
- तीन आरोपी गिरफ्तार व 201 रोल चाइनीज मांझा बरामद.
- बिक्री के लिए सोशल नेटवर्किंग साइटों और वेबपेज मोनो काइट का उपयोग
नई दिल्ली : चाइनीज मांजा : अपराध शाखा की एंटी गैंगस्टर टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके नाम अली हसन (36) हर्षवर्धन खत्री (28), रितिक कुमार चौरसिया (24) हैं. इनकी गिरफ्तारी के साथ ही प्रतिबंधित चीनी मांझा की ऑनलाइन बिक्री के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. AGS ने ‘चीनी मांझा’ के कुल 201 रोल बरामद किए हैं.
सूचना टीम व कार्यवाही
दिल्ली में कई मौत मांजे की चपेट में आकर हो चुकी हैं. दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के मद्देनजर, जिसमें प्रतिबंधित ‘चीनी मांझा’ के उपयोग के कारण जानवर और पक्षी भी अपनी जान गंवा रहे हैं, अपराध शाखा को दिल्ली एनसीआर में ‘चीनी मांझा’ की बिक्री और डीलरों पर कड़ी नजर रखने का काम सौंपा गया था.
हवलदार सिपाही अमित कुमार को दिल्ली के मदनपुर खादर क्षेत्र में प्रतिबंधित चीनी मांझा की अवैध बिक्री खरीद के बारे में सूचना मिली थी.
इस गैंग के सदस्यों को पकड़ने के लिए ज्वाइंट सीपी एसडी मिश्रा व डीसीपी अमित गोयल द्वारा एसीपी नरेश कुमार की देखरेख में एक टीम का गठन किया गया जिसका नेतृत्व इन्स्पेक्टर पवन ने किया. जिसमें अजय सिंह, हवलदार रविंदर, हवलदार संदीप, हवलदार सिपाही अमित, हवलदार सिपाही बद्री प्रसाद, हवलदार सिपाही राहुल, सिपाही राधेश्याम, सिपाही मनीष और सिपाही अशोक शामिल थे.
सुचना के आधार पर दिल्ली के मदनपुर खादर इलाके में जाल बिछाया गया और रितिक चौरसिया को पकड़ लिया गया. शुरुआत में, उसने टीम को धोखा देने की कोशिश की, हालांकि उसकी दुकान की तलाशी के दौरान प्रतिबंधित ‘चीनी मांझा’ के 16 रोल बरामद किए गए.

आरोपी रितिक चौरसिया की निशानदेही पर एक अन्य आरोपी हर्षवर्धन खत्री को फरीदाबाद, हरियाणा से पकड़ा गया। उसके कब्जे से प्रतिबंधित चाइनीज मांझा के 69 रोल बरामद किए गए. वह प्रतिबंधित चाइनीज मांझा को ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन मोड के माध्यम से बेच रहा था.
इसके बाद आरोपी हर्षवर्धन खत्री की निशानदेही पर अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की गई और अली हसन को हरियाणा के फरीदाबाद जवाहर कालोनी से पकड़ा गया. इसके पास चाइनीज मांझा के 116 रोल बरामद किए गए. सभी आरोपी व्यक्ति आसानी से पैसा कमाने के लालच में इस अवैध कारोबार में लगे हुए थे.
आरोपी का प्रोफाइल
आरोपी रितिक चौरसिया दिल्ली के मदनपुर खादर में व्यापार में अधिक लाभ के लालच में चाइनीज मांझा ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन मोड के माध्यम से बेच रहा था।
आरोपी हर्षवर्धन खत्री फरीदाबाद, हरियाणा में रहकर फेसबुक और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया नेटवर्क का उपयोग कर रहा था और चीनी मांझा और पतंगबाजी वीडियो की कई तस्वीरें पोस्ट करता था। उसने एक वेबपेज ‘मोनो काइट’ बनाया और इच्छित खरीदार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसके द्वारा पोस्ट किए गए मोबाइल नंबर पर उससे संपर्क करते थे.
आरोपी अली हसन हरियाणा के फरीदाबाद में रहता है. यह फरीदाबाद, गुरुग्राम, दिल्ली/एनसीआर आदि क्षेत्रों में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा की आपूर्ति कर रहा था।
इस संबंध में धारा 188 आईपीसी और 5/15 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986, के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.


