

रेलवे के कोरस कमांडो हाईजैक हुई ट्रैन पर कार्यवाही का प्रदर्शन करते हुए
देश में आतंकवादी हमलों से निपटने के लिए कई सुरक्षा एजेंसियाँ बनाई गई है। नौसेना का मार्कोस कमांडो , वायु सेना का पारा कमांडो, थल सेना के घातक, कोबरा, ब्लैक कैट कमांडो के अतिरिक्त कई मारक बल हैं जो किसी भी परिस्थिति में दुश्मन को नेस्तनाबूद कर सकते हैं।
भारतीय रेलवे ने भी कोरस (Commandos For Railway Secutiry) को अपने सुरक्षा के बेड़े में शामिल किया है। आतंकवादियों के हमले को विफल बनाने और किसी भी आपातकालीन परिस्तिथि में यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए इस फ़ोर्स का 2019 में रेल मंत्रालय ने गठन किया है।
रेल, वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल
माननीय रेल, वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज नई दिल्ली के स्टेट एंट्री रोड़ में भारतीय रेलवे के लिए ‘कोरस’ (रेल सुरक्षा के लिए कमांडो) की शुरूआत की
विध्वंसक शक्तियों से मिलने वाली चुनौतियों के मददेनज़र, रेल सुरक्षा बल में कोरस को सम्मिलित करने की योजना बनाई है । ‘कोरस’ बल को बेहतर और अत्याधुनिक उपकरण और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया गया है। इस यूनिट को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाएं प्रदान की जायेंगी । यह विशेष यूनिट किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने में सक्षम है ।
इस अवसर पर बोलते हुए रेल सुरक्षा बल के महानिदेशक, श्री अरूण कुमार ने कहा कि देश के एक कोने को दूसरे कोने को जोड़ने में रेलवे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है । रेल सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित रेलवे सुरक्षा बल से एक विशेष टास्क फोर्स की आवश्यकता महसूस की जा रही थी । वर्तमान में रेलवे ऐसी अनेक परियोजनाओं पर काम कर रही है जो सामरिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है । यह विशेष यूनिट ‘कोरस’ इन परियोजनाओं में आने वाली चुनौतियों के साथ-साथ रेलयात्रियों के समक्ष आने वाली कठिन परिस्थितियों से भी निपटने में सहयोगी होगी । कोरस के कमांडो प्रख्यात संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त हैं और किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने में सक्षम हैं । यह नई यूनिट रेल सुरक्षा को और अधिक मजबूत करेगी ।
कोरस’ कमांडो ( (Commandos For Railway Secutiry) की विशेषताएं।
• रेल परिचालन में होने वाली क्षति, रेल क्षेत्रों में होने वाले हमले/बंधक बनाए जाने/हाईजैक एव किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए विश्वस्तरीय कार्यबल तैयार करना ।
• न्यूनतम प्रभावी कार्यबल के सिद्धांत पर अमल करते हुए भारतीय रेलवे और इसके उपयोगकर्ताओं के लिए बेहतर सुरक्षा उपलब्ध कराई जायेगी ।
प्रमुख विशेषताएं
• रेल सुरक्षा बल/रेल सुरक्षा विशेष बल के इच्छुक एवं युवा कर्मचारियों को इस बल में शामिल करना ।
• 30-35 वर्ष की औसत आयु वाले जवानों से ‘कोरस’ सदैव युवा रहेगा ।
• ‘कोरस’ में शामिल होने के लिए उच्च शारीरिक मानक निर्धारित हैं ।
• वामपंथी उग्रवाद/बलवा/आंतकवाद प्रभावित रेल क्षेत्रों में इस कमांडो दस्ते की तैनाती की जायेगी ।
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