरसाइकिल, एक लुटा हुआ लैपटॉप ये सामान बरामद हुए।



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