
नई दिल्ली : अक्सर कहा जाता है दिल्ली पुलिस से पंगा मत लेना ! जिसने ऐसा किया उसका परिणाम रोहिणी कोर्ट में बदमाशों के सामने है । काफी लंबे समय से राजनीति और अफसरशाही ने पुलिस के हौसलों को बेदम किया हुआ था । बेऔकात के लोग भी पुलिस को औकात में रहने का तंज कसते थे । समय समय पर पुलिस के सही काम को भी चौतरफा आक्षेपों, आलोचनाओं से हतोत्साहित किया जाता है ।
किंतु दिल्ली पुलिस में जब से नये पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना के हांथो में कमान सौंपी गई है । तब से पुलिस विभाग में कुछ बदलाव ला कर नई जान फूंकने की कोशिश की जा रही है ।
आज दिल्ली पुलिस आयुक्त ने तीसरी बटालियन के तीन कर्मचारियों की बहादुरी पर इतनी जल्द आउट ऑफ टर्न (OTP) प्रमोशन करने के निर्देश दे डाले शायद ही पुलिस इतिहास में किसी ने किया हो ।
आज दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में एक घटनाक्रम के दौरान गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी, को कोर्ट में पेशी के दौरान जज के कमरे में गोली मार कर दी गई । दो हमलावर वकील के भेष में कोर्ट रूम में आये थे । पेशी के लिए लाए गए गोगी की सुरक्षा में लगे तीसरी बटालियन के तीन सुरक्षा कर्मियों ने हथियारों से लैस दो हमलावरों को आमने सामने के मुकाबले में ढेर कर दिया । इस फायरिंग में तीनों पुलिस के जवानों ने जांबाजी दिखाते हुए अपनी जान की परवाह किये बदमाशों का डट कर मुकाबला किया । सबसे खास बात यह है कि इस गोलीबारी में वहां मौजूद पब्लिक के लोगों को सुरक्षा देते हुए दोनों बदमाशों को मार गिराया ।
दिल्ली पुलिस की तीसरी बटालियन के इन जवानों के असाधारण बहादुरी के कार्य की दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना बहुत सराहना की।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने इस घटना का सारा ब्यौरा लेने के बाद तुरंत बैठक बुलाई और एएसआई वीर सिंह, सिपाही शक्ति सिंह, द्वारा उत्कृष्ट कार्य की जानकारी दी । उनकी बहादुरी के लिए मेज पर तालियों की गड़गड़ाहट से उन्हें सम्मानित किया गया। साथ यह घोषणा की गई कि तीनों को सर्वोच्च बहादुरी पुरस्कार से नवाजा जाएगा । यह घटना दिल्ली पुलिस के लिए मॉडल केस स्टडी होगी। तीसरी बटालियन के इन वीर जवानों को OTP आउट ऑफ टर्न (OTP) प्रमोशन देने की कवायद शुरू हो गई है ।
डीसीपी तीसरी बटालियन और एडीशनल सीपी 2 के द्वारा तीसरी बटालियन में पिछले 2 वर्षों में जो नए सुधार किए हैं उनके प्रबंधन व नेतृत्व के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने उनकी सराहना की है ।
पुलिस जवानों के उच्च मनोबल के साथ प्रबंधन की बारीकियों के परिणामस्वरूप यह प्रभावी कार्यवाही को अंजाम दे पाए हैं । इसके साथ ही दिल्ली पुलिस की प्रतिष्ठा को बचा पाए ।
रोहिणी कोर्ट में पुलिस के एक्शन के बाद कोई भी बदमाश अब पुलिस से ‘पंगा’ लेने की हिमाकत नही करेगा ।


