
नई दिल्ली : फ़ुट्बॉल कोच के पद से हटा दिया तो बदले की भावना ने उसे एक अपराधी बना दिया। आरोपी का नाम शेखर पाठक है, जिसे लोधी कॉलोनी पुलिस ने हिरासत में लेकर एफ. आइ. आर. दर्ज कर ली गई।
दिल्ली यूनाइटेड फुटबॉल क्लब की पूरी टीम जिसमें पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली जैसे राज्यों के खिलाड़ी शामिल हैं, अपने सीनियर डिवीजन फुटबॉल मैच के लिए जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम में मैच खेलने के लिए आए थे।
2011 में शेखर पाठक को बतौर फ़ुट्बॉल कोच(जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम) तैनाती की गई थी। मगर ठीक से काम ना करने की वजह से शेखर को कोच पद से हटा दिया गया । इसी बदले की आग में आरोपी जवाहरलाल नेहरू स्टेडीयम गया, यहाँ की हर जगह से वो पहले से ही वाक़िफ़ था और फुटबॉल लीग मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम से सभी 12 खिलाड़ियों के मोबाइल फ़ोन और पर्स चोरी कर लिए।
खिलाड़ी जब क्लॉक रूम (ड्रेसिंग रूम )में आए तो उनको उनका सारा सामान बिखरा मिला। मामले की जानकारी लोधी कॉलोनी पुलिस को गई। मामले को गंभीरता लेते हुए, ए॰सी॰पी॰ कुलबीर सिंह की देखरेख और थाना एस. एच. ओ॰ सुनील ढाका की निगरानी टीम बनाई गई जिसमें सब इन्स्पेक्टर जितेन्द्र, एस.आई. करण सिंह, सिपाही विजय को शामिल किया गया। महीनों के प्रयासों के बाद, चोरी किए गए फोन में से एक का पता चला। फ़ोन की लोकेशन को ट्रैक किया गया और टीम ने छापेमारी की और एक चोरी के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले शख़्स का पता लगाया। पूछताछ पर शख़्स ने खुलासा किया कि आरोपी शेखर पाठक ने उसे वह फोन बेच दिया था और उसने शेखर पाठक को वही फोन वापस कर दिया क्योंकि आरोपी शेखर उस मोबाइल फोन ख़रीद के बिल नही दिखा पाया। पूछताछ के बाद आरोपी के बारे में पूरी जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने आरोपी के घर पर छापा मारा और उसके घर की तलाशी के दौरान 09 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए।
शेखर पर पहले भी दिल्ली के निज़ामुद्दीन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है। होटल द ओबेरॉय और द अशोका में रेस्टोरेंट मैनेजर के पद पर काम किया है और लायंस क्लब फुटबॉल टीम में भी 6 साल तक खेले है।



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