
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के इस मौके पर लगातार 7वीं बार देश को संबोधित किया. पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए की. पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए की. उन्होंने कोरोना वॉरियर्स को नमन करते हुए कहा कि इस कोरोना के काल में कई परिवार प्रभावित हुए हैं. अपने भाषण में उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर, कोरोना संकट और आत्मनिर्भर भारत तक का आह्वान किया. इससे पहले उन्होंने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धाजंलि अर्पित की, अपने सरकारी आवास से निकलने के बाद वह सीधे राजघाट पहुंचे और बापू की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए. बता दें कि Covid-19 महामारी के साये में लाल किले पर आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोहों के लिए चार हजार से अधिक लोगों को आमंत्रित किया गया था जिनमें अधिकारी, राजनयिक और मीडियाकर्मी शामिल थे. इसके मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे.
लाल किले पर आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में हर साल काफी भीड़ रहती थी और अलग-अलग आयु वर्ग के लोग काफी उत्साह से इस कार्यक्रम में हिस्सा लेते थे, लेकिन इस वर्ष कोविड-19 महामारी के कारण निर्धारित सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए लोगों की संख्या कम रखी गई. पीएम मोदी ने करीब 1.30 घंटे तक भाषण दिया. जिसमें उन्होंने कोरोना संकट से लेकर आत्मनिर्भर भारत का खाका देश के सामने पेश किया.

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज देश के 74वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से चीन चेताते हुए कहा कि लेकिन LOC से लेकर LAC तक, देश की संप्रभुता पर जिस किसी ने आंख उठाई है, देश ने देश की सेना ने उसका उसी भाषा में जवाब दिया है. भारत की संप्रभुता का सम्मान हमारे लिए सर्वोच्च है. इस संकल्प के लिए हमारे वीर जवान क्या कर सकते हैं, देश क्या कर सकता है, ये लद्दाख में दुनिया ने देखा है. हमारे पड़ोसी देशों के साथ, चाहे वो हमसे ज़मीन से जुड़े हों या समंदर से, अपने संबंधों को हम सुरक्षा, विकास और विश्वास की साझेदारी के साथ जोड़ रहे हैं. पीएम मोदी का यह बयान बीते जून में लद्दाख में हुई घटना को देखते हुए अहम है. पीएम मोदी ने लद्दाख में भारतीय सैनिकों के साथ हुई चीन की झड़प के बाद यह पहला मौका है जब उन्होंने एलएएसी का जिक्र किया है. हालांकि इससे पहले वह लद्दाख में भी जाकर चीन को साफ-साफ चेता चुके हैं. लेकिन उन्होंने चीन का नाम नहीं लिया था. पीएम मोदी ने विश्व पटल पर भारत की महिमा बताते कहा की संयुक्त राष्ट्र में भारत की अस्थाई सदस्य्ता के लिए 184 देशों ने भारत का समर्थन किया है यह दर्शाता है की भारत का विश्व में प्रभुत्व बढ़ा है
देश को एक तोहफा देते हुए लाल किले के प्राचीर से नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन (National Digital Health Mission) की शुरुआत की. पीएम मोदी ने बताया कि इस योजना के तहत हर भारतवासी का अपना एक यूनिक आइडेंटिटी नंबर (Unique Identity Number) होगा. इस नंबर के अंतर्गत आपके स्वास्थ्य से जु़ड़ी सभाी जानकारियां इसमें शामिल रहेंगी. उन्होंने बताया कि इस योजना से हर देशवासी को एक तरह की सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि इस मिशन के अंतर्गत पर्सनल मेडिकल रिकॉर्ड और जांच सेंटर जैसे संस्थानों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लेकर आएंगे. उन्होंने कहा ऐसा इसलिए किया जा ताकि दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों तक चिकित्सकीय सुविधाएं पहुंचाई जा सकें.

पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश से एक बड़ी जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया है कि आज भारत में कोराना की एक नहीं, दो नहीं, तीन-तीन वैक्सीन इस समय टेस्टिंग के चरण में हैं. जैसे ही वैज्ञानिकों से हरी झंडी मिलेगी, देश की तैयारी उन वैक्सीन्स की बड़े पैमाने पर उत्पादन की भी तैयारी है. 74वें स्वंतत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर पर झंडा फहराने के बाद पीएम मोदी ने कोरोना संक्रमण का जिक्र करते हुए था कि देश का आज एक विशेष संकट से गुजर रहा है जिसकी वजह से यहां बच्चे भी नहीं आए हैं. उन्होंने कहा कि उन सभी डॉक्टर-नर्सों और कोरोना वारियर्स को देश नमन करता है जो इस बीमारी के चलते लोगों की सेवा कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि जब कोरोना शुरू हुआ था तब हमारे देश में कोरोना टेस्टिंग के लिए सिर्फ एक लैब थी आज देश में 1,400 से ज्यादा लैब हैं.
पीएम मोदी ने ऐलान किया है कि आज से देश में एक और बहुत बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है. ये है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन. नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, भारत के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति लेकर आएगा. आपके हर टेस्ट, हर बीमारी, आपको किस डॉक्टर ने कौन सी दवा दी, कब दी, आपकी रिपोर्ट्स क्या थीं, ये सारी जानकारी इसी एक हेल्थ आईडी में समाहित होगी.

