
नई दिल्ली : मुरादाबाद संसदीय सीट #Moradabad _Parliamentary_ Constituencyसे भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी और उत्तर प्रदेश के जाने-माने राजनीतिज्ञ कुंवर सर्वेश सिंह का दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया है। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और हाल ही में हुए मतदान में वे अपने मतदाताओं के बीच नहीं दिखाई दिए थे।
राजनीतिक यात्रा :
कुंवर सर्वेश सिंह ने अपने राजनीतिक करियर में पांच बार विधायक और एक बार सांसद के रूप में सेवा की। वे वर्ष 1991 में पहली बार विधायक बने और उन्होंने अपनी राजनीतिक विरासत को अपने बेटे कुंवर सुशांत सिंह को सौंपा, जो वर्तमान में मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र की बढ़ापुर विधानसभा सीट से विधायक हैं।
चुनावी इतिहास :
कुंवर सर्वेश सिंह ने 2014 के आम चुनाव में मुरादाबाद संसदीय सीट से जीत हासिल की थी, जबकि 2019 के चुनाव में वे सपा के डॉ. एस. टी. हसन से हार गए थे। उन्हें उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेताओं में से एक माना जाता था।
मुरादाबाद संसदीय सीट का महत्व:
मुरादाबाद संसदीय सीट अनारक्षित है और इसने विभिन्न चुनावों में अपनी राजनीतिक विविधता दिखाई है। 2009 में, इस सीट पर INC के मोहम्मद अजहरुद्दीन ने जीत हासिल की थी, जबकि 2014 में कुंवर सर्वेश सिंह ने भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी।
निधन पर शोक:
कुंवर सर्वेश सिंह के निधन पर राजनीतिक जगत सहित समूचे उत्तर प्रदेश में शोक की लहर है। उनके निधन से राज्य की राजनीति में एक शून्य पैदा हो गया है, जिसे भर पाना मुश्किल होगा। उनके परिवार और समर्थकों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की जा रही है।
मुरादाबाद लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार और पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश सिंह जी के असामयिक निधन से अत्यंत दुख हुआ है। वे अपने आखिरी पल तक जनसेवा और समाजसेवा के प्रति समर्पित रहे। उनका जाना पार्टी के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनके परिजनों को इस गहरे शोक को सहने…
— Narendra Modi (@narendramodi) April 20, 2024
आगे की राह:
कुंवर सर्वेश सिंह के निधन के बाद, उनकी सीट पर आगामी चुनावी प्रक्रिया और उनके उत्तराधिकारी के चयन पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। उनके बेटे कुंवर सुशांत सिंह के राजनीतिक भविष्य पर भी चर्चा हो रही है।


