in ,

1 December : अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़: दिल्ली पुलिस ने 1.5 करोड़ की संपत्ति और मादक पदार्थ जब्त किए

SHARE With Your Friends
दिल्ली पुलिस की एंटी गैंगस्टर स्क्वाड द्वारा गिरफ्तार मादक पदार्थों का सिंडिकेट

नई दिल्ली : #DrugSyndicateBusted : दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा (AGS) ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए उसके सरगना लोकेश ढींगरा उर्फ लोकी को गिरफ्तार किया है। इस अभियान में हाई-ग्रेड हाइड्रोपोनिक गांजा और अवैध संपत्तियां, जिनकी कुल कीमत 1.5 करोड़ रुपये है, जब्त की गईं। ड्रग तस्करी के इस नेटवर्क में डार्क वेब, इंटरनेट कॉलिंग ऐप्स और क्रिप्टोकरेंसी जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया।

ऑपरेशन का विवरण #DelhiPoliceAction

18 अक्टूबर 2024 को अपराध शाखा को जानकारी मिली कि एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट भारत में डार्क वेब #DarkWebCrackdown के जरिए गांजा आयात कर रहा है। जांच के दौरान आर.के. पुरम पोस्ट ऑफिस पर 1.5 किलोग्राम हाई-ग्रेड गांजा जब्त किया गया, जिसकी कीमत ₹1 करोड़ आंकी गई। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20/23/29 के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

जांच में यह भी पता चला कि विदेशी पोस्ट ऑफिस में 2 करोड़ रुपये मूल्य के और भी पार्सल ट्रांजिट में हैं। सिंडिकेट ने तीन महीनों में लगभग 48 किलोग्राम गांजा, जिसकी कुल कीमत 20–25 करोड़ रुपये थी, आयात किया। उन्होंने वाणिज्यिक मात्रा से कम मात्रा में गांजा मंगवाकर कानूनी खामियों का फायदा उठाया।

सिंडिकेट का कार्य करने का तरीका

यह गिरोह फर्जी सिम कार्ड, डिस्पोजेबल फोन, इंटरनेट कॉलिंग ऐप्स और क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करता था। ड्रग्स की तस्करी में लगे लोगों ने विदेशी पोस्ट ऑफिस जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर घुसपैठ की थी। फर्जी आईडी का इस्तेमाल करके पार्सल बुक किए जाते थे, जिन्हें ऐप्स के जरिए डिलीवर किया जाता था। नोएडा और गुरुग्राम के ग्राहकों तक यह ड्रग्स पहुंचाई जाती थीं।

गिरफ्तारी अभियान

जब्तियों के बाद गिरोह का सरगना लोकेश ढींगरा और उसके साथी विवेक उर्फ मुकुल और मंसर सिंह फरार हो गए। विवेक को नवंबर 2023 में थाईलैंड से लौटने पर गिरफ्तार कर लिया गया। लोकेश और मंसर को महीनों बाद गुरुग्राम के मेदावास इलाके के एक फ्लैट से गिरफ्तार किया गया। यह फ्लैट प्रीति चौला का था, जिसे भगोड़ों को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

29 नवंबर 2024 को लोकेश ढींगरा को एनडीपीएस एक्ट की धारा 3(1) के तहत गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया गया।

जब्त संपत्ति और कानूनी कार्रवाई

जांच में पता चला कि इस सिंडिकेट ने छोटे नकद जमा के जरिए अपनी अवैध कमाई को संपत्ति खरीदने में लगाया। कुल ₹1.5 करोड़ मूल्य की संपत्तियां जब्त की गई हैं। लोकेश ढींगरा पर पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं।

दिल्ली पुलिस की प्रतिबद्धता

इंस्पेक्टर अरविंद कुमार के नेतृत्व में और एसीपी नरेश कुमार की निगरानी में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। यह अभियान दिल्ली पुलिस की ‘ड्रग्स पर जीरो टॉलरेंस’ नीति की एक बड़ी उपलब्धि है।

दिल्ली पुलिस समाज को ड्रग्स के दुष्प्रभावों से बचाने और मादक पदार्थों के खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सफलता पुलिस की सतर्कता और समर्पण का प्रमाण है।

 

SHARE With Your Friends

30 November : दिल्ली पुलिस के SHO के बेटे की गुर्जर समाज को प्रेरित करने वाली शादी

1 December : गाजियाबाद पुलिसकर्मियों की स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक: 40% में हड्डियों और शुगर से जुड़ी बीमारियां