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7 APRIL : चाइनीज ऐप से अवैध लोन वसूली साइबर गैंग का पर्दाफाश

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कॉल सेंटर की आड़ में ऑनलाइन लोन देकर अवैध वसूली करने वाले 18 आरोपी

नई दिल्ली : अब तक की सबसे बड़ी ऑनलाइन ऋण धोखाधड़ी के मामले में नार्थ डिस्ट्रिक्ट के साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पकडे गए कॉल सेंटर को चलाने वालों ने अब तक सैंकड़ों लोगों से लोन के नाम पर अवैध वसूली की है। इस मामले में दिल्ली के संगम विहार में चल रहे एक कॉल सेंटर के 18 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। यह आरोपी DIOSCLES लोन की फ्रॉड एप के जरिये लोगों को धोखे से ऋण देने के नाम पर दुसरों के नाम और डेटा का गलत इस्तेमाल लिया करते थे।

नार्थ दिल्ली के साइबर थाने में एक शिकायत मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स (MHA) साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से प्राप्त हुई है। दिल्ली के मजनू का टीला सिविल लाइन नरेश भाटी ने अपनी शिकायत की उन्होंने बताया की मोबाइल पर एक महिला से एक कॉल मिला जिसने उन्हें धमकाया कि उनकी बेटी ने 3500 रुपए का ऋण लिया है, जिसे आपको लिंक के माध्यम से जमा करना होगा, अन्यथा आपकी बेटी की न्यूड फोटो वायरल हो जाएगी। उसके बाद, किसी ने उनकी बेटी की फोटो को अश्लील न्यूड फोटो बनाकर उनके WhatsApp नंबर पर भेज दिया। उनकी बेटी के लिए अश्लील आपत्तिजनक शब्द भी इस्तेमाल किया किये गए।

चाइनीज ऐप के जरिये लोन की अवैध वसूली गैंग का पर्दाफाश करने वाले पवन तोमर (SHO साइबर थाना नार्थ डिस्ट्रक्ट)

इस शिकायत के बाद एक साइबर पुलिस क टीम को तैनात किया गया। कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और मनी ट्रेल की तकनीकी जानकारी जुटाने के बाद उस नंबर का पता लगाया जिससे कॉल की जाती थी जो सांगम विहार क्षेत्र से चल रहा था।

5 अप्रेल को संगम विहार, दिल्ली के क्षेत्र में छापा मारा गया और एक लड़की रेणु को गिरफ्तार किया गया, जिसने बताया कि वह कॉल सेंटर में काम कर रही है, जो ईस्ट ऑफ़ कैलाश, दिल्ली में स्थित है। लड़की द्वारा दी गई जानकारी के बाद तत्काल टीम ने छापा मारा। वहां कॉल सेंटर मिला चलता हुआ मिला जिसमें उस समय लगभग 50 लोग काम कर रहे थे और स्टाफ से पूछताछ करने पर पता चला कि यह कई नामी फाइनेंस कंपनियों की आड़ में बहुत से कर्मचारी चीनी लोन फ्रॉड ऐप पर काम कर रही थे।

कुल 18 लोग जो चीनी ऐप पर लोन का काम करते थे जिन्हें मौके से गिरफ्तार किया गया है। पकडे गए इस रैकेट में 9 लड़कियां और 9 लड़के हैं। टीम मैनेजर अमित सरीता विहार, नई दिल्ली, का रहने वाला है उसे भी गिरफ्तार किया गया है।

कॉल सेंटर से बरामद साइबर क्राइम के उपकरण

जांच के दौरान आरोपी ने बताया कि उन्होंने लगभग 3 साल पहले मोहसिन खान से मिला था, जो दिल्ली के विभिन्न स्थानों में कॉल सेंटर में काम करता था। दोनों पहले बजाज और आईडीएफसी के ईएमआई ऋन रिमाइंड करवाने वाले कॉल सेंटर में काम कर रहे थे, उन्होंने इसकी आड़ में फर्जी चीनी लोन वसूली ऐप के कॉल सेंटर का भी धंधा शुरू कर दिया । अमित कॉल सेंटर कर्मचारियों के ऊपर मैनेजर के रूप में तैनात किया गया था। मोहसिन खान और उसकी महिला दोस्त फिरदौस इन फर्जी चीनी एप्स के लॉगिन आईडी और पासवर्ड जुटाती थी। कॉल सेंटर के कर्मचारी VOIP सिम बॉक्स गेटवे के माध्यम से कॉल करते थे, जो मोहसिन ने इंस्टॉल किए हुए थे, और रोजाना बदलते रहते थे ताकि पुलिस की कार्रवाई से बचा जा सकें। ऋण का भुगतान चीनी ऐप के दिए गए लिंक पर किया जाता था। और मोहसिन अपने ऊपर बैठे आकाओं से अपना कमीशन का हिस्सा प्राप्त करता था।

पुलिस ने इस छापे मारी के दौरान इनके डाटा सर्वर को अपने कब्जे में लेकर सारा डाटा अपने पास संरक्षित कर लिया यदि पुलिस को इस मामले में देरी हो जाती तो यह साइबर अपराधी इस सारे डाटा को पुलिस से बचने के लिए नष्ट कर सकते थे मोहसिन और फिरदोश की तलाश में नार्थ डिस्ट्रिक्ट साइबर थाने की टीम लगातार पंजाब में दबिश दे रही है।

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