गौरतलब है कि इस समय भारत में कोरोना वायरस के केसों की संख्या 24 लाख से ज्यादा पहुंच गई है. पूरी दुनिया में भारत में अब अमेरिका और ब्राजील के बाद तीसरे के बाद तीसरे नंबर पर है. भारत के लिए राहत वाली बात ये है कि यहां पर रिकवरी रेट 70 फीसदी से ज्यादा है और इस बीमारी से होने वाली मौतों की दर भी अन्य देशों की तुलना में कम है. हाल ही में रूस ने कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने का दावा किया है. लेकिन उसके दावे पर विश्व स्वास्थ्य संगठन और अमेरिका की ओर से विश्वास नहीं जताया जा रहा है. अब सारी उम्मीदें भारत पर एक बार फिर से टिक गई हैं क्योंकि इस भारत ने पहले भी कई बीमारियों की वैक्सीन बना चुका है.
पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के इस दशक में अब भारत को नई नीति और नई रीति के साथ ही आगे बढ़ना होगा. अब साधारण से काम नहीं चलेगा. हमारी नीति,प्रक्रिया,उत्पाद, सब कुछ सर्वश्रेष्ठ होना चाहिए. तभी हम एक भारत-श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार कर पाएंगे. आज भारत ने असाधारण समय में असंभव को संभव किया है. इसी इच्छाशक्ति के साथ प्रत्येक भारतीय को आगे बढ़ना है। वर्ष 2022, हमारी आजादी के 75 वर्ष का पर्व, अब बस आ ही गया है.
गौरतलब है कि इस साल जहां भारत चीन से आई बीमारी कोरोना वायरस से जूझ रहा है तो वहीं सीमा पर चीन की सेना पीएलए भी पैतरे दिखा रही है. 15-16 जून की रात भारतीय सैनिकों के साथ हुई झड़प में हमारे 20 योद्धाओं ने जान गंवा दी थी. वहीं सेना से जुड़े सूत्रों का दावा है कि चीन के भी बहुत सैनिक हताहत हुए हैं लेकिन चीन ने अपनी नाक बचाने के लिए इस संख्या को छिपा लिया है. इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच कई स्तर की बातचीत हो चुकी है लेकिन चीन की नीयति साफ नहीं दिख रही है. फिलहाल भारतीय सेना ने किसी भी पैंतरे को जवाब देने के लिए पूरा साजो-सामना सीमा पर इकट्ठा कर रखा है.

4वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने लाल किले के प्राचीर आत्मनिर्भर भारत का खांका पेश किया. देश के विकास के लिए उठाए जा रहे बड़े कदमों की जानकारी देते हुए पीएम मोदी ने देश की बेटियों को भी सलाम किया. पीएम मोदी ने कहा कि भारत में लड़कियों की शादी की उम्र को लेकर समीक्षा की जा रही है. उन्होंने बताया कि शादी के लिए सही उम्र क्या हो, इसके लिए कमेटियां बनाई गई हैं. उन्होंने कहा इसकी रिपोर्ट आते ही बेटियों की शादी की उम्र को लेकर सही फैसले किए जाएंगे.
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा भारत की महिलाओं का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा आज भारत में महिलाएं अंडरग्राउंड कोयला खदानों में काम कर रही हैं तो लड़ाकू विमानों से आसमान की बुलंदियों को भी छू रही हैं. देश के जो 40 करोड़ जनधन खाते खुले हैं, उसमें से लगभग 22 करोड़ खाते महिलाओं के ही हैं. कोरोना के समय में अप्रैल-मई-जून, इन तीन महीनों में महिलाओं के खातों में करीब-करीब 30 हजार करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए गए हैं.
पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में कहा कि एक लाख नए कैडेटों में एक तिहाई लड़कियां होंगी. लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘अब, 173 सीमावर्ती और तटीय जिलों में एनसीसी का विस्तार सुनिश्चित किया गया है. इस मिशन के तहत कैडेटों को विशेष प्रशिक्षण मिलेगा. इनमें से एक तिहाई लड़कियां होंगी.
पीएम मोदी ने आज कहा कि हम असाधारण लक्ष्य को लेकर असाधारण यात्रा पर निकलते हैं तो रास्ते में चुनौतियों की भरमार होती है और चुनौतियां भी असामन्य होती है. इतनी आपदाओं की बीच ही सीमा पर देश के सामर्थ्य को चुनौती देने के दुष्प्रयास हुए. लेकिन एलओसी से लेकर एलएसी तक देश की संप्रभुता पर जिस किसने आंख उठाई, हमारी सेना और जवानों ने उसका उसी की भाषा में जवाब दिया.
पीएम ने अपने संबोधन में आगे कहा, ‘भारत की संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरा देश एक जोश से भरा हुआ है. संकल्प से प्रेरित है. इस संकल्प के लिए हमारे जवान और देश क्या कर सकता है ये लद्दाख में दुनिया ने देख लिया है. मैं आज मातृभूमि पर न्यौछावर उन सभी वीर जवानों को आदर पूर्वक नमन करता हूं. आतंकवाद हो या विस्तारवाद भारत डटकर मुकाबला कर रहा है.’



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